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Dengue-Malaria Risk: मानसून में डेंगू-मलेरिया का खतरा, घर के अंदर ये जगहें बनती हैं मच्छरों का अड्डा

Dengue-Malaria Risk: मानसून में डेंगू-मलेरिया का खतरा, घर के अंदर ये जगहें बनती हैं मच्छरों का अड्डा
Dengue-Malaria Risk

सारांश

  • Dengue-Malaria Risk: मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो जरूर दिलाता है लेकिन साथ में कई बीमारियां भी लेकर आता है।
  • गर्मी खत्म होने के बाद कई लोग एयर कूलर का इस्तेमाल बंद कर देते हैं।
  • घर के अंदर या बाउंड्री से सटी नालियों में कचरा जमा होने से जल निकासी रुक जाती है।
  • घर की सुंदरता के लिए बालकनी, छत या कमरों में इनडोर प्लांट्स लगाए जाते हैं।

Dengue-Malaria Risk: मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो जरूर दिलाता है लेकिन साथ में कई बीमारियां भी लेकर आता है। बारिश शुरू होते ही जगह-जगह पानी जमा होने लगता है जिससे मच्छर पनपने का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादातर लोग घर के बाहर नालियों और गड्ढों की सफाई कर लेते हैं लेकिन घर के अंदर छिपे कोनों को भूल जाते हैं। डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में तेजी से प्रजनन करते हैं।

अगर समय रहते इन जगहों का ध्यान न रखा जाए तो परिवार के सदस्य इन गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। सेहत बनाए रखने के लिए घर के अंदर जलभराव वाली जगहों की नियमित जांच और सफाई बेहद जरूरी है।

कूलर में जमा पानी सबसे बड़ा खतरा

गर्मी खत्म होने के बाद कई लोग एयर कूलर का इस्तेमाल बंद कर देते हैं। मानसून में नमी ज्यादा होने के कारण कूलर बंद रहता है लेकिन टंकी में पुराना पानी वैसा ही छोड़ दिया जाता है। बंद पड़ा कूलर मच्छरों के प्रजनन के लिए सुरक्षित ठिकाना बन जाता है। कई दिनों तक भरे पानी में लारवा तेजी से विकसित होते हैं। इस्तेमाल न होने पर कूलर की टंकी तुरंत खाली कर दें। टंकी को अच्छी तरह साफ करके सुखा लें। नियमित रूप से पानी बदलने और साफ रखने से मच्छरों के पनपने की संभावना काफी कम हो जाती है। इस छोटी सी सावधानी से बड़ा खतरा टाला जा सकता है।

Dengue-Malaria Risk: एसी और फ्रिज की ड्रिप ट्रे का ध्यान रखें

एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर आधुनिक घरों का हिस्सा बन चुके हैं लेकिन उनके पीछे की ड्रिप ट्रे पर कम ही नजर जाती है। एसी और फ्रिज चलने के दौरान निकलने वाला अतिरिक्त पानी इस ट्रे में जमा होता रहता है। ट्रे नजरों से दूर होने के कारण कई दिनों तक पानी भरा रहता है। यही जमा पानी मच्छरों को आकर्षित करता है और अंडे देने की जगह बन जाता है। हफ्ते में कम से कम दो बार ड्रिप ट्रे की जांच करें। पानी निकालकर ट्रे को साफ सूती कपड़े से पोंछकर सुखाएं। नियमित सफाई से यह छिपा हुआ स्रोत खत्म हो जाता है।

नालियों और गटर की नियमित सफाई

घर के अंदर या बाउंड्री से सटी नालियों में कचरा जमा होने से जल निकासी रुक जाती है। पानी का बहाव थमने से गंदा और बदबूदार पानी जमा हो जाता है। यह स्थिति मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। जलभराव से बदबू के साथ मच्छरों की संख्या भी बढ़ जाती है। नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें ताकि पानी का प्रवाह बना रहे। कचरा या पॉलीथिन न फंसने दें। जरूरत पड़ने पर कीटाणुनाशक या नीम के तेल का छिड़काव करें। साफ नालियां मच्छर नियंत्रण में मदद करती हैं।

Dengue-Malaria Risk: बाथरूम की बाल्टी और ड्रम पर ध्यान दें

बाथरूम या सिंक के पास खुली बाल्टी या ड्रम में पानी छोड़ना बड़ी लापरवाही साबित हो सकता है। कई लोग आपातकाल के लिए पानी भरकर खुला छोड़ देते हैं। खुला पानी मादा मच्छर के लिए अंडे देने का आसान निमंत्रण है। पानी के बर्तनों को हमेशा ढक्कन से ढककर रखें। जिन बर्तनों का इस्तेमाल न हो रहा हो उन्हें खाली करके उल्टा रख दें। बाथरूम के फर्श को भी सूखा रखने की कोशिश करें क्योंकि नमी मच्छरों को आकर्षित करती है। इन छोटी आदतों से प्रजनन स्थल खत्म किए जा सकते हैं।

पौधों के गमलों की ट्रे भी बनती है अड्डा

घर की सुंदरता के लिए बालकनी, छत या कमरों में इनडोर प्लांट्स लगाए जाते हैं। गमलों के नीचे पानी एकत्र करने वाली प्लास्टिक ट्रे मच्छरों का बड़ा ठिकाना बन जाती है। ज्यादा पानी डालने पर ट्रे में पानी जमा हो जाता है और कई दिनों तक पड़ा रहता है। बरसात में इन ट्रे का पानी तुरंत खाली करें। गमलों की मिट्टी में पानी न रुकने दें। संभव हो तो इस मौसम में ट्रे हटा दें ताकि पानी जमा ही न हो। पौधों की देखभाल के साथ मच्छर नियंत्रण भी जरूरी है।

Dengue-Malaria Risk: लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

बरसात में थोड़ी सी सावधानी परिवार को गंभीर बीमारियों से बचा सकती है। घर को स्वच्छ रखना और पानी का ठहराव रोकना सबसे प्रभावी उपाय है। अगर किसी सदस्य को अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो इसे आम वायरल न समझें। ऐसे लक्षणों पर बिना देर किए चिकित्सक से सलाह लें और जरूरी जांच कराएं। शुरुआती इलाज से डेंगू और मलेरिया के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है। सतर्कता और समय पर कार्रवाई सेहत की रक्षा करती है।

मानसून में डेंगू और मलेरिया का खतरा घर के अंदर छिपे जलभराव से बढ़ता है। कूलर की टंकी, एसी-फ्रिज की ड्रिप ट्रे, नालियां, खुली बाल्टियां और पौधों की ट्रे मच्छरों के मुख्य प्रजनन स्थल बन जाते हैं। नियमित सफाई, पानी खाली करना और बर्तन ढककर रखना इन बीमारियों से बचाव का सरल तरीका है। बाहरी सफाई के साथ इनडोर हाइजीन पर भी ध्यान दें। लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सलाह लें। छोटी सावधानियां बड़े खतरे से परिवार को सुरक्षित रख सकती हैं।

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लेखक

Shobhit Pandey

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