Huawei EV Fast Charging Technology: इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाते हुए टेक दिग्गज हुआवेई ने एक नई अल्ट्रा-फास्ट ईवी चार्जिंग टेक्नोलॉजी पेश की है। यह अत्याधुनिक तकनीक मात्र 5 मिनट की चार्जिंग में इलेक्ट्रिक वाहनों को 200 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देने का वादा करती है।

जर्मनी के म्यूनिख शहर में आयोजित ‘द स्मार्टर ई’ एग्जीबिशन के दौरान पावर2ड्राइव इवेंट में इस प्लेटफ़ॉर्म को पहली बार दुनिया के सामने प्रदर्शित किया गया। यह नया सिस्टम डायरेक्ट करंट यानी डीसी और एडवांस लिक्विड-कूल्ड मैकेनिज्म का इस्तेमाल करता है। इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय पावर ग्रिड पर दबाव डाले बिना और बुनियादी ढांचे की रुकावटों को दरकिनार करते हुए वाहनों को तेजी से पावर प्रदान करना है।

Huawei EV Fast Charging Technology: डायरेक्ट करंट सेटअप से बढ़ेगी इलेक्ट्रिकल क्षमता

पारंपरिक चार्जिंग स्टेशन अक्सर अल्टरनेटिंग करंट यानी एसी कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें बिजली को बदलने के दौरान काफी पावर का नुकसान होता है।

हुआवेई का यह नया प्लेटफॉर्म बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को सीधे डायरेक्ट करंट बस से जोड़ता है। इस तरह पावर कन्वर्जन का एक पूरा चरण खत्म हो जाता है और सिस्टम की इलेक्ट्रिकल क्षमता बढ़कर 92.1 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।

ग्रिड पर कम दबाव और कम इंस्टॉलेशन समय

इस डायरेक्ट करंट सेटअप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अतिरिक्त बिजली पावर ग्रिड में वापस नहीं जाती है।भारी चार्जिंग लोड के समय यह सिस्टम अपनी आंतरिक बैटरी से बिजली खींचता है, जिससे चार्जिंग स्टेशन महज 50 किलोवाट के सामान्य ग्रिड कनेक्शन पर भी आसानी से काम कर सकता है।

परिणामस्वरूप चार्जिंग स्टेशन संचालकों को ग्रिड क्षमता बढ़ाने के लिए लंबी मंजूरियां नहीं लेनी पड़ेंगी। इस वजह से नए चार्जिंग स्टेशन बनाने में लगने वाला महीनों का समय घटकर अब सिर्फ कुछ हफ्तों का रह जाएगा।

Huawei EV Fast Charging Technology: हाई पावर डिस्पेंसर और 720 किलोवाट आउटपुट

इस नए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में लिक्विड-कूल्ड पावर यूनिट्स के साथ बूस्ट डीसी डिस्पेंसर शामिल किए गए हैं।सिस्टम का मुख्य डिस्पेंसर 800 एम्पीयर तक का करंट देता है, जबकि बूस्ट डिस्पेंसर 600 एम्पीयर तक करंट देने में पूरी तरह सक्षम है।

यह पूरा चार्जिंग प्लेटफॉर्म 150 से 1,000 वोल्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है और कुल 720 किलोवाट तक का पावर आउटपुट प्रदान कर सकता है।इसके साथ ही कंपनी चीन में मेगावाट स्तर के चार्जर का फील्ड ट्रायल भी कर रही है, जिसे जल्द ही यूरोपीय बाजारों में भी उतारा जाएगा।

लिक्विड-कूलिंग तकनीक से बढ़ेगी हार्डवेयर की लाइफ

अत्यधिक गर्मी और मौसम के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए इस पूरे हार्डवेयर में बंद लिक्विड-कूलिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है।यह सील्ड डिजाइन धूल, नमी और नमकीन हवा को संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स से दूर रखता है, जिससे उपकरणों की लाइफ बढ़कर 10 साल हो जाती है।

लिक्विड-कूलिंग की वजह से चार्जिंग के दौरान होने वाला शोर भी 55 डेसिबल से नीचे रहता है। इस सुरक्षित तकनीक को टीयूवी से प्राइम लेवल सेफ्टी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है।

स्मार्ट पावर शेयरिंग और मॉड्यूलर आर्किटेक्चर

हुआवेई का यह नेटवर्क एक ऑटोमैटिक पावर शेयरिंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है जो स्टेशन से जुड़ी गाड़ियों में बिजली का समान वितरण करता है।इससे पूरे चार्जिंग स्टेशन की काम करने की कुल क्षमता 96 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।

इसके मॉड्यूलर डिजाइन की वजह से स्टेशन ऑपरेटर बिना मुख्य उपकरण बदले, भविष्य में आसानी से फास्ट चार्जिंग से अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग पर अपग्रेड कर सकते हैं।

Huawei EV Fast Charging Technology: वैश्विक स्तर पर बैटरी टेक्नोलॉजी में तेजी से सुधार

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे इस बड़े सुधार के साथ ही ऑटोमोबाइल कंपनियां भी बैटरी केमिस्ट्री को तेजी से अपग्रेड कर रही हैं।हाल ही में चीन के एफएडब्ल्यू ग्रुप के लग्जरी ब्रांड होंगकी ने अपनी एक नई प्रोटोटाइप बैटरी का लैब ट्रायल डेटा साझा किया है।

परीक्षण के दौरान यह बैटरी केवल 3 मिनट 41 सेकंड में 10 से 70 प्रतिशत तक चार्ज हो गई, जबकि पूरी तरह चार्ज होने में इसे 8 मिनट का समय लगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते दौर में सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग में लगने वाला लंबा समय और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमित क्षमता रही है। हुआवेई द्वारा पेश की गई यह लिक्विड-कूल्ड डायरेक्ट करंट तकनीक इन दोनों ही समस्याओं का एक प्रभावी और टिकाऊ समाधान पेश करती है।

महज 5 मिनट में 200 किलोमीटर की रेंज मिलना न केवल चालकों का कीमती समय बचाएगा, बल्कि पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर निर्भरता को भी तेजी से कम करेगा। जैसे-जैसे यह तकनीक व्यावसायिक रूप से व्यापक स्तर पर लागू होगी, वैसे-वैसे वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति और अधिक तीव्र होना तय है।

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