CM Yogi Meets CEO: अयोध्या में मंगलवार को दो महत्वपूर्ण मुलाकातें एक साथ होनी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। उसी दिन राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भी ट्रेन से सुबह अयोध्या पहुंचे।

दोनों की भेंट होने की जानकारी है। मिश्रा को दो सितंबर को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया था। वे देवरिया के रहने वाले हैं और 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से रिटायर हुए। दान राशि में चोरी के विवाद के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा पद से हटे थे।

उसके बाद सीईओ पद बनाने का फैसला हुआ। तीन नए ट्रस्टी भी उसी दौर में बनाए गए। मुलाकात का एजेंडा उपलब्ध जानकारी में विस्तार से नहीं बताया गया।

CM Yogi Meets CEO: आज अयोध्या में क्या कार्यक्रम है

सीएम योगी का अयोध्या दौरा रामलला दर्शन से जुड़ा है। उसी यात्रा के दौरान नए सीईओ से मुलाकात का कार्यक्रम जुड़ा हुआ है। जितेंद्र मिश्रा पद संभालने के बाद पहली बार औपचारिक रूप से शहर पहुंचे माने जा रहे हैं। दोनों की मौजूदगी से ट्रस्ट प्रशासन पर चर्चा तेज होना स्वाभाविक है। बैठक का विवरण बाद में आने पर ही साफ होगा।

सीईओ नियुक्ति का ऐलान कब हुआ

दो सितंबर को जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी। उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सीईओ बताया गया। इससे पहले ट्रस्ट में यह पद नहीं था। दान विवाद के बाद प्रशासनिक ढांचा बदलने का फैसला हुआ। नई जिम्मेदारी सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी को सौंपी गई। नियुक्ति के छह दिन बाद अयोध्या पहुंचकर वे मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं।

CM Yogi Meets CEO: जितेंद्र मिश्रा की सेवा और सम्मान

राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO जितेंद्र मिश्रा पहुंचे अयोध्या, बोले- देश सेवा के बाद अब प्रभु राम की सेवा का अवसर - Amrit Vicharमिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से हैं। भारतीय वायुसेना में 43 वर्ष की सेवा के बाद 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए। रिटायर्ड एयर मार्शल हैं और पश्चिमी कमान के चीफ रह चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर और कारगिल युद्ध में उनकी भूमिका रही। सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुके हैं।

दान चोरी के मामले के बाद क्या बदला

राम मंदिर के दान में चोरी का मामला चर्चा में रहा। विवाद के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को पद से हटाया गया। इसके बाद ट्रस्ट के लिए सीईओ नियुक्त करने का फैसला लिया गया। उद्देश्य प्रशासन को नया ढांचा देना बताया गया। सीईओ पद उसी प्रक्रिया की अगली कड़ी है। जांच या केस का और विवरण इस समाचार सामग्री में नहीं है।

CM Yogi Meets CEO: तीन नए ट्रस्टी कौन बने

सीईओ के ऐलान के साथ तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त हुए। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट में जगह मिली। पुराने पदाधिकारियों के हटने के बाद प्रबंधन में यह फेरबदल हुआ। नए चेहरे और नए सीईओ साथ-साथ आए हैं। ट्रस्ट की अगली बैठकों में भूमिका साफ हो सकती है।

पद मिलने पर मिश्रा ने क्या कहा था

नियुक्ति के बाद जितेंद्र मिश्रा ने कहा था कि अनेक उम्मीदवारों में चुने जाने को वे सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने इसे भगवान राम का आशीर्वाद भी बताया। वायुसेना में 43 वर्ष देशसेवा के बाद श्री राम मंदिर और राम भक्तों की सेवा का अवसर मिलना उन्होंने विशेष बताया। बयान पद ग्रहण के समय का है। अयोध्या पहुंचने के बाद नया बयान उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

कांग्रेस ने नियुक्ति पर क्या सवाल किए

इससे पहले कांग्रेस ने मिश्रा को सीईओ बनाने पर सवाल उठाए थे। पार्टी का कहना था कि यह काम साधु-संतों का है। सरकार या ट्रस्ट की ओर से उस आलोचना का जवाब इस सामग्री में दर्ज नहीं है। नियुक्ति फिर भी हो चुकी है और नया सीईओ काम संभालने अयोध्या पहुंच चुका है। राजनीतिक बहस और प्रशासनिक फैसला अलग-अलग स्तर पर चल रहे हैं।

CM Yogi Meets CEO: मुलाकात से क्या संकेत मिल सकते हैं

मुख्यमंत्री और नए सीईओ की भेंट ट्रस्ट के नए ढांचे को औपचारिक रूप दे सकती है। दर्शन के साथ प्रशासनिक संवाद भी जुड़ा है। दान विवाद के बाद पारदर्शिता और प्रबंधन पर नजर रहेगी। बैठक में क्या तय होता है, यह आधिकारिक जानकारी आने पर पता चलेगा। फिलहाल केवल मुलाकात की पुष्टि है, नतीजों की नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या में रामलला के दर्शन के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा से मिलेंगे। दो सितंबर को नियुक्त रिटायर्ड एयर मार्शल ट्रेन से सुबह पहुंच चुके हैं।

दान विवाद के बाद महासचिव बदले गए और पहली बार सीईओ पद बना। तीन नए ट्रस्टी भी आए हैं। मिश्रा ने पद को सेवा का अवसर बताया, कांग्रेस ने सवाल भी उठाए। आगे की तस्वीर मुलाकात और ट्रस्ट के अगले फैसलों से तय होगी।

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