Khel Ratna Award 2025: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने वर्ष 2025 के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बार की घोषणा में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला विषय देश के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ का खाली रह जाना रहा। पिछले 12 वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी भी भारतीय एथलीट को खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया है। इससे पूर्व वर्ष 2014 और 2008 में भी चयन समिति ने खेल रत्न के लिए किसी खिलाड़ी के नाम की सिफारिश नहीं की थी। वहीं, दूसरी ओर देश के 17 होनहार खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार देने का फैसला किया गया है।
खेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस वर्ष की राष्ट्रीय चयन समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा ने की। समिति ने शुरुआती बैठकों में टोक्यो और पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रमुख मिडफील्डर हार्दिक सिंह के नाम की सिफारिश खेल रत्न के लिए की थी, लेकिन अंतिम स्वीकृत सूची में इसे शामिल नहीं किया गया। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, पुरस्कारों की गरिमा और कड़े मापदंडों को बनाए रखने के लिए मंत्रालय ने इस वर्ष खेल रत्न न देने का कड़ा रुख अपनाया है।
Khel Ratna Award 2025: 12 साल बाद क्यों खाली रह गया मेजर ध्यानचंद खेल रत्न?
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है, जिसके तहत विजेता खिलाड़ी को एक पदक, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है। पिछले वर्ष 2024 में यह पुरस्कार निशानेबाज मनु भाकर, हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह, शतरंज ग्रैंडमास्टर डी गुकेश और पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार को दिया गया था। इस वर्ष हॉकी स्टार हार्दिक सिंह का नाम दौड़ में सबसे आगे था, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कई ऐतिहासिक मुकाबले जिताए हैं। हालांकि, अंतिम समय में खेल मंत्रालय ने गुणवत्ता और चयन मानदंडों में पूर्ण सख्ती बरतने का हवाला देते हुए किसी भी एथलीट को इसके योग्य नहीं माना।
इस वर्ष की घोषणा में भारतीय क्रिकेट टीम के किसी भी खिलाड़ी का नाम न होना भी खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। खेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई आधिकारिक नामांकन प्राप्त नहीं हुआ था। इसके अलावा, चयन समिति ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च सम्मान केवल उन्हीं एथलीटों को दिया जाएगा जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व और असाधारण निरंतरता का प्रदर्शन किया हो।
17 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिला अर्जुन पुरस्कार
खेल के क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन का प्रदर्शन करने वाले 17 एथलीटों को वर्ष 2025 के अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। चयन समिति ने आरंभ में 24 नामों की सिफारिश मंत्रालय को भेजी थी, जिनमें से गहन समीक्षा के बाद 17 नामों को अंतिम स्वीकृति दी गई। अर्जुन पुरस्कार के तहत एथलीटों को 15 लाख रुपये की नकद राशि, अर्जुन की कांस्य प्रतिमा और रोल ऑफ ऑनर प्रदान किया जाता है।
इस बार अर्जुन पुरस्कार सूची में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, शतरंज, हॉकी और पैरा-स्पोर्ट्स के खिलाड़ियों का बोलबाला रहा है। बैडमिंटन की उभरती हुई महिला युगल जोड़ी तृषा जॉली और पुलेला गायत्री गोपीचंद को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए यह सम्मान मिला है। गायत्री भारत के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी और कोच पुलेला गोपीचंद की सुपुत्री हैं। वहीं, हाल ही में विश्व महिला शतरंज में भारत का परचम लहराने वाली दिव्या जितेंद्र देशमुख और अनुभवी ग्रैंडमास्टर विदित संतोष गुजराती को भी अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया है।
Khel Ratna Award 2025: अर्जुन पुरस्कार 2025 की संपूर्ण विजेता सूची
इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में देश का नाम रोशन किया है। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
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एथलेटिक्स: तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन/ऊंची कूद), मुहम्मद अजमल वी (स्प्रिंट), प्रियंका गोस्वामी (रेस वॉकिंग)।
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बैडमिंटन: तृषा जॉली और पुलेला गायत्री गोपीचंद (महिला युगल)।
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मुक्केबाजी: नरेंद्र।
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शतरंज: विदित संतोष गुजराती और दिव्या जितेंद्र देशमुख।
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हॉकी: लालरेमसियामी और राजकुमार पाल।
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कबड्डी: सुरजीत और पूजा।
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निशानेबाजी (शूटिंग): अखिल शेओरन।
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डेफ शूटिंग: धनुष श्रीकांत।
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पैरा शूटिंग: रुद्रांश खंडेलवाल।
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पैरा एथलेटिक्स: एकता भायन।
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नौकायन (रोइंग): अरविंद सिंह।
लाइफटाइम अर्जुन, द्रोणाचार्य और प्रोत्साहन पुरस्कारों का ऐलान
खेलों में जीवनपर्यंत योगदान देने वाले पूर्व दिग्गजों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत इस वर्ष का ‘लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार’ फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी आई अरुमइनायागम को देने की घोषणा की गई है। अरुमइनायागम 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली ऐतिहासिक भारतीय फुटबॉल टीम के प्रमुख सदस्य रहे हैं। संन्यास के उपरांत भी वे दशकों से जमीनी स्तर पर फुटबॉल प्रतिभाओं को तराशने में सक्रिय रहे हैं।
खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता की बुलंदियों तक पहुँचाने वाले गुरुओं को ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। नियमित श्रेणी में परवीर सिंह (एथलेटिक्स), छोटे लाल यादव (मुक्केबाजी) और नेहा नंदकुमार चव्हाण (शूटिंग) को चुना गया है। इस श्रेणी में विजेता कोच को 10 लाख रुपये की राशि दी जाती है। वहीं, द्रोणाचार्य लाइफटाइम श्रेणी में धर्मेंद्र सिंह यादव (मुक्केबाजी) और वीरेंद्र कुमार (कुश्ती) को चुना गया है, जिन्हें 15 लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, पैरा एथलीटों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ‘आर्मी पैराओलंपिक नोड, पुणे’ को ‘राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
Khel Ratna Award 2025: कड़े मापदंड और खेल जगत की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के इतिहास में कड़े नियमों और पारदर्शिता को लेकर इस बार का फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खेल मंत्रालय द्वारा अपनाई गई इस प्रक्रिया पर खेल जगत से मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीटों और खेल विश्लेषकों के एक वर्ग ने मंत्रालय के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि खेल रत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान को बहुत ज्यादा सुलभ बनाने के बजाय इसकी क्रेडिबिलिटी और गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
दूसरी ओर, हॉकी और निशानेबाजी से जुड़े कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्यों या अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं के चैंपियनों को इस सर्वोच्च सम्मान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए था। हालांकि, अर्जुन पुरस्कार के लिए चयनित सभी 17 खिलाड़ियों ने इस सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए इसे अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत, त्याग और परिवार व कोचों के मार्गदर्शन का सुखद परिणाम बताया है।
भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए दूरगामी संकेत
वर्ष 2025 के पुरस्कारों की यह घोषणा भारतीय खेल जगत की बदलती संरचना और नए दौर को दर्शाती है। लिस्ट में पैरा-स्पोर्ट्स, एथलेटिक्स, बैडमिंटन और चेस का मजबूत प्रतिनिधित्व यह साबित करता है कि भारत अब केवल एक या दो पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि बहु-खेल संस्कृति (Multi-sport nation) के रूप में तेजी से उभर रहा है।
सरकार द्वारा संचालित ‘खेलो इंडिया’ और ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (TOPS) जैसे कार्यक्रमों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। युवा खिलाड़ी न केवल राष्ट्रीय मंच पर पहचान बना रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर भी शीर्ष दावेदार बनकर उभर रहे हैं। द्रोणाचार्य पुरस्कारों के जरिए जमीनी स्तर के कोचों को दिया जाने वाला प्रोत्साहन भारत के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की नींव को और अधिक मजबूत बनाएगा।
Khel Ratna Award 2025: आगामी राष्ट्रपति भवन समारोह और निष्कर्ष
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों का औपचारिक और भव्य वितरण समारोह जल्द ही राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित किया जाएगा। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सभी विजेता खिलाड़ियों और कोचों को स्वहस्त से इन राष्ट्रीय पुरस्कारों, प्रशस्ति पत्रों और नकद पुरस्कारों से सम्मानित करेंगी। यह समारोह देश के उभरते हुए लाखों युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा का एक विशाल स्रोत सिद्ध होगा।
निष्कर्षतः, राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 ने जहाँ एक ओर 12 साल बाद खेल रत्न न देकर चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता और मानकों की कठोरता का संदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर 17 प्रतिभावान एथलीटों व समर्पित कोचों के योगदान को सराहकर भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी है। यह सम्मान न केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक खेल मानचित्र पर भारत के बढ़ते दबदबे का जीवंत प्रमाण भी है।
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