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UP Pashupalan Yojana 2026: गाय पालने पर ₹15 हजार तक सहायता, जानें पात्रता और आवेदन

UP Pashupalan Yojana 2026
UP Pashupalan Yojana 2026

सारांश

  • UP Pashupalan Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में देसी नस्ल की गाय पालने वाले पशुपालकों के लिए योगी सरकार ने सीधी नकदी मदद का रास्ता खोल दिया है।
  • प्रदेश दूध उत्पादन में आगे है, फिर भी प्रति व्यक्ति उपलब्धता और देसी नस्ल का अनुपात चिंता का विषय रहा है।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी और अठारह वर्ष से अधिक आयु का होना चाहिए।
  • आवेदन के बाद पशुधन प्रसार अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी दो दिन सुबह-शाम घर आकर दूध नापते हैं।

UP Pashupalan Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में देसी नस्ल की गाय पालने वाले पशुपालकों के लिए योगी सरकार ने सीधी नकदी मदद का रास्ता खोल दिया है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत चल रही मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी गायों पर दस से पंद्रह हजार रुपये तक की राशि बैंक खाते में भेजी जा रही है। यह मदद गाय खरीदने पर नहीं, बल्कि सत्यापित दूध उत्पादन पर दी जाती है। सरकार का लक्ष्य स्वदेशी नस्ल बचाना, दूध बढ़ाना और गो-पालकों की आमदनी सुधारना है। प्रदेश के स्थायी निवासी और व्यक्तिगत पशुपालक ही आवेदन कर सकते हैं। एक व्यक्ति अधिकतम दो गायों पर और हर गाय के जीवन में एक बार यह लाभ ले सकता है। आवेदन ब्यात के पैंतालीस दिनों के अंदर नंद बाबा पोर्टल या जिला कार्यालय में करना होता है।

UP Pashupalan Yojana 2026: योजना का उद्देश्य और राज्य की जरूरत

प्रदेश दूध उत्पादन में आगे है, फिर भी प्रति व्यक्ति उपलब्धता और देसी नस्ल का अनुपात चिंता का विषय रहा है। इसीलिए सरकार ने उच्च दूध देने वाली स्वदेशी गायों को अपनाने पर जोर दिया है। योजना पशुपालक को बेहतर चारा, स्वास्थ्य और नस्ल सुधार की ओर मोड़ती है। जब किसान देखता है कि आठ-बारह किलो दूध पर दस हजार और उससे अधिक पर पंद्रह हजार मिल रहे हैं, तो वह संकर नस्ल की जगह गिर, साहीवाल या थारपारकर रखने लगता है। इससे गांव में दूध की गुणवत्ता भी सुधरती है।

किन नस्लों पर कितनी राशि तय है

साहीवाल, गिर और थारपारकर गाय अगर रोज आठ से बारह किलो दूध देती है तो दस हजार रुपये मिलते हैं। बारह किलो से ऊपर उत्पादन पर राशि पंद्रह हजार हो जाती है। हरियाणा नस्ल में छह से दस किलो पर दस हजार और दस किलो से अधिक पर पंद्रह हजार का प्रावधान है। गंगातीरी गाय के लिए छह से आठ किलो पर दस हजार तथा आठ किलो से ऊपर पंद्रह हजार तय किया गया है। राशि का आधार खरीदारी नहीं, बल्कि अधिकारी द्वारा मापे गए औसत दैनिक उत्पादन है।

कौन आवेदन कर सकता है और कितनी गायें शामिल हैं

आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी और अठारह वर्ष से अधिक आयु का होना चाहिए। योजना केवल व्यक्तिगत पशुपालक के लिए है। समूह, फर्म या संस्था आवेदन नहीं कर सकती। लाभ गाय के पहले, दूसरे या तीसरे ब्यात पर मिलता है, पर एक गाय के पूरे जीवन में सिर्फ एक बार। एक परिवार अधिकतम दो पात्र गायों तक सीमित रहेगा। संकर या विदेशी नस्ल इस प्रोत्साहन के दायरे में नहीं आती।

आवेदन कहां और किन कागजों से होगा

आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन की वेबसाइट पर ऑनलाइन भरा जा सकता है। पोर्टल बाधित होने पर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में ऑफलाइन फॉर्म भी जमा होता है। आधार कार्ड, निवास प्रमाण, डीबीटी से जुड़ा बैंक खाता, पासपोर्ट फोटो और मोबाइल नंबर जरूरी हैं। फॉर्म की प्रिंट कॉपी संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी या विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होती है। ब्यात की तारीख से पैंतालीस दिन का समय सीमा कड़ी है, इसलिए देरी से आवेदन रद्द हो सकता है।

UP Pashupalan Yojana 2026: सत्यापन कैसे होता है और पैसा कब आता है

आवेदन के बाद पशुधन प्रसार अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी दो दिन सुबह-शाम घर आकर दूध नापते हैं। माप निर्धारित मानक पर खरी उतरे तो मुख्य विकास अधिकारी की समिति चयन करती है। मंजूरी के बाद राशि सीधे लाभार्थी के खाते में डीबीटी से पहुंचती है। दस्तावेज पूरे और माप सही होने पर ही भुगतान होता है। कई जनपदों में जागरूकता शिविर भी चल रहे हैं ताकि पात्र किसान छूट न जाएं।

देसी गाय को सिर्फ आस्था नहीं, आय का जरिया बनाने की दिशा में यह योजना एक ठोस कदम है। साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी नस्लों पर दूध के हिसाब से दस से पंद्रह हजार रुपये मिलने से छोटे पशुपालक को तात्कालिक राहत मिलती है। साथ ही प्रदेश में गुणवत्ता वाला दूध बढ़ने की संभावना भी बनती है। शर्त यही है कि आवेदन समय पर हो, कागज पूरे हों और सत्यापन के दिन गाय का उत्पादन साफ दिखे। सही पालन और समय पर प्रक्रिया पूरी करने वाले गो-पालक इस प्रोत्साहन का सीधा लाभ उठा सकते हैं। आने वाले मौसम में और किसान जुड़ें तो स्वदेशी गोवंश का संरक्षण भी मजबूत होगा।

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लेखक

Sanjna Gupta

संजना गुप्ता डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी कंटेंट राइटर हैं और मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। इससे पहले वे बीबी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड में सोशल मीडिया कंटेंट राइटर रह चुकी हैं और दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप कर चुकी हैं।

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