Aaj Ka Mausam 30 August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 30 अगस्त 2026, रविवार को देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। अगस्त महीने के अंतिम पड़ाव में मानसून का मुख्य प्रभाव पूर्वी, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के अधिकांश राज्यों में देखने को मिलेगा। मानसूनी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते इन क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दूसरी तरफ, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में मानसूनी गतिविधियां धीमी पड़ रही हैं, जिससे वहां धूप और उमस भरा माहौल बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

Aaj Ka Mausam 30 August 2026: उत्तर भारत: दिल्ली-NCR में उमस का असर, पहाड़ों में हल्की बारिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में रविवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। दिन का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। व्यापक बारिश की संभावना कम होने के कारण उच्च आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के चलते दिनभर चिपचिपी गर्मी और उमस परेशान कर सकती है।
पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और आंशिक बादलों से युक्त रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। पर्वतीय राज्यों—उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और भूस्खलन के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। जम्मू-कश्मीर में मौसम सामान्यतः सुहावना रहेगा और छिटपुट बौछारें पड़ने के आसार हैं। पश्चिमी राजस्थान में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, जबकि पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी

पूर्वी भारत में 30 अगस्त को मानसूनी तंत्र पूरी ताकत से सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र, ओडिशा और झारखंड के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। राजधानी कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही घने बादल छाए रहने और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और पारा 30 से 32 डिग्री के आसपास रहेगा। बिहार के उत्तरी और पूर्वी जिलों में भी मध्यम बारिश के आसार हैं।
पूर्वोत्तर के सातों राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम और मेघालय के संवेदनशील इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के चलते स्थानीय नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को बिजली गिरने के खतरों से बचने के लिए सतर्क रहने की हिदायत दी है।

मध्य भारत और पश्चिमी तट: महाराष्ट्र में बौछारें, गुजरात रहेगा शुष्क

मध्य भारत के राज्यों में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सक्रिय बादलों का डेरा रहेगा। विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है, जिससे खरीफ फसलों को लाभ पहुंचेगा। भोपाल और इंदौर में रुक-रुक कर बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि विदर्भ और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम वर्षा का योग बना हुआ है।
पश्चिमी तट पर कोंकण और गोवा क्षेत्र में मानसून की निरंतरता देखने को मिलेगी। मुंबई और उपनगरीय इलाकों में मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश दर्ज हो सकती है, जिससे तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। इसके विपरीत, गुजरात के अधिकांश हिस्सों—विशेषकर सौराष्ट्र और कच्छ में मानसूनी हवाएं कमजोर रहेंगी और मौसम मुख्यतः शुष्क व गर्म बना रहेगा।

दक्षिण भारत: कमजोर पड़ा मानसून, केरल और तटीय कर्नाटक में छिटपुट राहत

दक्षिणी प्रायद्वीप में अगस्त के अंत में मानसूनी हलचल सामान्य से कमजोर स्तर पर बनी हुई है। तटीय कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे तटीय इलाकों को गर्मी से राहत मिलेगी।
आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में मौसम सामान्य रूप से साफ अथवा आंशिक बादलों वाला रहेगा। चेन्नई में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है और तेज धूप के कारण उमस का प्रभाव अधिक रहेगा। तटीय मछुआरों को समुद्र के अशांत हिस्सों में जाने से पूर्व स्थानीय मौसम चेतावनी का पालन करने की सलाह दी गई है।

Aaj Ka Mausam 30 August 2026: सुरक्षा दिशा-निर्देश और किसानों के लिए सुझाव

मौसम विज्ञानियों ने भारी बारिश और आंधी-तूफान प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव वाले रास्तों पर संभलकर निकलने और खुले स्थानों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि फसलों की जड़ों में पानी न ठहरे। मौसमी उतार-चढ़ाव और उमस के कारण वायरल संक्रमण व जलजनित बीमारियों से बचने के लिए खानपान की शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

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