Modi Cabinet reshuffle 2026: भाजपा संगठन की नई टीम बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बड़े विस्तार और फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। आजतक रेडियो के पॉडकास्ट रिपोर्टर्स ऑफ एयर में पत्रकारों ने सियासी गलियारों की अटकलें रखीं।

चर्चा है कि 16 से 17 नए चेहरों को जगह मिल सकती है। अश्विनी वैष्णव को प्रमोशन देकर शीर्ष पांच मंत्रियों में लाने की बात कही जा रही है। नितिन गडकरी के विभाग में फेरबदल की अटकल है जबकि कैबिनेट से उनकी छुट्टी की चर्चा को लेकर स्पष्ट इनकार नहीं किया गया। ये सब अनुमान हैं आधिकारिक घोषणा नहीं। 2027 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों के समीकरण भी मंथन में जुड़ रहे हैं।

Modi Cabinet reshuffle 2026: चर्चा क्यों तेज हुई

संगठन में बदलाव के बाद मंत्रिमंडल के ओवरहॉल की बात उठ रही है। कहा जा रहा है कि कई दिग्गजों की छुट्टी हो सकती है और युवा चेहरे आ सकते हैं। प्रदर्शन को इस बार स्पष्ट पैमाना बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से जमीन पर काम करने को कहा था। ग्राउंड कनेक्ट की कमी का जिक्र पॉडकास्ट में हुआ।

अश्विनी वैष्णव को क्या प्रमोशन

वैष्णव के पास रेल सूचना प्रसारण और आईटी जैसे तीन बड़े विभाग हैं। चर्चा है कि कुछ जिम्मा हटाकर उन्हें शीर्ष पांच में लाया जा सकता है। काम अच्छा रहने का हवाला दिया गया। राज्यसभा से आने वाले मंत्रियों की संख्या बढ़ने की भी बात हुई। यह सब अटकल के स्तर पर है।

Modi Cabinet reshuffle 2026: नितिन गडकरी के मंत्रालय पर क्या कहा गया

कुछ गलियारों में कैबिनेट से उनकी छुट्टी की चर्चा चली। ऐश्वर्या पालीवाल ने कहा कि गडकरी युवा पीढ़ी को आगे लाने की बात करते हैं लेकिन पद छोड़ने की बात नहीं करते। अनुमान है कि सड़क परिवहन जैसा भारी विभाग किसी और को दिया जा सकता है। ई-20 विवाद का जिक्र भी हुआ हालांकि विषय पेट्रोलियम से जुड़ा माना जाता है।

शिक्षा और बहु-विभागीय मंत्री

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार मिला है। बड़ी जिम्मेदारी होने से वहां बदलाव की जरूरत बताई गई। 14 मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग हैं। प्रावधान के अनुसार मंत्रिपरिषद में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं। फिलहाल 69 मंत्री बताए गए इसलिए 12 पद खाली हैं।

नए चेहरे और संभावित समय

15 से 17 नए मंत्री बनाने की चर्चा भाजपा में बताई गई। केंद्रीय राज्यमंत्री स्तर पर कई नए नाम आ सकते हैं। सहयोगी दलों को भी जगह दी जा सकती है। विस्तार सितंबर में जन्माष्टमी के आसपास या सितंबर-अक्टूबर में हो सकता है ऐसा अनुमान है। कई नामों पर चर्चा हो चुकी बताई गई लेकिन सूची सार्वजनिक नहीं है।

Modi Cabinet reshuffle 2026: चुनावी समीकरण और विपक्ष की नजर

उत्तर प्रदेश पंजाब और गोवा के चुनाव तथा 2029 लोकसभा को ध्यान में रखने की बात कही गई। महिलाओं युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर दिया जा सकता है। कांग्रेस और विपक्ष सामाजिक समीकरण और चुनावी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर नजर रखे हुए हैं। चूक होने पर सवाल उठाने की तैयारी का जिक्र हुआ।

मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की चर्चा संगठन बदलाव के बाद तेज हुई है लेकिन अभी यह अटकल का विषय है आधिकारिक फैसला नहीं। अश्विनी वैष्णव के प्रमोशन नितिन गडकरी के विभाग बदलाव और 16-17 नए चेहरों की एंट्री पॉडकास्ट चर्चा में प्रमुख रही। 12 खाली पद सहयोगी दल और प्रदर्शन समीक्षा भी मंथन का हिस्सा बताए गए। संभावित समय सितंबर-अक्टूबर का अनुमान है। अंतिम तस्वीर प्रधानमंत्री के फैसले और शपथ समारोह से ही साफ होगी। तब तक नामों को पुष्ट समाचार न माना जाए।

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