Gold Silver Prices 27 August 2026: 27 अगस्त 2026 को देश भर के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में अमेरिकी डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच कीमती धातुओं के भाव ऊंचे स्तरों के करीब स्थिर बने हुए हैं।
आगामी त्योहारी सीजन और वैवाहिक मांग के चलते खुदरा खरीदारों की सक्रियता में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वैश्विक स्तर पर सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस से ऊपर टिके रहने के कारण घरेलू हाजिर बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) दोनों पर कीमतों को मजबूत समर्थन मिल रहा है।
Gold Silver Prices 27 August 2026: दिल्ली, मुंबई और प्रमुख महानगरों में 24K और 22K सोने के दाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट (99.9% शुद्धता) सोने का भाव प्रति 10 ग्राम लगभग 1,62,800 से 1,63,000 रुपये के दायरे में कारोबार कर रहा है, जबकि आभूषण निर्माण के लिए सर्वाधिक प्रचलित 22 कैरेट सोने की दर 1,49,200 से 1,49,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,63,100 से 1,63,300 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,49,500 से 1,49,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर है।
दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों चेन्नई और हैदराबाद में स्थानीय मांग और फ्रेट चार्ज के कारण 24 कैरेट सोने की दरें 1,63,400 से 1,63,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास हैं। कोलकाता और बेंगलुरु में भी कीमतें राष्ट्रीय औसत के अनुरूप 1,62,900 से 1,63,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं।
चांदी की कीमतों में मजबूती: औद्योगिक मांग से चमकी सफेद धातु
चांदी के बाजार में भी मजबूती का माहौल है। दिल्ली और मुंबई के हाजिर बाजारों में चांदी का भाव प्रति किलोग्राम 2,45,000 से 2,46,500 रुपये के दायरे में चल रहा है। दक्षिण भारत के चेन्नई, कोयंबटूर और केरल के कुछ बाजारों में चांदी के दाम 2,60,000 से 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक दर्ज किए गए हैं।
वैश्विक स्तर पर चांदी प्रति औंस 68 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है। सौर ऊर्जा पैनल, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में औद्योगिक चांदी की बढ़ती मांग के चलते सफेद धातु में लंबी अवधि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। घरेलू वायदा बाजार (MCX) में भी सितंबर अनुबंधों में सक्रिय ट्रेडिंग देखने को मिल रही है।
वैश्विक आर्थिक संकेत और भारतीय रुपये का असर
बुलियन विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी ब्याज दर नीति को लेकर आने वाले संकेत और डॉलर इंडेक्स की चाल सोने-चांदी की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिकी डॉलर के नरम पड़ने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की आकर्षण क्षमता में इजाफा हुआ है।
इसके अतिरिक्त, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर भी घरेलू कीमतों को सीधे प्रभावित करती है। भारत अपनी सोने की अधिकांश खपत आयात के जरिए पूरी करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों के साथ-साथ आयात शुल्क और जीएसटी (3%) के जुड़ने से अंतिम खुदरा मूल्य तय होता है।
Gold Silver Prices 27 August 2026: त्योहारी खरीदारी और निवेशकों के लिए जरूरी परामर्श
रक्षाबंधन और आगामी पर्वों के मद्देनजर सर्राफा बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। आभूषण विक्रेताओं का कहना है कि उच्च कीमतों के बावजूद लोग हल्के वजन की ज्वैलरी, 22 कैरेट आभूषण, सोने-चांदी के सिक्के और बार की नियमित खरीदारी कर रहे हैं।
सर्राफा विशेषज्ञों की सलाह है कि भौतिक सोना खरीदते समय बीआईएस हॉलमार्किंग (BIS 6-Digit HUID) की जांच अवश्य करें। लंबी अवधि के वे निवेशक जो मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की लागत से बचना चाहते हैं, वे डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) अथवा गोल्ड व सिल्वर ईटीएफ (ETF) के माध्यम से व्यवस्थित निवेश (SIP) का विकल्प चुन सकते हैं।
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