Healthy Chips For Fasting: व्रत के दौरान जब सामान्य भोजन नहीं किया जाता, तो बीच-बीच में भूख लगना बेहद स्वाभाविक बात है। ऐसे समय में ज्यादातर लोग फल, मखाना, साबूदाना या चिप्स जैसे विकल्पों का सहारा लेते हैं। केले के चिप्स और आलू के चिप्स दोनों ही व्रत के दौरान खासे पसंद किए जाते हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि इनमें से सेहत के लिहाज से कौन सा विकल्प बेहतर है। सिर्फ यह जान लेना काफी नहीं है कि चिप्स केले से बने हैं या आलू से, बल्कि इन्हें किस तरह के तेल में और कितनी मात्रा में तैयार किया गया है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण पहलू है। इसके साथ ही चिप्स में मौजूद नमक की मात्रा और उसे खाने की सीमा भी सेहत पर सीधा असर डालती है।
Healthy Chips For Fasting: केले के चिप्स क्यों माने जाते हैं थोड़े बेहतर
केले में फाइबर के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। यही वजह है कि अगर केले के चिप्स कम तेल में तैयार किए गए हों और उनमें नमक की मात्रा भी सीमित हो, तो इन्हें व्रत के दौरान थोड़ी मात्रा में शामिल किया जा सकता है। हालांकि बाजार में बिकने वाले ज्यादातर केले के चिप्स अक्सर अधिक तेल और नमक के साथ तैयार किए जाते हैं। इसलिए केवल यह सोचकर कि यह केले से बना है, इन्हें बेहिसाब मात्रा में खाना सही तरीका नहीं है।
आलू के चिप्स से भी मिलती है तुरंत एनर्जी
आलू में कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर को त्वरित ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है। यही कारण है कि व्रत के दौरान थोड़ी मात्रा में आलू से बनी चीजें खाने पर पेट भी भरता है और शरीर को जरूरी एनर्जी भी मिलती है। लेकिन यदि आलू के चिप्स अत्यधिक तेल में तले गए हों और उनमें नमक की मात्रा भी अधिक हो, तो इन्हें बार-बार खाना सेहत के नजरिए से उचित नहीं माना जाता। ऐसे में आलू के चिप्स चुनते समय भी सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।
चिप्स किस तरीके से बनाए गए हैं, यह सबसे अहम बात
इस पूरे विषय में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चिप्स किस विधि से तैयार किए गए हैं। अगर केले के चिप्स भी बहुत अधिक तेल में तले गए हैं, तो केवल केले से बने होने के कारण वे अपने आप हेल्दी नहीं बन जाते। दूसरी ओर, अगर आलू के चिप्स कम तेल में बनाए गए हों, तो वे अधिक तेल में तले गए केले के चिप्स की तुलना में कहीं बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इसलिए किसी भी चिप्स को चुनते समय उसकी बनावट की प्रक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है, न कि केवल उसके मूल तत्व पर।
सेंधा नमक का इस्तेमाल भी सीमित मात्रा में जरूरी
व्रत के दौरान आमतौर पर सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि इसे बेहिसाब मात्रा में खाया जा सकता है। चिप्स में नमक हमेशा सीमित मात्रा में ही रखना चाहिए। अत्यधिक नमक का सेवन करने से शरीर में पानी रुकने की समस्या हो सकती है, वहीं कुछ लोगों को इससे रक्तचाप यानी बीपी से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। इसलिए व्रत के दौरान भले ही सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा रहा हो, फिर भी उसकी मात्रा पर पूरा नियंत्रण रखना जरूरी है।
चिप्स की मात्रा पर रखें विशेष ध्यान
चाहे केले के चिप्स हों या आलू के, इन्हें बार-बार मुट्ठी भरकर खाना किसी भी सूरत में सही नहीं माना जाता। व्रत के दौरान थोड़ी मात्रा में इनका सेवन किया जा सकता है, लेकिन पूरे दिन इन्हें खाते रहना उचित नहीं है। अगर व्रत के दौरान जल्दी-जल्दी भूख महसूस होती है, तो चिप्स की बजाय फल, दही, दूध, मखाना या हल्के मेवे भी बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इससे न केवल पेट भरा हुआ महसूस होगा, बल्कि खाने में पोषण का स्तर भी बेहतर बना रहेगा।
घर पर बने चिप्स क्यों माने जाते हैं ज्यादा सुरक्षित
अगर व्रत के दौरान चिप्स खाने का मन कर रहा है, तो इन्हें घर पर ही तैयार करना कहीं अधिक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। केले या आलू को पतला काटकर कम तेल में सेंककर आसानी से घर पर चिप्स बनाए जा सकते हैं। इसके ऊपर जरूरत के अनुसार थोड़ा सेंधा नमक डाला जा सकता है। इस तरीके की सबसे बड़ी खासियत यह है कि व्यक्ति खुद तय कर सकता है कि चिप्स में कितना तेल और कितना नमक शामिल करना है, जिससे बाजार के चिप्स की तुलना में यह कहीं अधिक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बन जाता है।
Healthy Chips For Fasting: आखिर कौन सा विकल्प है ज्यादा बेहतर
अगर केले और आलू, दोनों ही तरह के चिप्स अधिक तेल और नमक में तैयार किए गए हों, तो इनमें से किसी को भी पूरी तरह हेल्दी नहीं कहा जा सकता। हालांकि अगर बात कम तेल और सीमित नमक में बने चिप्स की हो, तो केले के चिप्स आलू के चिप्स की तुलना में थोड़े बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण केले में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व हैं, जो आलू की तुलना में अतिरिक्त लाभ प्रदान करते हैं।
व्रत के दौरान चिप्स का सेवन करना गलत नहीं है, बशर्ते इसकी मात्रा और बनाने के तरीके पर उचित ध्यान दिया जाए। केले के चिप्स और आलू के चिप्स दोनों ही सही तरीके से और सीमित मात्रा में खाए जाने पर सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते। सबसे बेहतर तरीका यही है कि इन्हें घर पर कम तेल और सीमित सेंधा नमक के साथ तैयार किया जाए। इसके साथ ही चिप्स के अलावा फल, दही और मखाना जैसे पौष्टिक विकल्पों को भी व्रत के भोजन में शामिल करना चाहिए। किसी भी विशेष स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डाइट एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
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