Aaj Ka Mausam 4 September 2026: देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते उत्तर से लेकर मध्य और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार 4 सितंबर 2026 को देश के 25 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र (Well-Marked Low-Pressure Area) लगातार प्रभावी बना हुआ है, जिसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से मध्य और उत्तर भारत में वर्षा की गतिविधियां चरम पर रहेंगी।
इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय नदियों के जलस्तर में वृद्धि और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिसको देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों और संबंधित राज्य प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
Aaj Ka Mausam 4 September 2026: दिल्ली-एनसीआर में बादलों का पहरा, हल्की से मध्यम बारिश और उमस का डबल अटैक
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शुक्रवार को आसमान में घने काले बादलों का डेरा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में दिनभर रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इस दौरान 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में तो हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी, किंतु हवा में अत्यधिक नमी और आर्द्रता (Humidity) 80 से 95 प्रतिशत के बीच रहने से दिन के समय उमस भरा माहौल बना रहेगा।
तापमान की बात करें तो दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सुबह की शुरुआत छिटपुट बूंदाबांदी से होगी और दोपहर बाद कई इलाकों में तेज बारिश का दौर आ सकता है। कार्यालय समय के दौरान अचानक तेज बारिश से प्रमुख चौराहों और अंडरपासों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे दिल्ली, गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और रिंग रोड पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। यातायात पुलिस ने दैनिक यात्रियों को समय से पहले निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश में बाढ़ का खतरा: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 20 जिलों में रेड-ऑरेंज अलर्ट
मध्य प्रदेश आज मौसमी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां कम दबाव के क्षेत्र का सीधा असर देखने को मिल रहा है। मौसम केंद्र भोपाल ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, दमोह, छतरपुर, राजगढ़, शिवपुरी, कटनी, बैतूल और नर्मदापुरम सहित करीब दो दर्जन जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। कई इलाकों में पिछले 24 घंटों के भीतर भारी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है, जिससे जमीन में पानी सोखने की क्षमता खत्म हो चुकी है।
लगातार हो रही वर्षा के चलते नर्मदा, बेतवा, चंबल, ताप्ती और क्षिप्रा जैसी प्रमुख नदियों के साथ-साथ मौसमी नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। राज्य के कई बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे तटीय गांवों और निचले कस्बों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने की भूल बिल्कुल न करें और राहत शिविरों तथा आधिकारिक निर्देशों के संपर्क में रहें।
उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में तेज आंधी और बारिश का असर
उत्तर भारत के मैदानी भागों में मानसून की टर्फ लाइन गुजरने से मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और तराई जनपदों में तेज बारिश और आंधी की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, बरेली, रायबरेली, उन्नाव और हरदोई सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया और आजमगढ़ जिलों में तेज हवाओं (60-65 किमी/घंटा) के साथ वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। राज्य के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में भी बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।
पंजाब और हरियाणा में भी मानसूनी हवाओं ने दस्तक तेज कर दी है। चंडीगढ़, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, अंबाला, करनाल और रोहतक सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। वर्षा के चलते इन राज्यों में उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, खुले में कटी हुई फसलों या अनाज मंडियों में रखे स्टॉक को भीगने से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने किसानों और आढ़तियों को तिरपाल और सुरक्षित भंडारण के प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन की चेतावनी, पर्यटकों को सुरक्षित रहने की हिदायत
हिमालयी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी मानसूनी वर्षा का दौर आफत बनकर सामने आ रहा है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में तेज बारिश के कई दौर होने की संभावना जताई गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और चंबा में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और गर्जना के साथ व्यापक बारिश का अलर्ट है। दोनों राज्यों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण चट्टानें खिसकने और हाईवे पर बोल्डर गिरने से प्रमुख संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं।
चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन (Landslide) के प्रति संवेदनशील स्थानों पर अर्थ-मूविंग मशीनरी और आपदा राहत दलों को मुस्तैद रखा गया है। स्थानीय प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक पर्वतीय यात्रा, ट्रेकिंग और जलस्रोतों के समीप सेल्फी लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे राज्य पुलिस और आपदा हेल्पलाइन से मौसम व मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें।
बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश
पूर्वी भारत के अंतर्गत बिहार और झारखंड के कई जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश और वज्रपात का दोहरा खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के पटना, गया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, भागलपुर, पूर्णिया और कटिहार में बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने के आसार हैं। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद और देवघर में भी मध्यम से भारी वर्षा के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में वज्रपात से जनहानि की आशंका को देखते हुए किसानों को बारिश के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मानसूनी बादल पूरी तरह सक्रिय हैं। असम की ब्रह्मपुत्र घाटी और मेघालय के पर्वतीय इलाकों में अति भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग व कलिम्पोंग में भी मूसलाधार बारिश की संभावना के चलते पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी धंसने और अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बढ़ गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और सीमा सड़क संगठन (BRO) संवेदनशील रेल ट्रैक्स और सड़कों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं।
दक्षिण भारत में कमजोर पड़ा मानसून, तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को चेतावनी
उत्तर और मध्य भारत के विपरीत दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हलचल तुलनात्मक रूप से शांत और कमजोर बनी हुई है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक के भीतरी इलाकों और केरल में बड़े पैमाने पर भारी बारिश की संभावना नहीं है। चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख शहरों में मौसम मुख्य रूप से साफ या आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा, जहां केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री अधिक रह सकता है।
हालांकि, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ तटीय हिस्सों में तेज समुद्री हवाओं की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और हलचल तेज रहने के कारण भारतीय मौसम विभाग ने मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने और तटीय सीमाओं के भीतर ही अपनी नौकाएं रखने की स्पष्ट चेतावनी जारी की है। तटीय सुरक्षा बलों को भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
Aaj Ka Mausam 4 September 2026: किसानों और आमजन के लिए कृषि वैज्ञानिकों व मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
मौसम में आए इस अचानक तीव्र बदलाव को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। खरीफ फसलों—विशेष रूप से धान, सोयाबीन, मक्का और सब्जियों के खेतों में जलभराव की स्थिति न बनने दें, क्योंकि जड़ों में अधिक समय तक पानी रुकने से फफूंद जनित रोगों और फसल गलने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल निकासी की नालियों को तुरंत साफ करें और कीटनाशकों या उर्वरकों का छिड़काव मौसम साफ होने तक टाल दें।
आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। तेज हवाओं और आंधी के दौरान पुराने व जर्जर भवनों, होर्डिंग्स और बड़े पेड़ों के नीचे वाहन पार्क करने से बचें। शहरी क्षेत्रों में बिजली के खुले तारों और ट्रांसफार्मरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, मौसम ऐप और स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रसारित होने वाले बुलेटिन पर निरंतर नजर रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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