Lauki Ka Halwa Recipe: लौकी का नाम आते ही ज्यादातर लोगों को सब्जी याद आती है, पर इसी सब्जी से हल्की मीठी और खुशबूदार मिठाई भी बनती है। लौकी का हलवा घर पर आसानी से तैयार हो जाता है। स्वाद मलाईदार रहता है और सही पकाने पर कच्चापन नहीं बचता। शेफ रणवीर बरार इस रेसिपी में छोटी बातों पर जोर देते हैं—आंच, समय और सामग्री डालने का क्रम। इन्हीं से बनावट और खुशबू दोनों सुधरते हैं।
एक किलो लौकी के लिए एक लीटर फुल क्रीम दूध, तीन से चार बड़े चम्मच घी, स्वाद के हिसाब से 150 से 200 ग्राम चीनी, दो-दो बड़े चम्मच काजू और बादाम, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और एक छोटा चम्मच गुलाब जल या केवड़ा जल काफी है। मेवे भूनकर रखना बेहतर है।
Lauki Ka Halwa Recipe: लौकी को कद्दूकस कर तुरंत क्यों पकाना चाहिए?
लौकी धोकर छीलें और जरूरत के हिसाब से कद्दूकस कर लें। कद्दूकस के बाद देर तक खुला न छोड़ें। कटा गूदा जल्दी रंग बदलता है। कोशिश यही हो कि कद्दूकस होते ही कड़ाही में चला जाए। देर होने पर हलवा भूरा और बेस्वाद लग सकता है। रेसिपी में अगला कदम समय पर शुरू करना ही पहला टिप है।
घी में लौकी कब तक भूनें?
भारी तली वाली कड़ाही में घी गर्म करें। कद्दूकस लौकी डालकर अच्छी तरह भूनें। तब तक पकाएं, जब कच्चापन खत्म हो और रंग हल्का पारदर्शी लगे। इस चरण में जल्दबाजी न करें। आगे दूध डाला जाएगा। अच्छी पकी लौकी दूध को फटने से बचाने में मदद करती है। आंच मध्यम रखें और चलाते रहें, वरना तले चिपक जाएगी।
Lauki Ka Halwa Recipe: दूध और चीनी किस क्रम में डालें?
लौकी पक जाए, तब फुल क्रीम दूध डालें। गैस मध्यम आंच पर रखें। मिश्रण को धीरे पकने दें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि तले न जमे। दूध तब तक घटाएं, जब वह लौकी में अच्छी तरह मिल जाए। यहीं से मलाईदार स्वाद आता है। समय लगता है, पर आंच तेज कर जल्दी निपटाना स्वाद गिरा देता है।
चीनी शुरुआत में न डालें। दूध काफी कम हो जाए, तब 150 से 200 ग्राम चीनी मिलाएं। आखिर में चीनी डालने से बनावट बेहतर रहती है। मिलाकर कुछ देर और पकाएं। हलवा न बहुत पतला रहे, न जरूरत से ज्यादा सूखे। चम्मच से गिरे और थाली में बैठे, यही सही गाढ़ापन है।
मेवे और खुशबू आखिर में कैसे मिलाएं?
भुने काजू और बादाम डालें। इलायची पाउडर मिलाएं। खुशबू के लिए थोड़ा गुलाब जल या केवड़ा जल डाल सकते हैं। सब कुछ अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट पकाएं और गैस बंद कर दें। केवड़ा जल ज्यादा न डालें, वरना खुशबू मिठाई पर हावी हो जाती है। एक छोटा चम्मच पर्याप्त है।
Lauki Ka Halwa Recipe: परोसते समय किन बातों का ध्यान रखें?
हलवा गर्मागर्म परोसा जा सकता है और ठंडा करके भी खाया जा सकता है। ठंडा होने पर वह और गाढ़ा बैठता है। सबसे जरूरी है लौकी को पर्याप्त देर भूनना और चीनी-दूध का क्रम न बदलना। शेफ रणवीर बरार के अनुसार सामग्री से ज्यादा आंच, समय और धैर्य स्वाद तय करते हैं।
एक किलो लौकी से परिवार भर की कटोरी बन जाती है। नवरात्र या सामान्य मीठे के दिन दोनों में यह रेसिपी काम आती है। कच्चा स्वाद बचे तो लौकी और देर भूनें। दूध फटे तो समझें लौकी पूरी नहीं पकी थी। अगली बार घी में रंग बदलने तक इंतजार करें, फिर दूध डालें।
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