Aaj Ka Mausam 3 September 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर 2026 के लिए देश के विशाल भूभाग में मूसलाधार बारिश, तीव्र आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का व्यापक अलर्ट जारी किया है। सक्रिय मानसून ट्रफ और पश्चिमी झारखंड के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) के प्रभाव से उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के लगभग 19 राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा।
कई स्थानों पर 30 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ अत्यंत संवेदनशील इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। बादलों के घने आवरण और निरंतर बौछारों के चलते अधिकांश मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।

Aaj Ka Mausam 3 September 2026: दिल्ली-एनसीआर में बादलों का पहरा और जलभराव का जोखिम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में 3 सितंबर को पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर और दोपहर से शाम के बीच विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय रहने से उमस से तो कुछ राहत मिलेगी, किंतु व्यस्ततम सड़कों पर संभावित जलभराव और ट्रैफिक जाम को देखते हुए यातायात पुलिस व मौसम विभाग ने नागरिकों को रेनकोट व छाता साथ रखने तथा यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार वर्षा: किसानों के लिए परामर्श

उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। विशेष रूप से बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बांदा, चित्रकूट, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों में 2 से 4 सितंबर के मध्य मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
बिहार के अधिकांश हिस्सों में भी व्यापक मानसूनी हलचल देखी जाएगी, जहां पटना का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री के आसपास रहेगा। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को निर्देश दिया है कि खरीफ फसलों को जलभराव से बचाने के लिए वे खेतों में जल निकासी के उचित प्रबंध सुनिश्चित करें।

मध्य और पूर्वी भारत में ‘वेरी हैवी रेन’ और वज्रपात की चेतावनी

मौसम प्रणालियों की सबसे अधिक सक्रियता मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर केंद्रित रहने वाली है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ‘अत्यंत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, विदर्भ और झारखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल के गांगेय जिलों और ओडिशा में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strikes) का गंभीर खतरा बना हुआ है। कोलकाता में तापमान 26 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटा रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को खुले मैदानों में न जाने और आंधी-पानी के दौरान बड़े पेड़ों या जर्जर खंभों के नीचे आश्रय न लेने की सख्त हिदायत दी है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का संकट, राजस्थान और तटीय क्षेत्रों का हाल

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में निरंतर हो रही बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और चट्टानें खिसकने का जोखिम चरम पर पहुंच गया है। शिमला में अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। प्रशासन ने संवेदनशील नदी घाटियों में पर्यटकों की आवाजाही पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट वर्षा के आसार हैं।
पश्चिमी भारत की बात करें तो पूर्वी राजस्थान के जयपुर (तापमान 25-32 डिग्री) सहित आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं गुजरात और महाराष्ट्र के कोंकण तटीय इलाकों तथा मुंबई में 27 से 29 डिग्री तापमान के बीच मानसूनी फुहारें जारी रहेंगी।

प्रायद्वीपीय दक्षिण भारत में मानसून की सुस्ती

उत्तर और मध्य भारत में मूसलाधार बारिश के विपरीत प्रायद्वीपीय दक्षिण भारत में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत काफी कमजोर और शांत बनी हुई हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालांकि कुछ तटीय या सुदूर इलाकों में स्थानीय बादलों के चलते छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। चेन्नई में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा।

Aaj Ka Mausam 3 September 2026: सावधानी और सुरक्षा दिशा-निर्देश

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह मानसूनी सक्रियता 4 और 5 सितंबर को भी देश के कई हिस्सों में बनी रहेगी। तेज हवाओं के कारण कमजोर वृक्षों, बागवानी फसलों और बिजली की तारों को क्षति पहुंच सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें, जलभराव वाले रास्तों पर वाहन न उतारें और किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) द्वारा जारी रियल-टाइम वेदर बुलेटिन पर नजर बनाए रखें।

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