परिचय

भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

रात्रि 12 बजे (कृष्ण जन्म का समय) पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • बाल कृष्ण की प्रतिमा
  • पालना/झूला
  • माखन-मिश्री
  • पीले वस्त्र व मोरपंख
  • गंगाजल
  • रोली/कुमकुम
  • अक्षत (साबुत चावल)
  • धूपबत्ती व अगरबत्ती
  • घी का दीपक
  • कपूर
  • नारियल
  • फल एवं मिठाई
  • पान का पत्ता व सुपारी
  • लाल/पीला वस्त्र

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. दिन भर व्रत रखें।
  2. रात्रि 12 बजे बाल कृष्ण को पंचामृत स्नान कराकर पालने में झुलाएं।
  3. माखन-मिश्री का भोग अर्पित करें।
  4. आरती करके शंख ध्वनि करें।
  5. प्रसाद वितरित करके व्रत का पारण करें।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

लाभ एवं महत्व

संतान सुख, पारिवारिक शांति व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

सावधानियां

आधी रात की पूजा में स्वच्छता व शांति बनाए रखें।

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