Egg Price Rise: नाश्ते की थाली से लेकर महीने के बजट तक महंगाई का असर साफ दिख रहा है। चीनी और प्याज के बाद अब अंडे के दाम भी जेब पर बोझ बन गए हैं। पिछले एक साल में देशभर में अंडों के भाव करीब 40 प्रतिशत तक बढ़े हैं। कई शहरों के खुदरा बाजार में एक अंडा 9 से 10 रुपये तक बिक रहा है।

नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी के 5 सितंबर 2026 के आंकड़ों में दिल्ली में भाव 6 रुपये और कोलकाता में करीब 6.02 रुपये प्रति अंडा बताया गया है। फिर भी स्थानीय दुकानों पर ग्राहक इससे अधिक चुका रहे हैं। पोल्ट्री फीड और मक्का महंगा होने को प्रमुख वजह माना जा रहा है। दिसंबर तक लागत और 15 से 20 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान भी सामने आया है।

Egg Price Rise: आज अंडे का आधिकारिक भाव कितना है

एनईसीसी के 5 सितंबर के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में एक अंडा 6 रुपये है। कोलकाता में यह करीब 6.02 रुपये प्रति अंडा है। खुदरा बाजार में कई जगह भाव 9 से 10 रुपये तक पहुंच गया है। शहर के हिसाब से अंतर साफ दिख रहा है।

एक दिन पहले थोक और ट्रे का भाव

4 सितंबर 2026 के बाजार आंकड़ों में देश में अंडे का थोक और एनईसीसी सुझाया भाव 4.90 रुपये प्रति अंडा था। 30 अंडों की ट्रे 147 रुपये तथा 210 अंडों की पेटी 1,029 रुपये रही। सुपरमार्केट में एक अंडे की कीमत करीब 5.39 रुपये बताई गई। अलग-अलग शहरों में यह आंकड़ा बदल सकता है।

Egg Price Rise: अंडे महंगे होने की मुख्य वजह

कीमत बढ़ने के पीछे पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत, मांग में इजाफा और कम उत्पादन बताया जा रहा है। मक्का के भाव में भी तेजी आई है। कुछ बाजारों में मक्का करीब 22 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

फीड का हिस्सा लागत पर कितना भारी है

पोल्ट्री उत्पादन की कुल लागत में फीड का हिस्सा करीब 65 से 70 प्रतिशत तक होता है। मक्का महंगा होने का सीधा असर अंडे की कीमत पर पड़ता है। हालिया उद्योग आंकड़ों में मक्का करीब 26,500 रुपये प्रति टन है। तीन साल पहले यह लगभग 14,000 रुपये प्रति टन थी।

Egg Price Rise: दिसंबर तक और कितनी बढ़ोतरी संभव है

अभी एग्स के मुताबिक दिसंबर तक इनपुट कॉस्ट में 15 से 20 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी ने कहा है कि वह फीड फॉर्मूला में सस्ते विकल्प नहीं अपना रही। टूटे चावल, गेहूं और सोयामील जैसे विकल्पों का इस्तेमाल न करने का उल्लेख किया गया है।

परिवारों के सर्वे में क्या निकला

लोकल सर्कल्स के सर्वे में 67,000 से ज्यादा परिवार शामिल हुए। 287 जिलों में हुए इस सर्वे में 62 प्रतिशत परिवारों ने पिछले छह महीनों में अंडों की कीमत 10 से 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा बढ़ने की बात कही। 48 प्रतिशत परिवारों ने महंगाई के बाद अंडे खरीदना कम कर दिया।

चीनी दो महीने में कितनी महंगी हुई

4 जुलाई 2026 को प्रमुख बाजारों में चीनी का खुदरा भाव करीब 48 रुपये प्रति किलो था। अब यह 60 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है। करीब दो महीनों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। रोजमर्रा के खर्च पर इसका सीधा असर पड़ा है।

Egg Price Rise: महानगरों में चीनी का खुदरा भाव

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में चीनी का खुदरा भाव 60 रुपये प्रति किलो बताया गया है। चेन्नई में यह 61 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। चीनी के बाद अब अंडा और प्याज भी थाली का खर्च बढ़ा रहे हैं।

प्याज एक महीने में 42 प्रतिशत ऊपर

प्रमुख शहरों में प्याज की खुदरा कीमत 50 से 65 रुपये प्रति किलो के बीच है। अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव करीब 50.50 रुपये प्रति किलो बताया गया है। अगस्त में औसत भाव 35.47 रुपये प्रति किलो था। सितंबर की शुरुआत में यह 50.50 रुपये हो गया।

Egg Price Rise: पिछले साल से तुलना और ऊंचे बाजार

एक महीने में प्याज करीब 42 प्रतिशत महंगा हुआ। पिछले साल इसी अवधि में औसत भाव 28.48 रुपये प्रति किलो था। कुछ बाजारों में कीमत 70 से 82 रुपये प्रति किलो तक भी पहुंच गई है। तीनों वस्तुओं की महंगाई अब एक साथ दिख रही है।

चीनी, प्याज और अंडे की कीमत एक साथ बढ़ने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है। एक साल में अंडे करीब 40 प्रतिशत महंगे हुए हैं और कई खुदरा बाजारों में एक अंडा 9 से 10 रुपये बिक रहा है, जबकि एनईसीसी के आंकड़ों में दिल्ली-कोलकाता का भाव 6 रुपये के आसपास है।

मक्का 26,500 रुपये प्रति टन तक पहुंचने तथा फीड का 65-70 प्रतिशत लागत हिस्सा होने को बड़ी वजह माना जा रहा है। दिसंबर तक इनपुट लागत में 15-20 प्रतिशत और बढ़ोतरी का अनुमान है। चीनी दो महीने में 48 से 60 रुपये पार हुई और प्याज एक महीने में 35.47 से 50.50 रुपये औसत पर आ गया। सर्वे में करीब आधे परिवार खरीद घटाने लगे हैं। आगे फीड लागत और आपूर्ति तय करेगी कि थाली का खर्च कितना और बढ़ता है।

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