Shaan Playback Singing: बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक शान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले वे भी प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बारे में सोच रहे थे। यह बात अरिजीत सिंह की उस घोषणा के संदर्भ में आई जब उन्होंने जनवरी में प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का ऐलान किया था।
शान का कहना है कि उस समय वे थकान महसूस कर रहे थे लेकिन उनके करीबी दोस्त सोनू निगम और स्वर्गीय केके ने उन्हें सही सलाह दी। करीब तैंतीस-चौंतीस साल की उम्र में उन्होंने हर तरह के गाने गा लिए थे और बड़े अवॉर्ड भी जीत चुके थे। काम इतना ज्यादा था कि सामाजिक कार्यों के लिए समय नहीं बचता था।
Shaan Playback Singing: काम के बोझ से पैदा हुई उलझन
शान ने विस्तार से बताया कि उस दौर में वे सुबह घर से निकलते और ए ग्रेड बी ग्रेड तथा सी ग्रेड हर किस्म की फिल्मों के गाने गाकर लौटते। शाम को घर पहुंचने पर पत्नी पूछतीं कि आज क्या गाया तो याद ही नहीं रहता था। इससे घर में भी शक होने लगता था। वे खुद सोचने लगे थे कि आखिर कर क्या रहे हैं। एक काम के बाद दूसरा काम चलता रहता था। अरिजीत सिंह टॉप पर पहुंचने के बाद चुनिंदा काम करते थे जबकि वे हर तरह की फिल्मों के गाने गा रहे थे।
सामाजिक कार्यों के लिए समय की कमी
शान ने कहा कि वे सामाजिक कामों के प्रति भी झुकाव रखते हैं। अब जब यहां पहुंचे हैं तो समाज के लिए कुछ करना चाहिए। लेकिन प्लेबैक सिंगिंग के व्यस्त शेड्यूल में उसके लिए समय नहीं निकल पा रहा था। बस एक के बाद एक काम होते जा रहे थे। यही वजह थी कि उनके मन में प्लेबैक छोड़ने का ख्याल आया। काम का बोझ इतना बढ़ गया था कि व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन प्रभावित होने लगा था।
Shaan Playback Singing: सोनू निगम और केके की अहम सलाह
शान ने याद करते हुए बताया कि उनके समकालीन गायक सोनू निगम और केके उन्हें बार-बार समझाते थे। वे कहते थे कि स्टैंडर्ड बनाए रखो हर किसी के लिए मत गाओ। लेकिन शान का जवाब होता था कि अगर कोई प्यार से बुलाता है तो इनकार कैसे करें। उनके पिता मानस मुखर्जी भी संगीत उद्योग से जुड़े थे। पिता के सहयोगी और उनके बच्चे भी गाने के लिए अनुरोध करते थे। उन्हें मना करना मुश्किल होता था। ऐसे में वे उन गानों को गा लेते थे और आशीर्वाद पाते थे।
सलाह का असर और करियर का रुख
यह सलाह शान के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि अगर उस समय चुनिंदा काम करते तो शायद करियर का रुख अलग होता। लेकिन वे हर ऑफर को स्वीकार करते रहे क्योंकि किसी को निराश नहीं करना चाहते थे। दोस्तों की बात बाद में समझ में आई। आज वे उतने व्यस्त नहीं हैं जितने पहले थे फिर भी संगीत से उनका लगाव पहले जैसा ही है।
Shaan Playback Singing: अरिजीत सिंह के फैसले पर शान की प्रतिक्रिया
अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से पीछे हटने का ऐलान किया था। शान ने इस पर कहा कि ऐसा नहीं है कि उन्होंने पूरी तरह गाना छोड़ दिया है। वे गा रहे हैं और प्लेबैक भी काफी कर रहे होंगे। कई गाने रिकॉर्ड हो चुके हैं जो अभी रिलीज होने बाकी हैं। अगले दो सालों में अरिजीत के कई गाने सुनने को मिल सकते हैं। उन्होंने जोड़ा कि कोई पत्थर की लकीर नहीं खींची गई है। वे अपना मन बदल भी सकते हैं।
अरिजीत के स्वभाव पर शान की राय
शान का मानना है कि अरिजीत तीव्र स्वभाव के हैं और संगीत को बहुत गंभीरता से लेते हैं। हो सकता है कि काम का बोझ ज्यादा लगने पर उन्होंने इसे कम करने का फैसला किया हो। वे खुद कहते हैं कि उन्होंने कभी थकान महसूस नहीं की लेकिन हर कलाकार अलग तरीके से काम को संभालता है। अरिजीत के फैसले को उन्होंने व्यक्तिगत सीमा तय करने का हिस्सा बताया।
आज की स्थिति और पुराना सफर
शान ने मुस्कुराते हुए कहा कि इतने गाने गाए कि शायद ऊपरवाले तक बात पहुंच गई। उन्होंने कहा कि तुम्हें छोड़ने की जरूरत नहीं हम ही काम कम कर देते हैं। उसके बाद काम आने कम हो गए। शान का करियर नब्बे के दशक के अंत और दो हजार के दशक में काफी ऊंचाई पर रहा। चांद सिफारिश तन्हा दिल आशिकी में जैसे कई हिट गाने उनके नाम हैं। उन्होंने फिल्मों के साथ इंडिपेंडेंट म्यूजिक और लाइव परफॉर्मेंस भी जारी रखी।
Shaan Playback Singing: प्लेबैक सिंगिंग की बदलती तस्वीर
बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग का स्वरूप समय के साथ बदला है। एक समय में कुछ चुनिंदा गायक ही मुख्यधारा पर छाए रहते थे। आज कई नए स्वर उभर रहे हैं और संगीत निर्देशक भी विविध आवाजों को मौका दे रहे हैं। शान जैसे अनुभवी गायक अब चुनिंदा प्रोजेक्ट्स पर फोकस करते हैं। लाइव शो और अपने एलबम पर ज्यादा ध्यान देते हैं। केके और सोनू निगम जैसी आवाजें भी स्टैंडर्ड बनाए रखने की मिसाल हैं।
शान के इस खुलासे से युवा गायकों को भी सबक मिलता है। हर ऑफर स्वीकार करने की बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। काम का बोझ बढ़ने पर थकान और उलझन होना स्वाभाविक है। सही सलाह और आत्मनिरीक्षण से सही रास्ता चुना जा सकता है। शान ने स्वीकार किया कि दोस्तों की सलाह सही थी भले ही उस समय वे उसे पूरी तरह नहीं मान पाए।
आज वे संगीत जगत में सम्मानित नाम हैं और अपनी शर्तों पर काम करते हैं। अरिजीत सिंह के फैसले पर उनकी प्रतिक्रिया से साफ है कि कलाकार अपनी सीमा खुद तय करते हैं। संगीत एक लंबा सफर है और इसमें संतुलन बनाए रखना जरूरी है। शान आज भी अपनी आवाज से सुनने वालों को जोड़ रहे हैं।
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