Gold-Silver Price 5 September 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में सितंबर के शुरुआती कारोबारी सत्रों में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और घरेलू मांग के प्रभाव के बीच शनिवार, 5 सितंबर 2026 को देश के अधिकांश प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के भाव ऐतिहासिक उच्च स्तरों के आसपास बने हुए हैं। नवीनतम बाजार आंकड़ों के अनुसार, भारत में 24 कैरेट शुद्ध सोने का खुदरा भाव लगभग ₹15,666 प्रति ग्राम यानी ₹1,56,660 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं, आभूषण निर्माण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले 22 कैरेट मानक सोने का भाव लगभग ₹14,360 प्रति ग्राम यानी ₹1,43,600 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।

चांदी की कीमतों में भी जोरदार मजबूती बनी हुई है और विभिन्न घरेलू खुदरा बाजारों में शुद्ध चांदी का भाव ₹2.42 लाख से ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम के दायरे में स्थिर बना हुआ है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय वैट, चुंगी शुल्क और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम बिलिंग दरों में अंतर देखने को मिलता है। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए घरेलू बाजार के साथ-साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसलों के असर को समझना आवश्यक हो गया है।

Gold-Silver Price 5 September 2026: 24 और 22 कैरेट के मानक भाव

घरेलू हाजिर बाजार में 4 सितंबर को सोने की कीमतों में उल्लेखनीय मजबूती दर्ज की गई थी, जिसके चलते 5 सितंबर की सुबह भी कीमतें ऊंचे पायदान पर टिकी हुई हैं। 3 सितंबर को आई तेजी के बाद हालांकि वैश्विक दबाव दिखा था, किंतु घरेलू मांग ने स्थानीय दरों को मजबूती प्रदान की।

वर्तमान में 24 कैरेट शुद्ध सोने की प्रति ग्राम दर ₹15,666 होने से 10 ग्राम का भाव ₹1,56,660 बैठता है, जबकि 22 कैरेट जेवराती सोने का 10 ग्राम का भाव ₹1,43,600 दर्ज किया गया है। 18 कैरेट सोने का भाव भी अनुपातिक रूप से लगभग ₹1,17,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आंका गया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान में बुलियन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे दैनिक आधार पर दरों में फेरबदल की संभावना बनी रहती है।

महानगरों में आज का भाव: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई का हाल

देश के प्रमुख महानगरों में स्थानीय व्यापार संघों और कर संरचनाओं के अनुसार सोने के दामों में आंशिक अंतर दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव राष्ट्रीय औसत के अनुरूप लगभग ₹15,666 प्रति ग्राम और 22 कैरेट का भाव ₹14,360 प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के बाजारों में भी कीमतें इसी उच्च दायरे में दर्ज की गई हैं। चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,56,660 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,43,600 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर बना हुआ है। दक्षिण भारत के बाजारों में शादियों के सीजन की अग्रिम खरीदारी के चलते हाजिर मांग में निरंतरता देखी जा रही है।

लखनऊ और उत्तर प्रदेश के बाजारों में सोने का ताजा भाव

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के स्थानीय सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने के भाव राष्ट्रीय औसत से थोड़े ऊपर दर्ज किए गए हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार लखनऊ में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव लगभग ₹15,681 प्रति ग्राम यानी ₹1,56,810 प्रति 10 ग्राम चल रहा है।

वहीं, 22 कैरेट सोने की दर लगभग ₹14,375 प्रति ग्राम यानी ₹1,43,750 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ के बाजारों में भी स्थानीय ढुलाई लागत और चुंगी कर के प्रभाव से लखनऊ के समतुल्य ही दरें देखने को मिल रही हैं।

चांदी की कीमतों में मजबूती: औद्योगिक मांग का मिल रहा मजबूत सहारा

सोने के साथ-साथ सफेद धातु यानी चांदी के भाव भी मजबूती के साथ टिके हुए हैं। भारत के खुदरा बाजारों में चांदी की कीमत लगभग ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम (यानी 100 ग्राम के लिए ₹25,000) के आसपास बनी हुई है। हालांकि, फाइन बुलियन और खुदरा आभूषणों के संदर्भ में अलग-अलग बाजारों में भिन्नता दर्ज की जा रही है। 999 फाइन बुलियन सिल्वर का भाव कुछ थोक एक्सचेंजों पर लगभग ₹2,41,990 प्रति किलोग्राम कोट किया गया है।

चांदी की कीमतों में इस स्थायित्व और उछाल का प्रमुख कारण केवल आभूषणों की मांग नहीं है, बल्कि सौर ऊर्जा पैनल्स (Solar Photovoltaic Cells), सेमीकंडक्टर चिप्स और आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के निर्माण में चांदी की भारी औद्योगिक खपत है। हाल ही में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा सौदों में लगभग 2.84 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई थी, जिसने घरेलू हाजिर बाजार को मजबूत आधार प्रदान किया है।

वैश्विक बाजार में हलचल: अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का दबाव

घरेलू बाजार में तेजी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों (Non-Farm Payrolls) के जारी होने के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बैठकों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी या उन्हें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

इस घटनाक्रम के उपरांत अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना लगभग 2 प्रतिशत गिरकर $4,376 प्रति औंस के स्तर पर आ गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय चांदी लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ $64.92 प्रति औंस पर आ गई। आर्थिक नियमों के अनुसार, जब ब्याज दरें बढ़ती हैं या यील्ड मजबूत होती है, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने-चांदी पर मुनाफावसूली का दबाव बढ़ जाता है। वैश्विक वित्तीय जगत की नजरें अब 15-16 सितंबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक पर टिकी हैं।

24 कैरेट बनाम 22 कैरेट: खरीदारी से पहले समझें शुद्धता का अंतर

आम उपभोक्ताओं के लिए जेवर खरीदते समय सोने की शुद्धता के अंतर को समझना वित्तीय दृष्टि से आवश्यक है। 24 कैरेट सोना 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है, किंतु अपनी अत्यधिक कोमलता और लचीलेपन के कारण इससे बारीक डिजाइन वाले आभूषण नहीं बनाए जा सकते। इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्के, बिस्कुट और शुद्ध बार (Gold Bars) बनाने में होता है।

दूसरी ओर, 22 कैरेट सोने में 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और शेष 8.4 प्रतिशत हिस्सा तांबा, चांदी या जिंक जैसी धातुओं का मिलाया जाता है, जिससे धातु में कठोरता आती है। भारत में बिकने वाले अधिकांश पारंपरिक आभूषण 22 कैरेट सोने से ही तैयार किए जाते हैं। उपभोक्ता जब भी आभूषण खरीदें, उन्हें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का 6 अंकों वाला ‘HUID’ (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर अवश्य जांचना चाहिए।

ज्वेलरी खरीदते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

सोने के आभूषणों की खरीदारी करते समय केवल 10 ग्राम का बेस रेट ही अंतिम लागत तय नहीं करता। आभूषण की अंतिम कीमत की गणना इस प्रकार होती है: सोने का मूल्य (वजन और शुद्धता के आधार पर) + मेकिंग चार्ज + 3% जीएसटी (GST)।

विभिन्न ज्वेलर्स अपनी डिजाइनिंग और ब्रांडिंग के आधार पर 8 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। कई बार मेकिंग चार्ज में मोलभाव (Bargaining) की गुंजाइश रहती है। ग्राहकों को हमेशा पक्का जीएसटी बिल लेना चाहिए, जिसमें सोने का शुद्ध वजन, प्रयुक्त कैरेट, मेकिंग चार्ज और कर का स्पष्ट पृथक्करण दर्ज हो।

Gold-Silver Price 5 September 2026: क्या 5 सितंबर को सोना खरीदना रहेगा सही फैसला?

वर्तमान मूल्य स्तरों पर सोना खरीदने को लेकर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खरीदारी शादी-विवाह या किसी अपरिहार्य पारिवारिक समारोह के लिए है, तो बाजार के निचले स्तर का इंतजार करने के बजाय आवश्यकतानुसार खरीदारी कर लेना व्यावहारिक कदम होगा।

वहीं, शुद्ध निवेश के दृष्टिकोण से सोना खरीदने वाले निवेशकों को एकमुश्त बड़ी पूंजी लगाने के स्थान पर ‘सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान’ (SIP), डिजिटल गोल्ड अथवा गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से निवेश (Averaging) करने की रणनीति अपनानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय ब्याज दरों के आगामी रुझान और डॉलर इंडेक्स की चाल आने वाले दिनों में सोने और चांदी के नए मूल्य स्तर तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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