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Mosquito Repellent Plants: बालकनी में लगाएं ये हर्बल प्लांट्स, प्राकृतिक रूप से मिलेगी मच्छरों और कीटों से राहत

Mosquito Repellent Plants

सारांश

  • Mosquito Repellent Plants: मानसून और पोस्ट-मॉनसून के मौसम में शाम ढलते ही मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है।
  • लैवेंडर अपने खूबसूरत बैंगनी फूलों और तनाव कम करने वाली भीनी-भीनी सुगंध के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
  • पुदीने को बालकनी के हैंगिंग पॉट्स या चौड़े गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है।
  • विशेष रूप से 'टैगेट्स' प्रजाति के गेंदे के पौधे मच्छरों के साथ-साथ गार्डन में सब्जियों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को भी दूर रखते हैं।

Mosquito Repellent Plants: मानसून और पोस्ट-मॉनसून के मौसम में शाम ढलते ही मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। बालकनी, छत या आंगन में बैठकर चाय की चुस्की लेना या ताजी हवा का आनंद लेना मच्छरों की भनभनाहट के कारण मुश्किल हो जाता है। रासायनिक मच्छर भगाने वाले कॉइल और लिक्विड वेपोराइजर के धुएं से होने वाली एलर्जी व सांस की तकलीफ से बचने के लिए कई लोग प्राकृतिक और इको-फ्रेंडली विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कुछ खास औषधीय और सुगंधित पौधों में पाए जाने वाले प्राकृतिक एसेंशियल ऑयल्स और उनकी तेज गंध मच्छरों के सेंसरी रिसेप्टर्स को भ्रमित कर उन्हें दूर रखने में काफी मददगार साबित होती है। अपनी बालकनी, खिड़की की चौखट या लिविंग एरिया में इन 7 पौधों को लगाकर न केवल हरियाली और खुशबू बढ़ाई जा सकती है, बल्कि मच्छरों के आतंक से भी काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

Mosquito Repellent Plants: सिट्रोनेला ग्रास: प्राकृतिक रिपेलेंट का सबसे प्रमुख स्रोत

सिट्रोनेला का इस्तेमाल अधिकांश हर्बल मॉस्किटो रिपेलेंट स्प्रे, लोशन और अगरबत्तियों में मुख्य घटक के रूप में किया जाता है। इस पौधे की पत्तियों से निकलने वाली विशिष्ट सिट्रस (नींबू जैसी) खुशबू मच्छरों को बिल्कुल पसंद नहीं आती।

इसे बालकनी में बड़े गमले में लगाना बेहद आसान है। इसे भरपूर धूप और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। जब भी बालकनी में बैठें, इसकी पत्तियों को उंगलियों से हल्का सा मसल दें, जिससे वातावरण में तेज प्राकृतिक तेल की महक फैल जाती है और मच्छर उस क्षेत्र से दूर भागते हैं।

लैवेंडर: मनमोहक बैंगनी फूल, मानसिक शांति और मच्छररोधी गुण

लैवेंडर अपने खूबसूरत बैंगनी फूलों और तनाव कम करने वाली भीनी-भीनी सुगंध के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लैवेंडर के पौधे में ‘लिनालूल’ (Linalool) नामक प्राकृतिक यौगिक होता है, जो मच्छरों और छोटे कीटों को दूर रखने में अत्यधिक प्रभावी माना जाता है।

इसे घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा वाली खिड़की या बालकनी में रखना सबसे अच्छा होता है जहां पर्याप्त धूप आती हो। यह पौधा आपके घर की सजावट को एक प्रीमियम लुक देने के साथ-साथ प्राकृतिक एयर फ्रेशनर का काम भी करता है।

तुलसी: औषधीय गुणों से भरपूर और पर्यावरण रक्षक

सनातन परंपरा में पूजनीय तुलसी का पौधा हर भारतीय घर के आंगन या बालकनी में पाया जाता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, श्यामा या रामा तुलसी के पत्तों में पाए जाने वाले ‘यूजेनॉल’ और ‘कैम्फोर’ जैसे तत्व मच्छरों और लार्वा को पनपने से रोकते हैं।

खिड़कियों और मुख्य दरवाजों के पास तुलसी का गमला रखने से बाहरी मच्छरों के घर में प्रवेश की संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही इसकी पत्तियों का नियमित उपयोग चाय और काढ़े में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी किया जाता है।

पुदीना और पिपरमिंट: ताजगी भरी महक और बहुआयामी उपयोग

पुदीना एक बेहद तेजी से बढ़ने वाला और कम देखभाल मांगने वाला हर्बल प्लांट है। इसमें मौजूद ‘मेन्थॉल’ की तेज और तीखी महक मच्छरों, मक्खियों और चींटियों को दूर भगाने में कारगर होती है।

पुदीने को बालकनी के हैंगिंग पॉट्स या चौड़े गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है। इसे आंशिक धूप और नियमित नमी की आवश्यकता होती है। मच्छरों से सुरक्षा देने के साथ-साथ यह रसोई में ताजी चटनी और पेय पदार्थों के लिए वर्षभर उपलब्ध रहता है।

रोजमेरी: एरोमैटिक हर्ब और प्राकृतिक सुरक्षा कवच

रोजमेरी एक सुई जैसी पत्तियों वाला सुगंधित पौधा है, जो भूमध्यसागरीय जलवायु में पनपता है। इसकी पत्तियों से निकलने वाली काष्ठीय और ताजा सुगंध मच्छरों के लिए एक प्राकृतिक अवरोधक का कार्य करती है।

रोजमेरी को सूखी, रेतीली मिट्टी और तेज धूप पसंद होती है। गमले में ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए। सजावटी लुक के साथ-साथ इसका उपयोग विभिन्न पकवानों में हर्ब के तौर पर भी खूब किया जाता है।

गेंदा (मैरीगोल्ड): चमकीले फूल और कीट नियंत्रक क्षमता

गेंदे के पीले और नारंगी फूल न केवल बगिया को रंग-बिरंगा बनाते हैं, बल्कि इसकी जड़ों और पत्तियों में ‘पायरेथ्रम’ (Pyrethrum) जैसा यौगिक होता है, जिसका उपयोग कीट नियंत्रण दवाओं में किया जाता है।

विशेष रूप से ‘टैगेट्स’ प्रजाति के गेंदे के पौधे मच्छरों के साथ-साथ गार्डन में सब्जियों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को भी दूर रखते हैं। बालकनी की रेलिंग पर गेंदे के गमले लगाने से मच्छरों का प्रवेश नियंत्रित रहता है।

कैटनिप (नेपेटा कैटेरिया): शक्तिशाली प्राकृतिक यौगिक

शोधों में पाया गया है कि कैटनिप में पाया जाने वाला प्राकृतिक तेल ‘नेपेटालैक्टोन’ (Nepetalactone) मच्छरों को भगाने में रासायनिक डीट (DEET) से भी कई गुना अधिक प्रभावी हो सकता है।

इसे बालकनी में गमलों में आसानी से उगाया जा सकता है। यदि आपके घर में पालतू बिल्ली है, तो यह पौधा उनके मनोरंजन और मानसिक सुकून के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है।

Mosquito Repellent Plants: पौधों के साथ इन सावधानियों का पालन भी है जरूरी

यद्यपि ये पौधे मच्छरों को दूर रखने में प्राकृतिक सहायता प्रदान करते हैं, किंतु इन्हें संक्रमण से बचाव का एकमात्र सुरक्षा उपाय नहीं माना जाना चाहिए। पूर्ण सुरक्षा के लिए गमलों की निचली प्लेटों, कूलरों और नालियों में पानी जमा न होने दें।

खिड़कियों पर बारीक जाली लगाना, रात में मच्छरदानी का उपयोग करना और पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनना डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए अनिवार्य है। पौधों की सही छंटाई और धूप-पानी का उचित संतुलन बनाए रखने से वे लंबे समय तक हरे-भरे रहकर घर को सुरक्षित बनाते हैं।

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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