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JPSC Exam Scam: गिरफ्तारी के एक महीने बाद निलंबित हुईं उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, सीआईडी कार्रवाई के बाद कार्मिक विभाग का बड़ा फैसला

JPSC Exam Scam: गिरफ्तारी के एक महीने बाद निलंबित हुईं उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, सीआईडी कार्रवाई के बाद कार्मिक विभाग का बड़ा फैसला
JPSC Exam Scam

सारांश

  • JPSC Exam Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े गड़बड़ी मामले में सीआईडी द्वारा गिरफ्तार की गईं उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को आखिरकार सरकार ने निलंबित कर दिया है।
  • सामान्य प्रशासनिक नियमों के तहत यदि कोई भी सरकारी सेवक किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होता है या 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे स्वतः निलंबित कर दिया जाता है।
  • इसके बाद विभाग की ओर से उन्हें लिखित पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से अपने नए पद का कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया था।
  • जेपीएससी की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और धांधली की जांच सीआईडी बेहद गहनता से कर रही है।

JPSC Exam Scam:  झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े गड़बड़ी मामले में सीआईडी द्वारा गिरफ्तार की गईं उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को आखिरकार सरकार ने निलंबित कर दिया है। झारखंड प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी के ठीक एक महीने बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने उनके निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।

श्वेता गुप्ता फिलहाल रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। उन्हें 22 जुलाई को मामले की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बावजूद प्रक्रियात्मक देरी के कारण निलंबन आदेश जारी होने में एक महीने का वक्त लग गया।

JPSC Exam Scam: कार्मिक विभाग ने जारी की निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने सोमवार को श्वेता गुप्ता के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विभागीय स्तर पर अधिकृत सूचना मिलने में हुई देरी के कारण यह कार्रवाई अटकी हुई थी।

सामान्य प्रशासनिक नियमों के तहत यदि कोई भी सरकारी सेवक किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होता है या 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे स्वतः निलंबित कर दिया जाता है।

श्वेता गुप्ता का प्रशासनिक सेवा करियर और पूर्व पदस्थापन

श्वेता गुप्ता झारखंड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) की अधिकारी हैं और पूर्व में भी जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

आयोग में लगातार दो वर्षों से अधिक समय तक कार्यरत रहने के बाद उनका तबादला राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में किया गया था। हालांकि, तबादले के बाद उन्होंने काफी समय तक नए विभाग में अपना योगदान नहीं दिया था।

JPSC Exam Scam: योगदान न देने पर कार्मिक विभाग ने जारी किया था कड़ा निर्देश

खाद्य आपूर्ति विभाग में पदस्थापन के बावजूद योगदान न करने पर कार्मिक विभाग ने इसे प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना था।

इसके बाद विभाग की ओर से उन्हें लिखित पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से अपने नए पद का कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया था। सरकारी निर्देश के दबाव के बाद उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग में औपचारिक योगदान दिया था।

प्रतिनियुक्ति के महज 13 दिनों के भीतर सीआईडी ने किया गिरफ्तार

खाद्य आपूर्ति विभाग में योगदान देने के तुरंत बाद उन्हें दोबारा 15 दिनों के लिए जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक के रूप में प्रतिनियुक्त कर दिया गया था।

लेकिन जेपीएससी में दोबारा वापसी के 13वें दिन ही सीआईडी ने जांच के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से ही वे लगातार जेल में बंद हैं और जांच एजेंसियां मामले के अन्य तारों को तलाशने में जुटी हुई हैं।

JPSC Exam Scam: जेपीएससी मामले में जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

जेपीएससी की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और धांधली की जांच सीआईडी बेहद गहनता से कर रही है। श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी को इस पूरे मामले में एक बड़ी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

जांच एजेंसी अब आयोग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। श्वेता गुप्ता के निलंबन के बाद अब विभागीय स्तर पर भी उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की तैयारी चल रही है।

राज्य में सरकारी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्र संगठन और परीक्षार्थी लगातार आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक स्तर की वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी और तत्पश्चात निलंबन की यह कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में कड़ा संदेश देती है।

सीआईडी की इस कार्रवाई से साफ है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न्यायिक हिरासत में बंद श्वेता गुप्ता पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ ही अब राज्य सरकार आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

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लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

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