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Sugar Price Hike : Blinkit-BigBasket समेत कई प्लेटफॉर्म पर खरीद की लिमिट, जानें कितना खरीद सकते हैं

Sugar Price Hike : Blinkit-BigBasket समेत कई प्लेटफॉर्म पर खरीद की लिमिट, जानें कितना खरीद सकते हैं
Sugar Price Hike

सारांश

  • Sugar Price Hike : चीनी के बढ़ते दाम ने आम घरों के रसोई बजट को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
  • सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 20 जुलाई 2026 को चीनी की औसत कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी।
  • कुछ रिपोर्टों के अनुसार DMart और Reliance जैसे रिटेलर्स ने प्रति ग्राहक करीब दो से तीन किलो चीनी की खरीद सीमा तय की है।
  • आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य तैयारियों के लिए चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है।

Sugar Price Hike : चीनी के बढ़ते दाम ने आम घरों के रसोई बजट को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। एक महीने पहले जहां चीनी औसतन 48 रुपये प्रति किलो के आसपास मिल रही थी, वहीं 26 अगस्त को ऑल-इंडिया औसत खुदरा कीमत 65.05 रुपये प्रति किलो पहुंच गई।

सप्लाई को लेकर चिंता और त्योहारों से पहले मांग बढ़ने के बीच अब Blinkit, BigBasket, Zepto और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कई इलाकों में चीनी खरीद पर सीमा लगा रहे हैं। DMart और Reliance Retail जैसे बड़े स्टोरों ने भी कुछ जगहों पर प्रति ग्राहक खरीद की मात्रा तय कर दी है। बाजार में फिलहाल स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति नहीं बताई जा रही, फिर भी खरीदारों को जरूरत के हिसाब से ही खरीदने की सलाह दी जा रही है।

Sugar Price Hike : चीनी के दाम में कितनी आई तेजी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 20 जुलाई 2026 को चीनी की औसत कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी। 20 अगस्त तक यह बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई। यानी एक महीने में करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। 26 अगस्त तक औसत खुदरा भाव 65.05 रुपये प्रति किलो पहुंच चुका है। थोक बाजार में भी चीनी करीब 60.36 रुपये प्रति किलो बिक रही है। एक महीने पहले थोक भाव लगभग 45 रुपये प्रति किलो था। इन आंकड़ों से साफ है कि कीमतों में लगातार दबाव बना हुआ है।

प्लेटफॉर्म पर खरीद की सीमा क्या है

खरीद की लिमिट हर प्लेटफॉर्म और इलाके में अलग-अलग लागू की गई है। दिल्ली-एनसीआर में Blinkit पर कुछ ब्रांड के 5 किलो वाले पैक की खरीद एक पैक प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित बताई जा रही है। BigBasket पर कुछ ब्रांड की खरीद अधिकतम छह एक किलो पैक तक रखी गई है। Swiggy Instamart के कुछ इलाकों में एक ब्रांड के सिर्फ दो एक किलो पैक खरीदे जा सकते हैं जबकि दूसरे ब्रांड के चार 5 किलो पैक तक की अनुमति है। Zepto ने भी स्टॉक संभालने के लिए इसी तरह की सीमाएं लगाई हैं। ये सीमाएं उपलब्धता बनाए रखने के मकसद से लागू की गई हैं।

Sugar Price Hike : DMart और Reliance ने क्यों तय की सीमा

कुछ रिपोर्टों के अनुसार DMart और Reliance जैसे रिटेलर्स ने प्रति ग्राहक करीब दो से तीन किलो चीनी की खरीद सीमा तय की है। इसका उद्देश्य उपलब्ध स्टॉक को ज्यादा समय तक संभालना और एक साथ बड़ी मात्रा में खरीदारी से होने वाली कमी से बचना है। एक बड़े चीनी ब्रांड के अधिकारी ने कहा है कि फिलहाल बाजार में स्टॉक खत्म होने जैसी कोई स्थिति नहीं है। फिर भी खुदरा स्तर पर सावधानी बरती जा रही है ताकि आम उपभोक्ताओं को नियमित सप्लाई मिलती रहे।

उत्पादन और खपत का गणित

चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता की एक बड़ी वजह उत्पादन और खपत के बीच का अंतर है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन यानी ISMA के अनुमान के मुताबिक 2025-26 मार्केटिंग ईयर में एथेनॉल के लिए डायवर्जन के बाद नेट चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रह सकता है। सीजन की शुरुआत में करीब 50 लाख टन ओपनिंग स्टॉक था। सालाना घरेलू खपत 280 से 285 लाख टन आंकी गई है। सितंबर के आखिर तक क्लोजिंग स्टॉक करीब 35 लाख टन रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा सामान्य से कम माना जा रहा है।

Sugar Price Hike : त्योहारों से पहले बढ़ सकता है दबाव

आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य तैयारियों के लिए चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों पर और दबाव पड़ने की संभावना बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल खरीदारों को जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करनी चाहिए। अलग-अलग इलाकों और प्लेटफॉर्म पर सीमाएं बदल सकती हैं इसलिए ऑर्डर करने से पहले ऐप पर उपलब्ध मात्रा चेक कर लेना बेहतर रहेगा। अनावश्यक जमाखोरी से बचना चाहिए ताकि सभी को पर्याप्त मात्रा मिल सके।

चीनी के बढ़ते दाम और खरीद सीमाएं आम उपभोक्ताओं के लिए नई चुनौती बनकर emerg रही हैं। पिछले एक महीने में कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी और त्योहारों से पहले मांग का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। प्लेटफॉर्म और रिटेल स्टोर उपलब्ध स्टॉक को संभालने के लिए सीमाएं लगा रहे हैं। उत्पादन अनुमान और खपत के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि सितंबर अंत तक स्टॉक स्तर सामान्य से कम रह सकता है। ऐसे में जरूरत के अनुसार खरीदारी करना और बाजार की स्थिति पर नजर रखना ही व्यावहारिक तरीका है। कीमतों में स्थिरता आने तक उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी होगी।

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लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

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