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Aaj Ka Mausam 29 September 2026: यूपी, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश के आसार

Aaj Ka Mausam 29 September 2026

सारांश

  • Aaj Ka Mausam 29 September 2026: उत्तर प्रदेश: 29 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए IMD की कोई विशेष चेतावनी नहीं है। Mausam
  • दिल्ली-NCR: 29 सितंबर के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं है। Mausam
  • लखनऊ: बादल और स्थानीय बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए मौसम पर नजर रखें।
  • मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़: कुछ क्षेत्रों में स्थानीय बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
  • राजस्थान: 29 सितंबर को IMD की उपखंडीय चेतावनी में कोई चेतावनी नहीं है। Mausam
  • यात्रा: बारिश और बिजली की संभावना वाले क्षेत्रों में स्थानीय एडवाइजरी जरूर देखें।
  • किसान: खेतों में जलनिकासी और फसल के भंडारण को लेकर सावधानी बरतें।

Aaj Ka Mausam 29 September 2026:  सितंबर महीने के विदाई वेला के साथ देश में मानसूनी सीजन अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है, किंतु वायुमंडलीय परिसंचरण और अवदाब (डिप्रेशन) के बचे हुए प्रभावों के कारण कई राज्यों में वर्षा की गतिविधियां अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी 29 सितंबर 2026 के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य, पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई राज्यों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश और जलभराव के संकट के बाद अब वर्षा के तीव्र दौर में कमी आने के संकेत हैं, यद्यपि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते वर्षा का दौर अभी एक-दो दिन और खिंच सकता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के शहरों में मौसम सुहावना बना रहेगा, जहां हल्की बूंदाबांदी के बीच तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।

Aaj Ka Mausam 29 September 2026: उत्तर प्रदेश का मौसम

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पिछले कुछ दिनों की भीषण अतिवृष्टि के उपरांत अब करवट ले रहा है। पिछले 60 घंटों में तराई और मध्य यूपी के जिलों में हुए व्यापक नुकसान के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों में बारिश की तीव्रता में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, हालांकि स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इसके विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों—जैसे गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी और प्रयागराज—में 1 अक्टूबर तक रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना बनी हुई है।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ के स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, 29 सितंबर को शहर के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। लखनऊ में न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द रहने का अनुमान है। शहर के लिए फिलहाल किसी प्रकार का भारी वर्षा का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, किंतु हवा में आर्द्रता (नमी) का स्तर 80 से 90 प्रतिशत रहने के कारण दोपहर के समय उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा तापमान: हल्की बूंदाबांदी के साथ सुहावना रहेगा मिजाज

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सितंबर के अंत में मौसम काफी हद तक खुशनुमा बना हुआ है। विगत दिनों हुई वर्षा के चलते दिल्ली का पारा सामान्य से काफी नीचे गिर गया था, जिससे राजधानीवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली।

मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी (Drizzle) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दिन का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम पारा 23 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। दिल्ली के लिए भारी वर्षा की कोई चेतावनी नहीं है, हालांकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडी हवाएं चलने से मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक बना रहेगा।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान: कहीं धूप-छांव तो कहीं हल्की बौछारें

मध्य भारत के राज्यों में मौसमी तंत्र का प्रभाव अभी भी देखा जा रहा है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय रहे कम दबाव के क्षेत्र के असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 सितंबर को केवल कुछ ही स्थानों पर हल्की वर्षा का अनुमान है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने की संभावना जताई गई है।

मरुधरा राजस्थान की बात करें तो वहां मौसम का दोहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। पूर्वी राजस्थान के जिलों—जैसे जयपुर, दौसा, भरतपुर और कोटा—में 30 सितंबर तक बादलों की मौजूदगी और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के थार रेगिस्तानी इलाकों—जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर—में मानसून की औपचारिक वापसी के साथ मौसम पूरी तरह शुष्क हो चुका है और दिन के समय तेज धूप के साथ तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा: पूर्वी भारत में जलस्तर और बादलों का असर

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता 29 सितंबर को भी बरकरार रहेगी। बिहार और झारखंड के कई जिलों में पिछले 48 घंटों के दौरान हुई अच्छी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग ने बिहार के सीमावर्ती जिलों और झारखंड के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तटीय आंध्र प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विशेष रूप से नदी-नालों और कछारी इलाकों के निकट बसे ग्रामीणों को स्थानीय प्रशासन की मौसम चेतावनियों पर लगातार ध्यान देने की हिदायत दी गई है।

मानसून की वापसी का दौर: क्यों अचानक बदल रहा है सितंबर का मौसम?

सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव के पीछे मुख्य रूप से दो प्रमुख मौसम प्रणालियों का समन्वय है। एक ओर जहां उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की क्रमिक वापसी (Withdrawal of Monsoon) की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर मध्य भारत में बने चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आने वाली आर्द्र हवाओं का टकराव हो रहा है।

इस मौसमी संक्रमण काल (Transitional Phase) में वातावरण में ऊर्जा और नमी का असंतुलन स्थानीय स्तर पर घने काले बादलों का निर्माण करता है, जिससे अल्पकालिक किंतु तेज बारिश और बिजली गिरने (Thunderstorm & Lightning) की घटनाएं सामने आती हैं। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं प्रभावी होंगी, जिसके बाद उत्तर भारत में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क होने की प्रबल संभावना है।

Aaj Ka Mausam 29 September 2026: किसानों और यात्रियों के लिए सावधानियां

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में बारिश थम चुकी है, वहां खेतों से जल निकासी का उचित प्रबंध करें ताकि कटी या पक चुकी खरीफ फसलों—धान, बाजरा और मक्का—को सड़ने से बचाया जा सके। जब तक आसमान पूरी तरह साफ न हो जाए, तब तक फसलों की कटाई और खुले खलिहान में भंडारण से परहेज करें।

आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए परामर्श दिया गया है कि गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और लोहे के बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। यात्रा की योजना बनाने से पूर्व अपने गंतव्य शहर के मौसम और स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी की पड़ताल अवश्य कर लें।

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लेखक

Netsha Singh

I am a Hindi News Content Writer with 1 year of experience in writing and publishing news content for digital platforms. I have previously worked with Khabar Nagari and Online Taza Khabar, along with internship experience in news content writing. I am also a YouTube Content Creator, creating content around current news, trending topics, and important developments.

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