ताज़ा खबर
Bigg Boss 20: कनिका मान ने कहा गुल्लू संग रिश्ते की गुंजाइश नहीं Royal Enfield Classic 350 खरीदने से पहले ये 5 बातें शोरूम में जरूर पूछें Bigg Boss 20: रीति तिवारी और काजी तौकीर की बहस गाली तक पहुंची Bigg Boss 20: यंग डीएसए और ईशा रिखी को मिला जीरो सेव वोट Bigg Boss 20: काजी तौकीर के आउ स्वैग पर बवाल, रोहेद ने एविक्शन को अनफेयर बताया Bihar Greenfield Satellite Township: बिहार में छह ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का मास्टर प्लान, ड्रोन से होगा सर्वे मायावती का अखिलेश पर हमला, पीडीए रथ भगवा रंग वाला, मुस्लिम वोट खराब करने का आरोप Tata Trusts ने N Chandrasekaran की पुनर्नियुक्ति को दी चुनौती, 4-1 वोट के बाद बढ़ा विवाद
ट्रेंडिंग
भारत

Jharkhand News: झारखंड की मगध आम्रपाली खदानों में CISF तैनात, कोयला चोरी रोकने को जीरो लीकेज प्लान

Jharkhand News
Jharkhand News

सारांश

  • झारखंड की मगध और आम्रपाली कोयला खदानों की सुरक्षा CISF ने संभाल ली है।
  • आम्रपाली में शुरुआत में 200 CISF जवान तैनात किए गए हैं।
  • चरणबद्ध तरीके से कुल 1,676 अधिकारी और जवान तैनात किए जाएंगे।
  • कोयला चोरी और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जीरो कोल लीकेज प्लान लागू किया गया है।
  • सुरक्षा व्यवस्था में निगरानी, खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई और अंतर-एजेंसी समन्वय पर जोर है।
  • आम्रपाली से रोज करीब 70 हजार टन कोयला उत्पादन होने की जानकारी दी गई है।

Jharkhand News: झारखंड के चतरा जिले में स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की मगध और आम्रपाली खदानों की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पास है। सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 19 सितंबर को औपचारिक कार्यक्रम के साथ इसकी शुरुआत की। यह कदम करीब 2000 करोड़ रुपये की कोयला चोरी रोकने के लिए उठाया गया है।

पहले यह जिम्मेदारी राज्य पुलिस, सीसीएल और होमगार्ड के अधीन थी। अब जीरो कोल लीकेज प्लान लागू किया गया है। आम्रपाली से रोज लगभग 70 हजार टन कोयला निकलता है। ये दोनों परियोजनाएं उत्पादन और आर्थिक दृष्टि से देश के सबसे बड़े ओपन कास्ट ब्लॉक्स में गिनी जाती हैं।

महानिदेशक ने अधिकारियों को हर जगह से अवैध कोयला जब्त करने का निर्देश दिया। गांव, जंगल के गुप्त ठिकाने या राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग कोई भी जगह अछूती नहीं रहेगी। तस्करों पर लगाम लगाने में हिचकिचाहट नहीं दिखाने को कहा गया।

Jharkhand News: मगध और आम्रपाली खदानों में सुरक्षा व्यवस्था क्यों बदली गई?

मगध और आम्रपाली सीसीएल की सबसे बड़ी कोयला खदानें हैं। इनसे होने वाले उत्पादन को राष्ट्रीय ऊर्जा संसाधन माना जाता है। करोड़ों रुपये की चोरी को रोकना इस बदलाव का मुख्य कारण बताया गया है।

नई व्यवस्था में सीआईएसएफ ने कमान संभाली है। महानिदेशक प्रवीर रंजन ने बैठक में एमएमडीआर एक्ट के प्रभावी पालन पर जोर दिया। सुरक्षा घेरे की निगरानी के लिए डीआईजी स्तर का पद भी आवंटित किया गया है।

यह कदम खनन क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही चोरी की समस्या से निपटने के लिए उठाया गया। अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सीसीएल प्रबंधन के साथ तालमेल बनाने का निर्देश मिला है। राष्ट्रीय महत्व के इस संसाधन की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

सीआईएसएफ की तैनाती कितनी होगी और कहां से शुरू हुई?

आम्रपाली खदान में शुरुआत में 200 सीआईएसएफ जवान तैनात किए गए हैं। इस संख्या को बढ़ाकर 1700 तक किया जाएगा। पूरा सुरक्षा घेरा डीआईजी स्तर के अधिकारी की निगरानी में रहेगा।

19 सितंबर के कार्यक्रम में महानिदेशक ने औपचारिक रूप से कमान सौंपी। उन्होंने अधिकारियों से कोयला चोरी रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा। अवैध कोयले की जब्ती गांव से लेकर राजमार्ग तक हर जगह करने के निर्देश दिए गए।

चतरा स्थित इन खदानों की सुरक्षा अब केंद्र बल के अधीन होने से निगरानी का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। पहले की व्यवस्था में राज्य एजेंसियां शामिल थीं। अब समन्वित तरीके से काम करने पर जोर है।

Jharkhand News: जीरो कोल लीकेज प्लान में कौन सी तकनीक इस्तेमाल होगी?

खनन क्षेत्रों में हाई टेक निगरानी शुरू की गई है। ड्रोन सर्विलांस, वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग और तौल पुल की निगरानी को इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। इससे वास्तविक समय में गतिविधियां देखी जा सकेंगी।

महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ये प्रणालियां प्रभावी ढंग से चलें। स्थानीय जिला प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया। इस पूरे सेटअप का मकसद लीकेज को शून्य के करीब लाना है।

तकनीक के इस्तेमाल से तस्करी के रूट और छिपे ठिकानों का पता लगाने में मदद मिलेगी। राजमार्गों पर वाहनों की ट्रैकिंग भी इसी योजना का हिस्सा है। खदानों से निकलने वाले कोयले की मात्रा और आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

अवैध खनन और तस्करी पर क्या कार्रवाई होगी?

सीआईएसएफ महानिदेशक ने साफ कहा कि अवैध कोयला चाहे गांव में हो, जंगल के गुप्त ठिकाने में हो या राजमार्ग पर, हर जगह से जब्त किया जाए। तस्करों पर लगाम लगाने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखानी है।

एमएमडीआर एक्ट के पालन को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। अधिकारियों को सख्त रुख अपनाने का निर्देश मिला है। चोरी रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास करने को कहा गया।

यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये खदानें बड़े पैमाने पर उत्पादन करती हैं। रोज 70 हजार टन कोयला निकलने वाली आम्रपाली जैसी परियोजना में छोटी चोरी भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। नए सुरक्षा ढांचे से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश है।

Jharkhand News: इस बदलाव का खनन क्षेत्रों और ऊर्जा आपूर्ति पर क्या असर पड़ सकता है?

मगध और आम्रपाली देश के प्रमुख ओपन कास्ट ब्लॉक्स हैं। इनकी सुरक्षा मजबूत होने से उत्पादन की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। कोयला चोरी कम होने से राजस्व नुकसान घटने की संभावना है।

केंद्रीय बल की तैनाती और तकनीक के इस्तेमाल से निगरानी अधिक व्यवस्थित होगी। डीआईजी स्तर की कमान से फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। स्थानीय एजेंसियों के साथ तालमेल पर जोर दिया गया है ताकि कोई अंतराल न रहे।

राष्ट्रीय ऊर्जा संसाधन के रूप में इन खदानों की सुरक्षा अब प्राथमिकता है। 1700 जवानों तक तैनाती बढ़ाने की योजना इसी दिशा में है। पाठकों के लिए यह विकास इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि कोयला आपूर्ति और खनन क्षेत्रों का माहौल दोनों इससे जुड़े हैं। अधिकारियों को किसी भी स्तर की लापरवाही न बर्दाश्त करने की चेतावनी दी गई है।

Read More Here

About The Author

Adarsh Pandey Author at Democratic Bharat Live

लेखक

Adarsh Pandey

I am a professional content writer and news journalist with over 1 years of experience in the digital media industry. I specialize in delivering news with accuracy, integrity, and an unbiased approach. My expertise lies in covering Trending News, Sports, Business, and Entertainment beats, where I bring engaging and well-researched stories to the readers.

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X