Faridabad Air Quality Ranking: फरीदाबाद के लिए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की ताजा रैंकिंग राहत भरी खबर लेकर आई है। शहर ने 2026 में 14वां स्थान हासिल किया है। चार साल पहले यानी 2023 में यही शहर 47वें पायदान पर था। 2024 में 21वें और 2025 में 19वें स्थान तक सुधार दर्ज हुआ।

इस तरह कुल 33 स्थान आगे खिसकना उपलब्ध जानकारी में दर्ज है। इस बदलाव को क्षेत्र के विधायक एवं हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के नेतृत्व में चलाए गए अभियानों से जोड़ा जा रहा है। नगर निगम की ओर से धूल नियंत्रण, सड़क सफाई, पौधरोपण और हरित पट्टी को वन क्षेत्र में बदलने जैसे काम बताए गए हैं।

नमो वन और इको वन इन्हीं पहलों का हिस्सा माने गए हैं। रैंकिंग सुधार के आंकड़े साफ हैं, आगे का असर इन कामों की निरंतरता पर निर्भर करेगा।

Faridabad Air Quality Ranking: रैंकिंग में साल दर साल क्या बदला

2023 में फरीदाबाद स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 47वें स्थान पर था। अगले वर्ष 2024 में रैंक सुधरकर 21 हो गई। 2025 में शहर 19वें पायदान पर रहा। 2026 की ताजा सूची में स्थान 14वां बताया गया है। चार वर्षों में 33 पायदान का फर्क इन्हीं आंकड़ों से निकलता है। क्रम लगातार ऊपर गया है, बीच में गिरावट का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

सुधार को किन प्रयासों से जोड़ा जा रहा है

शहर की इस प्रगति को विपुल गोयल के निरंतर प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। उपलब्ध विवरण में उनके निर्देशन और प्रोत्साहन से नगर निगम स्तर के कई अभियान चलने का उल्लेख है। धूल घटाने से लेकर हरियाली बढ़ाने तक के काम एक साथ गिनाए गए हैं। नेतृत्व और मैदानी अमल दोनों को रैंकिंग से जोड़ा गया है। स्वतंत्र सर्वेक्षण पद्धति का और विवरण दिए गए आंकड़ों में नहीं है।

Faridabad Air Quality Ranking: एंटी स्मॉग गन से धूल नियंत्रण

Mild Steel Anti Smog Gun Machine at ₹ 110000 in Ghaziabad | ID:  2852759977762विपुल गोयल की पहल पर नगर निगम ने बड़ी संख्या में एंटी स्मॉग गन से छिड़काव करवाया। उद्देश्य हवा में तैरते धूल कण कम करना बताया गया। निर्माण और सड़क धूल वाले इलाकों में यह उपाय काम आता है। छिड़काव की सटीक संख्या उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई। फिर भी इसे वायु सुधार अभियान का हिस्सा बताया गया है।

सड़क सफाई और स्वीपिंग व्यवस्था

उनके निर्देशन में सड़कों की नियमित सफाई पर जोर दिया गया। रोड स्वीपिंग व्यवस्था को बेहतर करने का उल्लेख है। संकरी गलियों से लेकर चौड़ी सड़कों तक सफाई अभियान प्राथमिकता में रखा गया। धूल उड़ने से रोकने के लिए यह कदम जरूरी माना जाता है। व्यवस्था कितनी नियमित चल रही है, इसका अलग आंकड़ा नहीं दिया गया।

Faridabad Air Quality Ranking: पौधरोपण और हरित क्षेत्र का विस्तार

शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण कराया गया। नए हरित क्षेत्र विकसित करने के कार्य भी बताए गए हैं। पेड़ और हरित पट्टी धूल रोकने और तापमान संतुलन से जुड़ी जाती है। अभियान विपुल गोयल के प्रोत्साहन से आगे बढ़ाया गया बताया गया है। पौधों की कुल संख्या उपलब्ध सामग्री में दर्ज नहीं है।

नमो वन को हरित गलियारे के रूप में

नमो वन को फरीदाबाद का सबसे बड़ा हरित गलियारा बनाने का उल्लेख है। कूड़े से भरी हरित पट्टी को शहरी वन में बदला गया। जिले की सीमाओं के साथ बड़े पैमाने पर पौधरोपण हुआ। इसे शहर के लिए ऑक्सीजन क्षेत्र तैयार करने के रूप में पेश किया गया। पहल विपुल गोयल के नेतृत्व से जुड़ी बताई गई है।

इको वन सार्वजनिक स्थलों पर

इको वन को टाउन पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों में विकसित करने की बात कही गई है। उद्देश्य शहर को हरा-भरा और स्वच्छ दिखाना बताया गया। आम नागरिकों के घूमने वाले इलाकों में हरियाली बढ़ाने पर जोर है। नमो वन जहां पट्टी और सीमा से जुड़ा है, इको वन पार्क जैसी जगहों से जुड़ा है। दोनों योजनाएं एक ही हरित अभियान की कड़ियां मानी गई हैं।

Faridabad Air Quality Ranking: पेवमेंट वर्क से खुले क्षेत्र व्यवस्थित

पेवमेंट वर्क के तहत सड़कों और खुले इलाकों को व्यवस्थित करने का काम तेज हुआ। कच्चे या बिखरे हिस्से धूल उड़ाते हैं। पक्की फर्श और व्यवस्थित किनारे इससे कुछ हद तक रोक सकते हैं। यह काम भी उसी अभियान क्रम में गिनाया गया है। कितने किलोमीटर पेवमेंट हुआ, यह आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

फरीदाबाद स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 2023 के 47वें स्थान से 2026 में 14वें स्थान पर पहुंच गया है। चार साल में 33 पायदान का यह सुधार आंकड़ों में दर्ज है। एंटी स्मॉग गन, नियमित सफाई, पौधरोपण, नमो वन, इको वन और पेवमेंट वर्क को इस बदलाव से जोड़ा जा रहा है।

इन पहलों का श्रेय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के नेतृत्व को दिया जा रहा है। रैंकिंग ऊपर जाना सकारात्मक संकेत है, लेकिन हवा की सेहत लंबे समय तक इन्हीं उपायों पर टिकी रहेगी।

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