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Sone River Flood Discharge: सोन नदी में 5.25 लाख क्यूसेक बहाव, बाणसागर का पानी बिहार पहुंचा तो इंद्रपुरी के 69 गेट खुले

Sone River Flood Discharge
Sone River Flood Discharge

सारांश

  • Sone River Flood Discharge: बिहार में गंगा, गंडक और कोसी पहले से दबाव बना रही थीं, अब सोन नदी ने चिंता बढ़ा दी है।
  • बाणसागर बांध रीवा शहडोल क्षेत्र में सोन पर बना है। गेट खुलते ही पानी नदी के प्राकृतिक प्रवाह में जाता है।
  • जिलाधिकारी ने किनारे बसे गांवों और दियारा के लोगों को सतर्क रहने को कहा।
  • उस दिन अतिरिक्त गेट खोलकर लगभग 3277 क्यूमेक्स छोड़े जाने की सूचना मिली थी।

Sone River Flood Discharge: बिहार में गंगा, गंडक और कोसी पहले से दबाव बना रही थीं, अब सोन नदी ने चिंता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध और ऊपरी जलग्रहण में हुई बारिश का असर मंगलवार को बिहार पहुंचा।

सोन में जलप्रवाह करीब 5.25 लाख क्यूसेक तक दर्ज हुआ। यह इस साल का सबसे बड़ा बहाव बताया गया। बढ़ते दबाव पर इंद्रपुरी बैराज के गेट चरणबद्ध तरीके से खुले। पहले 56 गेट की सूचना मिली, फिर सभी 69 गेट खोलने पड़े। रविवार को छोड़ा अतिरिक्त पानी मंगलवार तक राज्य में दिखा।

31 अगस्त को भी बाणसागर से करीब 3277 क्यूमेक्स छोड़े जाने की खबर रही थी। रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद और पटना के तटीय इलाकों में अलर्ट है। मनेर में सोन खतरे के निशान से ऊपर बहने की रिपोर्ट है।

Sone River Flood Discharge: बाणसागर से पानी बिहार तक कैसे आता है

बाणसागर बांध रीवा शहडोल क्षेत्र में सोन पर बना है। गेट खुलते ही पानी नदी के प्राकृतिक प्रवाह में जाता है। रास्ता मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों से होता हुआ बिहार पहुंचता है। राज्य में सबसे बड़ा नियंत्रण बिंदु रोहतास का इंद्रपुरी बैराज है।

डेहरी से गंगा संगम तक का सफर

बाणसागर का पानी पहले डेहरी ऑन सोन और इंद्रपुरी पहुंचता है। फिर भोजपुर और पटना के मनेर क्षेत्र की ओर बढ़ता है। अंत में सोन गंगा में मिलती है। इसलिए बड़ा डिस्चार्ज सबसे पहले दक्षिण और मध्य बिहार के सोन तट पर दिखता है। ऊपरी बांध का फैसला नीचे के गांवों तक जल्दी पहुंचता है।

इंद्रपुरी बैराज पर क्या हुआ

अचानक बढ़ा प्रवाह सबसे ज्यादा बैराज पर पड़ा। जलस्तर संभालने के लिए गेट क्रम से खोले गए। मंगलवार तक स्थिति ऐसी रही कि 69 में से सब खोलने पड़े। अधिकारी नदी और बैराज की निगरानी जारी बताते हैं। दबाव कम होने तक गेट संचालन चलता रहेगा।

Sone River Flood Discharge: रोहतास प्रशासन की चेतावनी

जिलाधिकारी ने किनारे बसे गांवों और दियारा के लोगों को सतर्क रहने को कहा। निचले इलाकों में अनावश्यक नदी किनारे न जाने की सलाह दी गई। डेहरी और नासरीगंज समेत तटीय क्षेत्र अलर्ट पर हैं। नाव और राहत तैयारियों का उल्लेख सामान्य निगरानी के साथ जुड़ा है।

भोजपुर औरंगाबाद अरवल पटना पर असर

बहाव सिर्फ रोहतास तक नहीं रुका। भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल और पटना के दियारा पर भी दबाव पड़ सकता है। मनेर में नदी खतरे से ऊपर बताई गई। औरंगाबाद में सोन समेत अन्य नदियों के चढ़ने से गांव प्रभावित होने लगे। प्रशासन निगरानी मजबूत कर रहा है।

Sone River Flood Discharge: गंगा गंडक कोसी के साथ तिहरा दबाव

बिहार इस समय कई जल स्रोतों से घिरा है। नेपाल की बारिश का असर गंडक और कोसी पर दिख रहा है। गंगा कई घाटों पर खतरे से ऊपर है। बाणसागर का पानी सोन में अतिरिक्त भार बन गया। जल संसाधन विभाग चौबीस घंटे निगरानी पर है।

31 अगस्त वाले डिस्चार्ज का संदर्भ

उस दिन अतिरिक्त गेट खोलकर लगभग 3277 क्यूमेक्स छोड़े जाने की सूचना मिली थी। तब भी आगे और पानी आने का संकेत दिया गया था। रविवार वाला नया छोड़ मंगलवार को 5.25 लाख क्यूसेक के रूप में दर्ज हुआ। दो घटनाएं अलग तारीख की हैं, उन्हें एक मत न समझें।

Sone River Flood Discharge: निचले इलाकों को क्या करना चाहिए

दियारा और तटवर्ती बस्तियों को चेतावनी का पालन करना है। बच्चों और पशुओं को नदी से दूर रखें। आधिकारिक अलर्ट पर ध्यान दें। स्वयं नाव से जोखिम न लें। पानी उतरने तक फसल और घर का नुकसान सर्वे बाद में होगा।

सोन में 5.25 लाख क्यूसेक का बहाव बाणसागर से आए पानी के बाद इस साल का सबसे बड़ा दर्ज प्रवाह बना। इंद्रपुरी के 69 गेट खोलने पड़े। रोहतास से मनेर तक तट अलर्ट पर है। गंगा गंडक कोसी पहले से दबाव में हैं। प्रशासन निगरानी और चेतावनी पर जुटा है। अगला अपडेट बांध डिस्चार्ज और बैराज जलस्तर पर निर्भर करेगा। निचले इलाकों को सतर्क रहना होगा।

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लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

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