धनतेरस को खरीदारी का सबसे शुभ दिन माना जाता है। 2026 में धनतेरस 6 नवंबर को है। इस दिन बाजारों में भारी भीड़ होती है और हर दुकान पर ऑफर दिखते हैं। बिना योजना के खरीदारी करने पर अक्सर बजट से कहीं ज्यादा खर्च हो जाता है। जानिए धनतेरस खरीदारी बजट कैसे बनाएं।
पहले कुल बजट तय करें
सबसे पहले तय करें कि धनतेरस पर कुल कितना खर्च करना है। यह रकम आपकी बचत, त्योहार का बोनस और आने वाले महीनों के खर्च को ध्यान में रखकर तय करें। दिवाली के बाकी खर्च, जैसे मिठाई, उपहार, सजावट और यात्रा के लिए भी पैसा अलग रखें।

परंपरा की चीजें
परंपरा में धनतेरस पर कुछ चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। इनमें से कई चीजें कम बजट में भी आ जाती हैं:
- स्टील, पीतल या तांबे का कोई बर्तन
- झाड़ू
- चांदी का सिक्का या छोटी चीज
- सोने का छोटा सिक्का या गहना, अगर बजट हो
- धनिये के बीज, जिन्हें कई परिवार पूजा के लिए खरीदते हैं
- दीये और पूजा का सामान
परंपरा में खरीदारी की मात्रा नहीं, भाव अहम है।
जरूरत की बड़ी खरीद
बहुत से लोग धनतेरस पर वाहन, फ्रिज, टीवी या फर्नीचर जैसी बड़ी चीजें भी खरीदते हैं। ऐसी खरीद तभी करें, जब उसकी सच में जरूरत हो और पहले से योजना बनी हो।
- दो-तीन दुकानों या वेबसाइटों पर कीमत की तुलना करें
- ऑफर की शर्तें, जैसे कैशबैक कब मिलेगा, पढ़ें
- डिलीवरी और इंस्टॉलेशन की तारीख पक्की करें
- वारंटी और सर्विस सेंटर की जानकारी लें
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सूची बनाएं
घर से निकलने से पहले एक सूची बनाएं, जिसमें हर चीज के आगे अनुमानित रकम लिखी हो। दुकान में अचानक पसंद आई चीजों को सूची से बाहर रखें, या सोचें कि क्या उनके लिए सूची से कोई और चीज हटाई जा सकती है।
भुगतान का तरीका
- बड़ी रकम के लिए डिजिटल भुगतान या कार्ड से भुगतान रिकॉर्ड रखने में मदद करता है
- नो-कॉस्ट EMI में प्रोसेसिंग फीस और छिपी शर्तें जरूर पढ़ें
- क्रेडिट कार्ड से खर्च करें, तो बिल समय पर पूरा चुकाने की योजना पहले बनाएं
- भीड़ में ज्यादा नकदी लेकर न चलें
सावधानियां
- सोने-चांदी पर हॉलमार्क और पक्का बिल लें
- बर्तन खरीदते समय धातु और वजन की जानकारी बिल में लिखवाएं
- भीड़ में जेब और बैग का ध्यान रखें
- सोशल मीडिया पर बहुत सस्ते ऑफर वाले लिंक से बचें
- खराब सामान या धोखाधड़ी की शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर करें
खरीदारी के बाद
सभी बिल एक जगह संभालकर रखें। घर लौटकर कुल खर्च जोड़ें और देखें कि बजट के भीतर रहे या नहीं। अगले साल के लिए यह अनुभव काम आएगा।
क्या धनतेरस पर कुछ भी न खरीदें तो अशुभ है?
नहीं। यह परंपरा शुभ शुरुआत का प्रतीक है, अनिवार्य नियम नहीं। बजट न हो, तो पूजा और दीपदान ही इस दिन का सबसे बड़ा भाव है।
स्रोत: राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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