Suryakumar Yadav: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। लगातार दो वर्षों तक टीम को अजेय बढ़त दिलाने, कोई द्विपक्षीय सीरीज न हारने, एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताने के बावजूद चयनकर्ताओं द्वारा अचानक कप्तानी छीनने के फैसले पर उन्होंने खुलकर बात की है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ एक विशेष पॉडकास्ट में सूर्या ने भावुक होते हुए स्वीकार किया कि इस अप्रत्याशित निर्णय ने उनका दिल पूरी तरह तोड़ दिया था, लेकिन इसके बावजूद वे चयनकर्ताओं के विजन और फैसले का पूरा सम्मान करते हैं।
रोहित शर्मा के टी20 प्रारूप से संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम की बागडोर संभालने वाले सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में टीम इंडिया ने कई ऐतिहासिक सफलताएं अर्जित की थीं। ऐसे में जब सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा था, तब अचानक कप्तानी और टीम से उनकी विदाई ने न केवल क्रिकेट विशेषज्ञों बल्कि प्रशंसकों को भी स्तब्ध कर दिया था।
Suryakumar Yadav: अंदर से टूट चुका था दिल, लेकिन चेहरे पर मुस्कान बनाए रखी
आकाश चोपड़ा से बात करते हुए सूर्यकुमार यादव ने उस मुश्किल दौर की मानसिक स्थिति को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब टीम की आधिकारिक घोषणा हुई और उनका नाम सूची में नहीं था, तो वे टीवी स्क्रीन देखकर मुस्कुरा रहे थे। सूर्या ने कहा कि क्रिकेट के मैदान पर दबाव की कठिन परिस्थितियों में मुस्कुराना उनकी पुरानी आदत रही है, लेकिन अंदर से वे गहरे आघात और हैरानी में थे। उन्होंने भारतीय टीम के साथ ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने और अगले टी20 वर्ल्ड कप में खिताब की रक्षा करने का सपना देखा था।
सूर्या ने कहा कि दो साल तक बिना कोई सीरीज गंवाए और दोनों बड़े बहुराष्ट्रीय खिताब अपने नाम करने के बाद यह सोचना स्वाभाविक था कि वे टीम को एक नए मुकाम पर ले जाएंगे। हालांकि, जब चीजें नियंत्रण से बाहर हो गईं, तो वे लगभग दो महीने तक घर पर बैठकर यही सोचते रहे कि सब कुछ सही चलने के बाद भी यह बदलाव कैसे संभव हुआ। उन्होंने बताया कि आईपीएल में खराब फॉर्म के बाद परिवार और पत्नी के निरंतर संबल ने उन्हें इस मानसिक अवसाद से बाहर निकलने में मदद की।
चयनकर्ताओं ने तीन दिन पहले दी थी सूचना, श्रेयस अय्यर की तारीफ की
सूर्यकुमार यादव ने यह बड़ा खुलासा किया कि टीम चयन की आधिकारिक प्रेस रिलीज आने से लगभग तीन दिन पहले ही मुख्य चयनकर्ता ने उन्हें फोन करके स्थिति से अवगत करा दिया था। चयनकर्ताओं ने उनसे कहा था कि भारतीय क्रिकेट अब भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आईपीएल के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए टीम में बदलाव आवश्यक है। सूर्या ने उस समय चयनकर्ताओं से कोई विवाद या तर्क नहीं किया, क्योंकि उनका मानना है कि चयनकर्ता हमेशा भारतीय क्रिकेट के दीर्घकालिक हित को प्राथमिकता देते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर का खुलकर समर्थन किया। सूर्या ने कहा कि श्रेयस उनके पुराने साथी हैं, एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और शानदार नेतृत्व क्षमता रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रेयस को कमान सौंपे जाने से उन्हें कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। अगर प्रबंधन को लगता है कि किसी अन्य लीडर के नेतृत्व में टीम इंडिया अधिक ऊंचाइयों को छू सकती है, तो वे पूरे दिल से टीम की सफलता की कामना करते हैं।
Suryakumar Yadav: वापसी की तैयारी में जुटे सूर्या, युवाओं के लिए बने मिसाल
कप्तानी छिनने के बाद विदेशी दौरों पर भारतीय टीम के मिले-जुले प्रदर्शन के बावजूद सूर्यकुमार यादव ने कभी भी टीम या प्रबंधन के खिलाफ नकारात्मक बयानबाजी नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही मनगढ़ंत खबरों का खंडन करते हुए हमेशा भारतीय ड्रेसिंग रूम का मनोबल बढ़ाया है। 35 वर्षीय सूर्या वर्तमान में अपनी फिटनेस और तकनीक पर लगातार काम कर रहे हैं और घरेलू क्रिकेट के जरिए फॉर्म में लौटने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
सूर्या ने साफ शब्दों में कहा कि उनका क्रिकेटिंग सफर अभी समाप्त नहीं हुआ है। जब भी राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को मैदान पर उनके अनुभव और आक्रामक बल्लेबाजी की आवश्यकता महसूस होगी, वे तिरंगे की शान के लिए मैदान में उतरने को पूरी तरह तैयार मिलेंगे। व्यक्तिगत निराशा को किनारे रखकर टीम भावना और चयन प्रक्रिया के प्रति दिखाया गया उनका यह सम्मान हर युवा क्रिकेटर के लिए एक अनुपम उदाहरण है।





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