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Delhi Cyber Crime: वर्क फ्रॉम होम जॉब के नाम पर करोड़ों की ठगी, क्रिप्टो में बदलकर चीन भेजते थे रकम; 4 गिरफ्तार

Delhi Cyber Crime: वर्क फ्रॉम होम जॉब के नाम पर करोड़ों की ठगी, क्रिप्टो में बदलकर चीन भेजते थे रकम; 4 गिरफ्तार
Delhi Cyber Crime: दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस ने चीन से जुड़े एक संगठित वर्क फ्रॉम होम टास्क फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और इस मामले में चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर मासूम लोगों को घर बैठे ऑनलाइन काम करके मोटी कमाई करने का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगने और फिर उस रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन भेजने का बेहद गंभीर आरोप है।
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए चीन में बैठे मुख्य साइबर ठगों को भारतीय म्यूल बैंक खाते यानी किराए के बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। ठगी की पूरी राशि को जांच एजेंसियों से छिपाने के लिए अलग-अलग खातों की परतों में घुमाया जाता था और अंत में इसे यूएसडीटी (USDT) नामक क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर सीधे चीन भेज दिया जाता था।

Delhi Cyber Crime: पढ़े-लिखे युवाओं का गिरोह में शामिल होना और उनकी गिरफ्तारी की पूरी कहानी

साइबर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान गीताम सिंह, ध्रुव, अनुज शर्मा और गगन यादव के रूप में हुई है। इस मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि उच्च शिक्षित और पेशेवर डिग्री धारक हैं। इनमें से कुछ ने बीबीए, बीकॉम और एमबीए जैसी बड़ी शैक्षणिक डिग्रियां हासिल की हैं, लेकिन जल्द पैसा कमाने के लालच में वे इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा बन गए।
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से नौ बैंक पासबुक, पांच एक्टिव सिम कार्ड, छह महंगे स्मार्टफोन और एक विशेष रजिस्टर बरामद किया गया है, जिसमें कमीशन का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है। आरोपियों से साइबर सेल की विशेष टीम लगातार गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नेटवर्क और मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।

जानिए किस तरह बिछाया जाता था वर्क फ्रॉम होम ठगी का यह मायाजाल

पुलिस की विस्तृत जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट बहुत ही पेशेवर और संगठित तरीके से काम को अंजाम देता था। सबसे पहले चीन में बैठे गैंग के आका टेलीग्राम के जरिए पीड़ितों से संपर्क साधते थे और उन्हें वर्क फ्रॉम होम या पार्ट-टाइम जॉब का आकर्षक प्रस्ताव देते थे। इसके बाद पीड़ितों को ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में छोटे-छोटे भुगतान किए जाते थे।
एक बार जब पीड़ित का विश्वास कायम हो जाता था, तो उससे सिक्योरिटी मनी, टैक्स या अकाउंट अपग्रेडेशन के नाम पर मोटी रकम जमा करवाई जाती थी। जब पीड़ित अपनी जमा राशि या कमाए गए पैसों को निकालने का प्रयास करता, तो उस पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया जाता था। एक हालिया मामले में पीड़ित से लगभग 12 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम इसी तरह ऐंठ ली गई थी।

डिजिटल ट्रैकिंग और इस तरह पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय गिरोह के आरोपी

मामले की जांच तब शुरू हुई जब ठगी गई रकम का एक हिस्सा आरोपी गगन यादव के बैंक खाते में ट्रांसफर पाया गया। इसके बाद पुलिस ने अपनी तकनीकी निगरानी और सर्विलांस के आधार पर सबसे पहले गुरुग्राम से गीताम सिंह को दबोचा। गीताम के मोबाइल से चीन में बैठे साइबर हैंडलर्स के साथ हुई टेलीग्राम और व्हाट्सऐप चैट के ठोस सबूत मिले।
गीताम ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह किराए के बैंक अकाउंट का इंतजाम करता था और पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का काम संभालता था। इसके बाद गीताम की निशानदेही पर गाजियाबाद से ध्रुव को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से पासबुक, सिम कार्ड और कमीशन का रजिस्टर मिला। ध्रुव से मिली जानकारी के आधार पर नोएडा से बैंक खाते खुलवाने वाले अनुज शर्मा और अंत में इटावा से खाताधारक गगन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।

म्यूल अकाउंट, क्रिप्टोकरेंसी और कमीशन पर टिका पूरा तंत्र

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पूरी तरह तय थी और यह पूरा सिस्टम कमीशन मॉडल पर काम करता था। एक आरोपी का काम केवल फर्जी या किराए के बैंक खाते मुहैया कराना था, तो दूसरा उन खातों को चलाता था। तीसरा व्यक्ति भारतीय मुद्रा को डिजिटल करेंसी यानी यूएसडीटी में बदलता था और चौथा चीनी आकाओं से सीधा संपर्क बनाए रखता था।
ठगी की रकम को भारतीय बैंकों के कई म्यूल खातों में इस तरह घुमाया जाता था कि पुलिस या जांच एजेंसियों के लिए ‘मनी ट्रेल’ यानी पैसों के रास्ते का पीछा करना बेहद मुश्किल हो जाए। हालांकि, पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने जब टेलीग्राम आईडी के आईपी एड्रेस को ट्रैक किया, तो उनकी लोकेशन चीन में पाई गई, जिससे यह साबित हो गया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड चीन में बैठा है।

कोरोना काल के बाद वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बढ़ा साइबर फ्रॉड का खतरा

कोविड महामारी के बाद से देश में वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब्स का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। आज के समय में अधिकांश लोग अपने घर बैठे अतिरिक्त कमाई करने का सपना देखते हैं और ठग लोगों की इसी जरूरत और अनभिज्ञता का पूरा फायदा उठाते हैं। टेलीग्राम, व्हाट्सऐप और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर दिन ऐसे हजारों आकर्षक विज्ञापन पोस्ट किए जाते हैं।
इस तरह के सिंडिकेट अक्सर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार से संचालित होते हैं, जिनमें चीन, कंबोडिया और लाओस जैसे देश मुख्य केंद्र बनकर उभरे हैं। विदेशी ठग भारतीय एजेंट्स को मोटा कमीशन देकर उनके माध्यम से देश के युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल वित्तीय लेनदेन को छिपाने के लिए किया जाता है क्योंकि इसे एक देश से दूसरे देश में ट्रांसफर करना बेहद आसान और गुमनाम होता है।

Delhi Cyber Crime: जांच का अगला चरण और साइबर ठगी के इस मायाजाल से बचने के उपाय

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल अब इस बात का पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट ने देश के किन-किन राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और अब तक कुल कितनी रकम चीन भेजी जा चुकी है। बरामद किए गए रजिस्टरों और मोबाइल फोनों का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इस नेटवर्क के अन्य भारतीय संपर्कों को भी बेनकाब किया जा सके।
साइबर विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि असली और प्रामाणिक कंपनियां कभी भी नौकरी देने के बदले सिक्योरिटी डिपॉजिट या रजिस्ट्रेशन शुल्क की मांग नहीं करती हैं। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनजान ऐप या टेलीग्राम चैनल पर मिले जॉब ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई भी व्यक्ति या कंपनी टास्क पूरा करने के नाम पर पैसे जमा करने को कहे, तो तुरंत सावधान हो जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या स्थानीय पुलिस को दें।

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लेखक

Netsha Singh

I am a Hindi News Content Writer with 1 year of experience in writing and publishing news content for digital platforms. I have previously worked with Khabar Nagari and Online Taza Khabar, along with internship experience in news content writing. I am also a YouTube Content Creator, creating content around current news, trending topics, and important developments.

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