Gold Silver Prices 26 August 2026: 28 अगस्त 2026 को देश के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर खरीदारों और निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों के असर से बुलियन मार्केट में स्थिरता के साथ मजबूती का रुख देखा जा रहा है।
घरेलू स्तर पर आगामी त्योहारी और वैवाहिक सीजन के चलते भौतिक सोने व चांदी की मांग में निरंतर सुधार हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमैक्स पर सोना 4,650 से 4,680 डॉलर प्रति औंस और चांदी 68 से 69 डॉलर प्रति औंस के मजबूत दायरे में कारोबार कर रही है, जिससे भारतीय हाजिर बाजार और वायदा कारोबार (MCX) को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।

Gold Silver Prices 26 August 2026: 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का ताजा भाव

देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट (99.9% शुद्धता) सोने का भाव प्रति 10 ग्राम लगभग 1,62,400 रुपये से 1,63,150 रुपये के दायरे में दर्ज किया गया है। वहीं, आभूषण निर्माण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त और लोकप्रिय 22 कैरेट सोने की कीमत 1,48,900 रुपये से 1,49,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास स्थिर बनी हुई है।
महानगरों की बात करें तो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना 1,62,700 रुपये से 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय परिवहन खर्च, चुंगी शुल्क और राज्यस्तरीय करों के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है।

चांदी की कीमतों में मजबूती: औद्योगिक और खुदरा मांग का समर्थन

सफेद धातु यानी चांदी के बाजार में भी मजबूत रुझान जारी है। देश भर में 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 2,43,000 रुपये से 2,46,200 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार कर रहा है। दिल्ली और मुंबई के प्रमुख बाजारों में यह दर 2,45,000 रुपये से 2,46,500 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई है।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग, सोलर पैनल्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में बढ़ती वैश्विक औद्योगिक खपत के चलते चांदी में लंबी अवधि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। इसके अलावा त्योहारी सीजन के मद्देनजर चांदी के सिक्कों और पूजा बर्तनों की खरीदारी में भी तेजी देखी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार संकेत और भारतीय रुपये का प्रभाव

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, ब्याज दरों के दृष्टिकोण और डॉलर इंडेक्स की कमजोरी के चलते कीमती धातुओं को सुरक्षित निवेश का मजबूत सहारा मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक गतिविधियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बीच निवेशक सोने को हेजिंग टूल के रूप में प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारत अपनी सोने की अधिकांश मांग आयात के माध्यम से पूरी करता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दरों के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर अंतिम खुदरा मूल्य को सीधे प्रभावित करती है। रुपये में मामूली उतार-चढ़ाव भी आयात लागत को घटा या बढ़ा देता है।

Gold Silver Prices 26 August 2026: खरीदारी और निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सर्राफा विशेषज्ञों की सलाह है कि भौतिक आभूषण खरीदते समय हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा अनिवार्य 6-डिजिट वाले HUID हॉलमार्क की जांच अवश्य करें। खुदरा आभूषणों के अंतिम बिल में मूल धातु मूल्य के अतिरिक्त 3% जीएसटी और ज्वेलर द्वारा निर्धारित मेकिंग चार्ज जुड़ता है।
जो निवेशक शुद्ध रूप से निवेश के उद्देश्य से सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं, वे मेकिंग चार्ज और सुरक्षा-भंडारण की चिंता से बचने के लिए डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ (ETF) या सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। खरीदारी से पूर्व स्थानीय विश्वसनीय ज्वेलर्स अथवा आधिकारिक एसोसिएशन के ताजा रेट्स की पुष्टि अवश्य कर लें।

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