UP Outsource Employees News: उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। वेतन बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यूपीकॉस की शुरुआत की गई है। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों के खाते में पांच तारीख से पहले वेतन आएगा और सुविधाओं की डिजिटल ट्रैकिंग होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का रिश्ता सिर्फ वेतन और काम तक सीमित नहीं हो सकता।

उन्होंने निगम से जुड़े करीब साढ़े तीन लाख से अधिक कर्मियों को बधाई दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब आउटसोर्स कर्मी को सीधे नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। आरोप होने पर जांच के बाद ही फैसला होगा।

UP Outsource Employees News: मुख्यमंत्री ने क्या कहा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्मचारी का समय कागजों और दफ्तरों के चक्कर में न कटे। अच्छे काम का रिकॉर्ड रखा जाए और अधिकार सुरक्षित रहें। समस्या सुनने का तंत्र हो ताकि कर्मी अकेला महसूस न करे। समय पर वेतन तथा भविष्य निधि व बीमा के अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही गई। मेहनत के हिसाब से वेतन देने पर जोर दिया गया।

परिवहन निगम में मानदेय कितना बढ़ा

अगस्त में परिवहन निगम के आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में जुलाई से पांच प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला हुआ था। कंप्यूटर ऑपरेटर के 249 कर्मी प्रभावित होंगे। उनका मानदेय लगभग 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये तक बताया गया है। लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 कर्मी और प्रोग्रामर के 26 कर्मी भी इस बढ़ोतरी में शामिल हैं।

UP Outsource Employees News: अन्य पदों पर कितना अंतर

लेखाकार कम टैली ऑपरेटर का मानदेय 20 हजार से 26 हजार रुपये तक होने का उल्लेख है। प्रोग्रामर का मानदेय करीब 42,000 से बढ़कर 43,313 रुपये तक बताया गया है। ये आंकड़े परिवहन निगम तक सीमित हैं। आंगनवाड़ी आशा रसोइया ग्राम चौकीदार और कोटेदार के प्रोत्साहन व मानदेय बढ़ाने के लिए बजट में राशि का इंतजाम बताया गया है।

सीधे हटाने पर क्या नियम

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को बिना प्रक्रिया के नहीं हटाया जाता। अब आउटसोर्स कर्मियों पर भी यही स्थिति लागू होगी। आरोप सिद्ध होने पर ही कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली करने वाली कंपनी ब्लैकलिस्ट होगी और संबंधित पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UP Outsource Employees News: पोर्टल और सुविधाएं क्या हैं

कर्मचारी सेवा विवरण बैंक खाता उपस्थिति और कटौती एक जगह देख सकेंगे। शिकायत पोर्टल पर दर्ज होगी और स्थिति वहीं दिखेगी। ईपीएफ और ईएसआईसी की रियल टाइम निगरानी का दावा है। सभी कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा बताया गया है। करीब तीन लाख कर्मचारियों को भर्ती में नियमों के अनुसार आरक्षण देने का उल्लेख है।

यूपीकॉस के शुभारंभ के साथ सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए समय पर वेतन डिजिटल शिकायत तंत्र और सीधे बर्खास्तगी पर रोक का ढांचा बताया है। साढ़े तीन लाख से अधिक कर्मी इस व्यवस्था से जुड़ने वाले बताए गए हैं।

परिवहन निगम में कुछ पदों पर मानदेय बढ़ाया जा चुका है। पोर्टल पर ईपीएफ ईएसआईसी और पचास लाख के दुर्घटना बीमा की निगरानी का वादा किया गया है। असल फायदा वेतन समय पर आने और शिकायतों के निपटारे पर निर्भर करेगा। कर्मचारियों को आधिकारिक पोर्टल की जानकारी खुद जांचनी चाहिए।

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