Anaj Mandi Bhav 13 October 2026: देशभर की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को प्रमुख खाद्यान्नों—गेहूं, धान, चावल, मक्का और विभिन्न दलहनों—के दामों में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन के चलते मिलर्स और थोक व्यापारियों की ओर से निरंतर उठाव बना हुआ है, जबकि खरीफ फसलों की नई आवक के प्रभाव से कुछ जिंसों में हल्का दबाव दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान की कृषि उपज मंडियों में किसानों और आढ़तियों की नजरें ताजा बोली और दैनिक आवक पर टिकी हुई हैं। स्थानीय परिवहन लागत, माल में नमी के स्तर और गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग कृषि मंडियों में दरों में अंतर स्वाभाविक है, इसलिए अंतिम सौदे से पूर्व स्थानीय मंडी समिति के रेट बोर्ड की जांच करना आवश्यक है।
Anaj Mandi Bhav 13 October 2026: गेहूं की मंडियों में मजबूती, 2500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक बोली
उत्तर भारत की प्रमुख मंडियों में गेहूं की दैनिक आवक सामान्य स्तर पर बनी हुई है। आटा मिलों और थोक खरीदारों की निरंतर मांग के चलते ज्यादातर मंडियों में गेहूं का थोक भाव ₹2,500 से ₹3,000 प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार कर रहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश की मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाले शरबती और लोकवन गेहूं के लिए व्यापारियों द्वारा प्रीमियम भाव दिया जा रहा है।
मिल क्वालिटी वाले सामान्य गेहूं की कीमतें ₹2,500 से ₹2,700 प्रति क्विंटल के बीच टिकी हैं, जबकि उच्च ग्रेड वाले सूखे और बोल्ड दानों के लिए बोली ₹3,000 प्रति क्विंटल के स्तर को छू रही है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे माल लाते समय दानों की सफाई और नमी के मानकों का विशेष ध्यान रखें ताकि उन्हें अधिकतम मूल्य प्राप्त हो सके।
धान और चावल के ताजा भाव: बासमती किस्मों में जोरदार तेजी
धान (Paddy) और चावल की मंडियों में नई फसल की आवक के साथ हलचल तेज हो गई है। सामान्य और गैर-बासमती चावल की किस्में थोक मंडियों में ₹3,000 से ₹4,500 प्रति क्विंटल के दायरे में बिक रही हैं। वहीं, 1121, 1509 और पूसा जैसी बासमती की प्रीमियम किस्मों के भाव घरेलू और निर्यात मांग के समर्थन से काफी मजबूत बने हुए हैं।
मंडियों में 1509 धान की आवक बढ़ने के बावजूद निर्यातकों और बड़े राइस मिलर्स की सक्रियता से भाव स्थिर से मजबूत बने हुए हैं। चावल के खुदरा और थोक व्यापारियों का मानना है कि त्योहारी महीनों में पैकेज्ड और लूज दोनों प्रकार के चावल की घरेलू खपत बढ़ने से कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
मक्का और मोटे अनाज (मिलेट्स) का ताजा बाजार रुख
मक्के की मंडियों में पोल्ट्री और फीड इंडस्ट्री की मजबूत मांग के दम पर कीमतें ₹2,000 से ₹2,500 प्रति क्विंटल के आसपास स्थिर बनी हुई हैं। नई खरीफ मक्का की आवक जिन मंडियों में अधिक दर्ज हो रही है, वहां नमी की मात्रा अधिक होने के कारण भाव में हल्का दबाव देखा जा रहा है, जबकि कम नमी वाले सूखे दानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं।
इसके साथ ही, बाजरा और ज्वार जैसे पारंपरिक मोटे अनाजों में भी सामान्य व्यापारिक गतिविधियां जारी हैं। सरकार द्वारा श्री अन्न (मिलेट्स) को दिए जा रहे प्रोत्साहन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बढ़ती मांग के चलते किसानों को खुले बाजार में भी संतोषजनक मूल्य मिल रहे हैं।
दालों के भाव: त्योहारी मांग से अरहर और चने में मजबूती
दलहन बाजार में त्योहारी सीजन का सीधा प्रभाव देखा जा रहा है। अरहर (तुअर) दाल की कीमतें आपूर्ति की कमी और लगातार मांग के चलते ऊंचे स्तरों पर बनी हुई हैं, जहां थोक स्तर पर अच्छी क्वालिटी की अरहर दाल मजबूत दायरे में ट्रेड कर रही है। चना, उड़द, मूंग और मसूर की दालों में मांग के अनुरूप संतुलन देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा दलहन के बफर स्टॉक से की जा रही ओपन मार्केट सेल और स्टॉक सीमाओं की निगरानी के कारण कीमतों में अनुचित उछाल पर रोक लगी हुई है। हालांकि, त्योहारी खरीदारी में नमकीन, मिठाई और घरेलू उपयोग के लिए बेसन व चना दाल की मजबूत मांग बनी हुई है, जिससे चने के भाव को लगातार समर्थन मिल रहा है।
Anaj Mandi Bhav 13 October 2026: किसानों और आढ़तियों के लिए जरूरी व्यापारिक सुझाव
मंडियों में अपनी उपज लेकर जाने से पूर्व किसानों को केंद्र सरकार के कृषि विपणन पोर्टल (e-NAM / Agmarknet) या स्थानीय कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के आधिकारिक सूचना पट्ट से दैनिक दरों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
फसल में अतिरिक्त नमी होने पर व्यापारी भाव में कटौती करते हैं, इसलिए उपज को अच्छी तरह सुखाकर और छानकर ही मंडी ले जाएं। इसके अलावा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर संचालित सरकारी खरीद केंद्रों के पंजीकरण और समय-सीमा की जानकारी भी अपने पास रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर दोनों विकल्पों में से अधिक लाभकारी विकल्प चुना जा सके।
यह भी पढ़ें
रमा एकादशी 2026: 5 नवंबर को व्रत, 6 नवंबर को पारण का समय, पूजा विधि और व्रत कथा
राष्ट्रपति की शक्तियां: चुनाव कैसे होता है, अध्यादेश, क्षमादान, आपातकाल और संविधान की सीमाएं






टिप्पणियां (1)