September 2026 Ekadashi: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ और परम कल्याणकारी माना गया है। प्रत्येक मास में दो एकादशियां—एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में पड़ती हैं। इस प्रकार पूरे वर्ष में कुल 24 एकादशियां आती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो साधक नियमपूर्वक एकादशी का उपवास रखकर जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना करते हैं, उनके समस्त जाने-अनजाने पाप नष्ट हो जाते हैं और मृत्यु उपरांत उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पंचांग गणना के अनुसार, सितंबर 2026 में दो अत्यंत पावन एकादशियां पड़ रही हैं। पहली भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की ‘अजा एकादशी’ (अन्नदा एकादशी) होगी, जो 7 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। वहीं दूसरी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चातुर्मास के अंतर्गत आने वाली ‘परिवर्तिनी एकादशी’ (पार्श्व या पद्मा एकादशी) होगी, जो 22 सितंबर 2026 को संपन्न होगी।
September 2026 Ekadashi: तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण का समय
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी या अन्नदा एकादशी कहा जाता है। यह व्रत इस वर्ष 7 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि का आरंभ 6 सितंबर की शाम 7 बजकर 29 मिनट पर होगा और इसका समापन 7 सितंबर की शाम 5 बजकर 3 मिनट पर होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार व्रत का संकल्प 7 सितंबर को ही लिया जाएगा।
व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि में 8 सितंबर 2026, मंगलवार को प्रातः 6 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट के शुभ समय में किया जाएगा। पारण के दिन द्वादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगी।
अजा एकादशी का पौराणिक महत्व और अन्न दान की महिमा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। चक्रवर्ती राजा हरिश्चंद्र ने भी महर्षि गौतम के निर्देश पर इसी व्रत का पालन कर अपना खोया हुआ राज्य, सम्मान और परिवार पुनः प्राप्त किया था।
इस दिन भगवान विष्णु के ऋषिकेश स्वरूप का पूजन किया जाता है। अजा एकादशी पर अन्न और जल का दान करना महादान माना गया है। जो जातक इस दिन भूखों को भोजन कराते हैं और ब्राह्मणों को अन्न-तिल का दान देते हैं, उनके पितृ तृप्त होते हैं तथा जीवन में दरिद्रता का नाश होकर धन-धान्य की वृद्धि होती है।
परिवर्तिनी एकादशी 2026: तिथि, मुहूर्त और वामन अवतार का योग
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी, पार्श्व एकादशी या पद्मा एकादशी के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन व्रत 22 सितंबर, मंगलवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि की शुरुआत 21 सितंबर की रात्रि 8 बजकर 00 मिनट पर होगी और 22 सितंबर की रात्रि 9 बजकर 43 मिनट पर तिथि समाप्त होगी।
इस व्रत का पारण 23 सितंबर 2026, बुधवार को प्रातः 6 बजकर 9 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट के बीच संपन्न होगा। द्वादशी तिथि का समापन 23 सितंबर की रात्रि 10 बजकर 50 मिनट पर होगा।
परिवर्तिनी एकादशी का आध्यात्मिक रहस्य: जब करवट बदलते हैं श्रीहरि
चातुर्मास की अवधि में आषाढ़ शुक्ल एकादशी से देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर योगनिद्रा में रहते हैं। भाद्रपद शुक्ल एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा के दौरान अपनी करवट बदलते हैं, इसी कारण शास्त्रों में इसे ‘परिवर्तिनी’ या ‘पार्श्व’ एकादशी कहा गया है।
यह तिथि भगवान विष्णु के पांचवें अवतार ‘भगवान वामन’ की उपासना से भी जुड़ी है। मान्यता है कि इस पावन दिवस पर वामन देव और लक्ष्मी जी का पूजन करने से तीनों लोकों की पूजा का फल प्राप्त होता है। इस दिन व्रत रखने वाले साधक के जीवन के समस्त संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति व स्थिरता बनी रहती है।
September 2026 Ekadashi:एकादशी व्रत के नियम, पूजन विधि और सावधानियां
एकादशी व्रत का संकल्प लेने वाले साधक को दशमी तिथि की संध्या से ही सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। एकादशी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि के उपरांत पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के समक्ष दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। पूजन में पंचामृत, पीले पुष्प, चंदन, अक्षत और विशेष रूप से तुलसी दल अवश्य अर्पित करना चाहिए।
इस पावन तिथि पर चावल और किसी भी प्रकार के भारी अन्न का सेवन पूर्णतः वर्जित होता है। साधक फलाहार, दूध या जल के माध्यम से व्रत रख सकते हैं। दिनभर झूठ, कटु वचन, क्रोध और परनिंदा से दूर रहकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” महामंत्र का मानसिक जप करना चाहिए। पारण के समय सबसे पहले किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा भेंट करने के बाद ही सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत पूर्ण करना चाहिए।
Read More Here
UP News : अमरोहा में बनेगा सरदार पटेल इंडस्ट्रियल जोन, पांच एकड़ में युवाओं को मिलेगा रोजगार
MP News : जीएसटी धोखाधड़ी नोटिस अब सबूत के बिना नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दी व्यापारियों को राहत
CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़े, नई कीमतें लागू
3 टिप्पणियाँ