Mint Plant Care In Pot: गर्मियों के मौसम में पुदीना हर घर की जरूरत बन जाता है। चटनी बनानी हो या फिर ठंडी शिकंजी, पुदीने का इस्तेमाल बहुतायत में होता है। यही वजह है कि बहुत से लोग इसे अपने घर की बालकनी या किचन गार्डन के गमले में उगाना पसंद करते हैं। शुरुआती दिनों में तो पौधा काफी हरा-भरा और घना दिखाई देता है।

लेकिन अक्सर कुछ ही हफ्तों में पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे पूरा पौधा सूखकर मुरझा जाता है। अगर आपके गमले में लगा पुदीना भी बार-बार खराब हो रहा है, तो इसके पीछे आपकी कुछ अनजानी गलतियां हो सकती हैं। सही जानकारी और उचित देखभाल के जरिए पुदीने को लंबे समय तक हरा-भरा रखा जा सकता है।

Mint Plant Care In Pot: ओवरवॉटरिंग से सड़ सकती हैं जड़ें

पुदीने के पौधे को नमी काफी पसंद होती है, लेकिन आवश्यकता से अधिक पानी देना इसके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जब गमले की मिट्टी हर समय पानी से भरी रहती है, तो मिट्टी के भीतर हवा का प्रवाह रुक जाता है। हवा की कमी के कारण जड़ों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है।

पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने से जड़ों में फंगस लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। फंगस के कारण जड़ें धीरे-धीरे सड़ने लगती हैं और पौधे की पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगती हैं। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि गमले से अजीब सी बदबू भी आने लगती है।

जल निकासी और गमले का चुनाव

पुदीना उगाने के लिए सही गमले का चयन करना पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। हमेशा ऐसे गमले का इस्तेमाल करें जिसमें नीचे अतिरिक्त पानी निकलने के लिए जल निकासी छिद्र बने हों। अगर गमले में छेद नहीं होंगे, तो पानी नीचे जमा रहेगा और पौधा सड़ जाएगा।

जल निकासी बेहतर होने से अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाता है। इससे मिट्टी में नमी का संतुलन बना रहता है और पौधा स्वस्थ रहता है। इसलिए गमला खरीदते समय या बनाते समय ड्रेनेज होल की जांच अवश्य कर लें।

Mint Plant Care In Pot: मिट्टी की गुणवत्ता और भुरभुरापन

पुदीने के पौधे के लिए केवल सख्त या चिकनी मिट्टी का उपयोग करने से बचना चाहिए। ऐसी मिट्टी में पानी लंबे समय तक जमा रहता है जो जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। पुदीने के लिए हमेशा हल्की और भुरभुरी मिट्टी तैयार करनी चाहिए।

मिट्टी तैयार करते समय उसमें थोड़ी जैविक खाद और कोकोपीट या रेत मिला लें। इससे मिट्टी में जलभराव की समस्या नहीं होती है और हवा का आवागमन बना रहता है। ऐसी मिट्टी में पौधे की जड़ें तेजी से फैलती हैं और पौधा मजबूत बनता है।

सिंचाई का सही तरीका और नियम

पुदीने के पौधे में रोज नियम से पानी देने की आदत पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है। पानी देने से पहले हमेशा उंगली से मिट्टी की ऊपरी सतह की नमी जांच लेनी चाहिए। यदि मिट्टी ऊपर से सूखी महसूस हो, तभी उसमें पानी डालें।

अगर मिट्टी पहले से गीली है, तो दोबारा पानी देने से बचें। सही समय पर और जरूरत के हिसाब से पानी देने से पौधा कभी नहीं मुरझाएगा। यह छोटी सी सावधानी आपके पुदीने को लंबे समय तक जीवित रख सकती है।

Mint Plant Care In Pot: धूप का सही संतुलन है जरूरी

पुदीने को अच्छी वृद्धि के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है, लेकिन बहुत तेज धूप नुकसानदेह है। दोपहर की कड़कती धूप में पुदीने की कोमल पत्तियां झुलस सकती हैं और पौधा सूख सकता है।

इसलिए गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां सुबह की हल्की धूप आती हो। सुबह की 3 से 4 घंटे की धूप पुदीने के लिए पर्याप्त मानी जाती है। इसके बाद पौधे को छांव वाली जगह में रखना ज्यादा फायदेमंद होता है।

पिंचिंग और कटाई की तकनीक

पुदीने के पौधे को घना बनाने के लिए समय-समय पर इसकी कटाई करना बहुत जरूरी होता है। पौधे की ऊपरी कोमल पत्तियों और बढ़ती टहनियों को हल्का-हल्का तोड़ते रहना चाहिए। इस प्रक्रिया को गार्डनिंग की भाषा में पिंचिंग कहा जाता है।

ऊपरी पत्तियों को तोड़ने से पौधे से नई-नई शाखाएं निकलना शुरू हो जाती हैं। इससे पौधा झाड़ीदार और ज्यादा घना दिखाई देने लगता है। अगर आप कटाई नहीं करेंगे, तो पौधा केवल लंबाई में बढ़ेगा और घना नहीं होगा।

Mint Plant Care In Pot: सूखी और खराब पत्तियों की सफाई

पौधे के आसपास सफाई रखना भी उसकी सेहत के लिए उतना ही जरूरी है। यदि गमले में कोई पीली, सूखी या सड़ी हुई पत्ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। खराब पत्तियां पौधे में फंगल इंफेक्शन और बीमारियां फैला सकती हैं।

इन पत्तियों को हटाने से पौधे की ऊर्जा बचती है और वह नई पत्तियों को उगाने में लगाता है। गमले की नियमित सफाई करने से कीटों का हमला भी कम होता है। इस बात का ध्यान रखकर आप पौधे को सुरक्षित रख सकते हैं।

घर के गमले में पुदीना उगाना बेहद आसान है, बस इसके लिए सही देखभाल और सही तकनीकों की जरूरत होती है। पानी का सही संतुलन, भुरभुरी मिट्टी, हल्की धूप और समय-समय पर कटाई करके आप पुदीने के पौधे को सूखने से बचा सकते हैं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप पूरे साल अपने किचन गार्डन से ताजा और खुशबूदार पुदीना प्राप्त कर सकते हैं।

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