CG News : अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड ने देश में सोने और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने भारत का पहला हाई स्पीड हाइड्रोस्टैटिक पोर्टेबल रिग कमीशन किया है। इस उपकरण को छत्तीसगढ़ के दो प्रोजेक्ट्स में तैनात किया गया है।

यह रिग मुश्किल इलाकों में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है और एक हजार मीटर की गहराई तक खुदाई कर सकता है। कंपनी का लक्ष्य खनिज भंडार की खोज में तेजी लाना और सुरक्षा के साथ परिचालन क्षमता बेहतर करना है। वैश्विक स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स की मांग बढ़ रही है, ऐसे में यह कदम देश की खनन क्षमता बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

CG News : देश में पहली बार इस्तेमाल हो रहा नया रिग

वेदांता ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि यह हाई स्पीड हाइड्रोस्टैटिक पोर्टेबल रिग भारत में पहली बार कमीशन किया गया है। इसे कठिन इलाकों में एक्सप्लोरेशन के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। रिग की मदद से उपकरणों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कम समय लगता है। इससे खोज कार्यों की गति बढ़ेगी और लागत भी नियंत्रित रहेगी। छत्तीसगढ़ में दो प्रोजेक्ट्स में इसे तैनात करने से क्षेत्र में खनन गतिविधियां तेज होंगी।

सोना और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज पर फोकस

कंपनी सोने के साथ-साथ निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम ग्रुप के तत्वों की खोज पर ध्यान दे रही है। वेदांता को कुल दस क्रिटिकल मिनरल्स ब्लॉक मिले हैं। इनमें सोना, मैंगनीज, कॉपर, निकल-क्रोमियम, टंगस्टन, ग्रेफाइट, वैनेडियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स और पोटाश शामिल हैं। इनमें से पांच ब्लॉकों में पहले से एक्सप्लोरेशन का काम चल रहा है। नए रिग से इन ब्लॉकों में खोज की गति और सटीकता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

CG News : आंध्र प्रदेश में भी मिली सफलता

वेदांता को आंध्र प्रदेश के पुन्नम मैंगनीज ब्लॉक में सफल बिडर घोषित किया गया है। यह कंपनी के विस्तार की दिशा में एक और उपलब्धि है। विभिन्न राज्यों में ब्लॉकों की उपलब्धता से कंपनी देशभर में खनिज खोज का नेटवर्क मजबूत कर रही है। छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से खोज प्रक्रिया तेज हो सकती है। इससे घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।

वैश्विक मांग और भारत की जरूरत

कंपनी के अनुसार 2030 तक क्रिटिकल मिनरल्स की वैश्विक मांग तीन गुना होने की संभावना है। 2040 तक यह सालाना 40 मिलियन टन तक पहुंच सकती है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती जरूरत को देखते हुए घरेलू खोज जरूरी हो गई है। वेदांता का यह कदम आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में मददगार साबित हो सकता है। आधुनिक तकनीक से खोज में लगने वाला समय भी घटेगा।

CG News : सुरक्षा और परिचालन क्षमता पर जोर

नए रिग की तैनाती से सुरक्षा मानकों में सुधार होने की उम्मीद है। हाई स्पीड हाइड्रोस्टैटिक सिस्टम से संचालन ज्यादा नियंत्रित और सुरक्षित होगा। मुश्किल इलाकों में काम करने की क्षमता होने से दूरदराज के क्षेत्रों में भी खोज संभव होगी। कंपनी का लक्ष्य खनिज भंडार की पहचान जल्द पूरा करना और आगे की प्रक्रिया शुरू करना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

वेदांता द्वारा देश के पहले हाई स्पीड हाइड्रोस्टैटिक पोर्टेबल रिग को छत्तीसगढ़ में तैनात करना खनन क्षेत्र के लिए नई शुरुआत है। सोना और अन्य क्रिटिकल मिनरल्स की खोज तेज होने से देश की खनिज सुरक्षा मजबूत होगी। दस ब्लॉकों में से पांच में पहले से चल रहे काम और आंध्र प्रदेश में मिली सफलता कंपनी की सक्रियता दिखाती है। वैश्विक मांग बढ़ने के बीच घरेलू खोज पर जोर सही दिशा में कदम है। आगे इस तकनीक के विस्तार से भारत की खनन क्षमता में और इजाफा हो सकता है।

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