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Bihar Flood : नेपाल बाढ़ का असर बिहार में, गंडक बैराज के 36 गेट खुले, जानें कितना बड़ा खतरा

Bihar Flood : नेपाल बाढ़ का असर बिहार में, गंडक बैराज के 36 गेट खुले, जानें कितना बड़ा खतरा
Bihar Flood

सारांश

  • Bihar Flood : नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार की गंडक नदी पर साफ दिखने लगा है।
  • नेपाल से आने वाले पानी की वजह से गंडक नदी में जलप्रवाह काफी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
  • नेपाल से अचानक बढ़े पानी का दबाव कम करने के लिए वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं।
  • फिलहाल इसे तुरंत बड़े पैमाने की बाढ़ मानना जल्दबाजी होगी। नेपाल से आने वाला पानी बिहार तक पहुंचने के दौरान कई स्तरों से गुजरता है।

Bihar Flood : नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार की गंडक नदी पर साफ दिखने लगा है। रसुवा इलाके से बड़ी मात्रा में पानी आने के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। बुधवार रात बैराज से करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नेपाल से आ रहा यह पानी बिहार में कितना कहर मचा सकता है। जलप्रवाह की मात्रा, बैराज की क्षमता और प्रभावित जिलों की स्थिति को समझना जरूरी हो गया है।

Bihar Flood : गंडक में कितना पानी पहुंचने की आशंका

नेपाल से आने वाले पानी की वजह से गंडक नदी में जलप्रवाह काफी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कुछ आकलनों में नदी में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी पहुंचने की बात कही गई है। इसी कारण नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। नीचे की ओर बढ़ते समय पानी का पीक फ्लो कम भी हो सकता है। इसलिए वास्तविक खतरा अगले कुछ घंटों के बहाव और पानी की मात्रा पर निर्भर करेगा।

बैराज की क्षमता और तेज करंट की चिंता

वाल्मीकिनगर गंडक बैराज को करीब 8.5 लाख क्यूसेक पानी के दबाव को झेलने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। तीन से चार लाख क्यूसेक पानी आने की स्थिति में फिलहाल बैराज पर तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा। असली चिंता नदी के तेज करंट को लेकर है। पानी का बहाव तेज होने पर नदी में उतरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दे रहा है।

Bihar Flood : किन जिलों पर सबसे ज्यादा नजर

नेपाल से आने वाले पानी का पहला असर गंडक के आसपास के इलाकों में पड़ने की आशंका है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जैसे जिलों पर खास निगरानी रखी जा रही है। कुछ रिपोर्टों में सीतामढ़ी और शिवहर को भी हाई अलर्ट में शामिल बताया गया है। जलस्तर तेजी से बढ़ने पर निचले इलाकों में पानी फैलने और कटाव का खतरा बढ़ सकता है।

बैराज के सभी गेट क्यों खोले गए

नेपाल से अचानक बढ़े पानी का दबाव कम करने के लिए वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। इसका उद्देश्य अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से आगे निकालना है। बैराज पर मुख्यालय स्तर से तकनीकी टीम भी भेजी गई है। गंडक नदी बेसिन के जिलों को चेतावनी जारी की गई है ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।

Bihar Flood : प्रशासन की तैयारियां और राहत कार्य

हालात को देखते हुए बिहार प्रशासन ने अलर्ट जारी कर रखा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

अभी कितना बड़ा खतरा माना जा रहा है

फिलहाल इसे तुरंत बड़े पैमाने की बाढ़ मानना जल्दबाजी होगी। नेपाल से आने वाला पानी बिहार तक पहुंचने के दौरान कई स्तरों से गुजरता है। पानी की मात्रा, नदी का बहाव और बैराज की स्थिति तय करेगी कि असर कितना बड़ा होगा। खतरे को हल्के में भी नहीं लिया जा रहा। जलप्रवाह बढ़ चुका है और एहतियाती कदम शुरू हो चुके हैं।

Bihar Flood : अगले कुछ घंटे क्यों हैं अहम

गंडक किनारे बसे इलाकों के लिए अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जलस्तर में कोई भी अचानक बदलाव स्थिति को बदल सकता है। प्रशासन 24 घंटे निगरानी रखे हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। समय रहते सही जानकारी और सतर्कता से नुकसान कम किया जा सकता है।

नेपाल की बाढ़ का असर बिहार की गंडक नदी पर साफ दिखने लगा है। वाल्मीकिनगर बैराज के 36 गेट खोलकर 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तीन से चार लाख क्यूसेक पानी पहुंचने की आशंका है लेकिन बैराज की क्षमता इससे अधिक है। असली चिंता तेज करंट को लेकर है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन अलर्ट है और राहत टीमें सक्रिय हैं। अगले कुछ घंटे की निगरानी तय करेगी कि स्थिति कितनी गंभीर होती है। लोगों को सतर्क रहकर आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए।

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लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

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