Sarson Mandi Bhav 13 October 2026: देशभर की प्रमुख तिलहन मंडियों में रबी बुवाई सीजन की शुरुआत के साथ ही सरसों के दामों में जोरदार मजबूती देखने को मिल रही है। त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य तेलों की घरेलू मांग में इजाफा और तेल मिलों (क्रशर्स) की आक्रामक लिवाली के चलते राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में सरसों के भावों में तेजी का रुख कायम है। देश के सबसे बड़े सरसों उत्पादक राज्य राजस्थान की प्रमुख मंडियों में प्रीमियम क्वालिटी और बेहतर तेल प्रतिशत वाली सरसों की बोलियां नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। आगामी दिनों में मंडियों में दैनिक आवक और नई बुवाई के रुझान पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी, लेकिन वर्तमान माहौल किसानों और स्टॉक रखने वाले व्यापारियों के अनुकूल दिखाई दे रहा है।
Sarson Mandi Bhav 13 October 2026: राजस्थान की प्रमुख मंडियों के ताजा रेट
राजस्थान की अनाज मंडियों में सरसों की दैनिक आवक सीमित होने और स्थानीय तेल मिलों की मजबूत मांग से भावों को सीधा समर्थन मिल रहा है। हनुमानगढ़ जिले की प्रतिष्ठित नोहर कृषि उपज मंडी में अच्छी गुणवत्ता की सरसों का भाव ₹7,800 से ₹8,400 प्रति क्विंटल के दायरे में दर्ज किया गया है। इसी प्रकार, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ बेल्ट की गोलूवाला धान मंडी में सरसों ₹7,500 से ₹8,250 प्रति क्विंटल के स्तर पर बिकी है।
बीकानेर संभाग की प्रमुख श्रीडूंगरगढ़ मंडी में नई और पुरानी सूखी सरसों का भाव ₹6,800 से ₹7,500 प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार कर रहा है, जबकि पीली सरसों के सौदे भी इसी स्तर के आसपास देखे गए हैं। मंडियों में आढ़तियों का कहना है कि 42 प्रतिशत तेल वाली और कम नमी वाली सूखी सरसों को व्यापारी हाथों-हाथ ऊंचे प्रीमियम पर खरीद रहे हैं।
हरियाणा की सिरसा मंडी में गुणवत्ता के आधार पर बड़ा दायरा
पड़ोसी राज्य हरियाणा की अनाज मंडियों में भी सरसों के कारोबार में सक्रियता बनी हुई है। सिरसा मंडी में सरसों का भाव ₹5,000 से लेकर ₹8,200 प्रति क्विंटल के एक बड़े दायरे में दर्ज किया गया। भावों में यह बड़ा अंतर माल में नमी (मॉइस्चर) और दानों की गुणवत्ता पर आधारित है।
कमजोर, बारीक या अधिक नमी वाली सरसों के लॉट्स ₹5,000 से ₹6,000 प्रति क्विंटल के आसपास बिक रहे हैं, जबकि बोल्ड दाने और पूरी तरह सूखी उपज को खरीदार ₹8,000 प्रति क्विंटल से ऊपर के दाम दे रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान अपनी उपज को मंडी लाने से पूर्व अच्छी तरह सुखाकर और छानकर लाएं, जिससे उन्हें अपनी फसल का उच्चतम मूल्य मिल सके।
ग्वार, मूंगफली और बिहार की मंडियों में पीली सरसों का हाल
सरसों की इस तेजी का असर अन्य कृषि जिंसों पर भी सकारात्मक रूप से देखने को मिल रहा है। राजस्थान की मंडियों में ग्वार के भावों में सुधार दर्ज किया गया है, जबकि मूंगफली की नई आवक के बावजूद मांग का रुख स्थिर बना हुआ है। वहीं पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार की सहरसा मंडी में पीली सरसों (तोरिया/राई) के भाव ₹11,000 से ₹12,000 प्रति क्विंटल के ऐतिहासिक स्तर पर दर्ज किए गए हैं। स्थानीय स्तर पर पीली सरसों के तेल की विशेष मांग और सीमित उपलब्धता के चलते पूर्वी राज्यों में यह भारी प्रीमियम देखने को मिल रहा है।
मध्य प्रदेश की मंडियों में नरमी के संकेत
राजस्थान और हरियाणा की तुलना में मध्य प्रदेश के मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्रों की मंडियों में सरसों के भाव अपेक्षाकृत शांत और सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। सागर जिले की खुराई मंडी और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में सरसों के भाव ₹6,300 से ₹6,400 प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज किए गए हैं। मध्य प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन की भारी नई आवक और स्थानीय तेल मिलों की प्राथमिकता बदलने के कारण सरसों की लिवाली थोड़ी धीमी दर्ज की गई है।
Sarson Mandi Bhav 13 October 2026: किसानों और स्टॉक रखने वालों के लिए जरूरी कारोबारी सलाह
कृषि बाजार के जानकारों के अनुसार वर्तमान में सरसों के भावों में जो तेजी देखी जा रही है, वह मुख्य रूप से त्योहारी मांग और रबी बुवाई के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की आवश्यकता से प्रेरित है। जिन किसानों के पास पुराना स्टॉक सुरक्षित है, उन्हें बाजार की हर तेजी का लाभ उठाते हुए पूरी उपज एक बार में बेचने के बजाय किस्तों में (चरणबद्ध तरीके से) बेचने की रणनीति अपनानी चाहिए।
इसके अलावा, आने वाले सप्ताह में वैश्विक खाद्य तेलों के आयात शुल्क, अंतरराष्ट्रीय पाम ऑयल की चाल और रबी सीजन की कुल बुवाई का रकबा कीमतों को प्रभावित कर सकता है। किसान अपनी उपज का सौदा करने से पूर्व ‘ई-नाम’ (e-NAM) पोर्टल अथवा अपनी स्थानीय मंडी समिति के आधिकारिक सूचना पट्ट पर प्रदर्शित ताजा दैनिक दरों की पुष्टि अवश्य कर लें।
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