संक्षेप में: पीएम आवास योजना के दो हिस्से हैं: गांवों के लिए PMAY-ग्रामीण और शहरों के लिए PMAY-शहरी 2.0। ग्रामीण योजना में कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा जाता, नाम Awaas+ सर्वे से जुड़ता है, जबकि शहरी योजना में आवेदक खुद पोर्टल पर आवेदन करता है। यह जानकारी अक्टूबर 2026 तक की आधिकारिक स्थिति पर आधारित है।
पीएम आवास योजना-ग्रामीण: किसे और कितनी मदद
PMAY-G का दूसरा चरण 2024-25 से 2028-29 तक चलेगा, जिसमें गांवों में 2 करोड़ और पक्के घर बनाने का लक्ष्य है। इसका लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनके पास पक्का घर नहीं है या जो कच्चे और जर्जर घर में रहते हैं। मकान बनाने के लिए मैदानी इलाकों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी, पूर्वोत्तर व दुर्गम इलाकों में 1.30 लाख रुपये की सहायता किस्तों में सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
ग्रामीण योजना में नाम कैसे जुड़ता है
पीएम आवास योजना-ग्रामीण में कोई अलग ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। पात्र परिवारों की पहचान Awaas+ 2024 सर्वे से होती है, जो सरकारी मोबाइल ऐप के जरिए खुद (सेल्फ सर्वे) या पंचायत के सर्वेयर की मदद से होता है। इसके बाद:
- ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन होता है।
- ग्राम सभा सूची को मंजूरी देती है।
- पात्र परिवार स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Wait List) में जुड़ते हैं और प्राथमिकता व सालाना लक्ष्य के हिसाब से घर स्वीकृत होते हैं।
ध्यान दें कि ऐप में “सबमिटेड” दिखने का मतलब मंजूरी नहीं है। स्थिति जानने के लिए pmayg.dord.gov.in पर रजिस्ट्रेशन नंबर से लाभार्थी विवरण देखा जा सकता है।
पीएम आवास योजना-शहरी 2.0: कौन आवेदन कर सकता है
PMAY-U 2.0 को अगस्त 2024 में मंजूरी मिली थी और यह 1 सितंबर 2024 से पांच साल के लिए लागू है। इसका लक्ष्य शहरों के 1 करोड़ परिवारों को घर उपलब्ध कराना है। आय के आधार पर तीन वर्ग हैं:
- EWS: सालाना पारिवारिक आय 3 लाख रुपये तक
- LIG: 3 से 6 लाख रुपये तक
- MIG: 6 से 9 लाख रुपये तक
शर्त यह है कि परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का घर न हो। योजना चार तरीकों से मदद देती है: खुद घर बनाने में सहायता (BLC), साझेदारी में किफायती आवास (AHP), किफायती किराया आवास (ARH) और होम लोन पर ब्याज सब्सिडी (ISS)।
पीएम आवास योजना-शहरी में आवेदन और स्टेटस
पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के लिए आवेदन pmay-urban.gov.in पोर्टल पर होता है। पोर्टल पहले पात्रता जांचता है, फिर आधार सत्यापन के बाद फॉर्म खुलता है। आवेदन संख्या संभालकर रखें, क्योंकि इसी से pmaymis.gov.in के “Track Application” विकल्प में स्टेटस देखा जा सकता है। आवेदन में मदद के लिए नगर निकाय कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।
जरूरी सावधानियां
- योजना में आवेदन मुफ्त है। “नाम जुड़वाने” के लिए पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय होना चाहिए, क्योंकि राशि DBT से आती है।
- सिर्फ आधिकारिक पोर्टल पर भरोसा करें। मिलती-जुलती निजी वेबसाइटों पर आधार या बैंक विवरण न डालें।
सरकारी योजनाओं से जुड़ी अन्य गाइड: आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं और पीएम किसान स्टेटस कैसे देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पीएम आवास योजना-ग्रामीण के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं?
नहीं। ग्रामीण योजना में नाम Awaas+ सर्वे और ग्राम सभा की मंजूरी से ही जुड़ता है।
शहरी योजना में कितनी आय तक आवेदन कर सकते हैं?
PMAY-U 2.0 में सालाना पारिवारिक आय 9 लाख रुपये तक (MIG वर्ग) वाले परिवार आवेदन कर सकते हैं।
किसके नाम पर घर मिलता है?
योजना में महिला सदस्य को घर का मालिक या सह-मालिक बनाने को प्राथमिकता दी जाती है। अंतिम नियम योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार लागू होते हैं।
स्रोत: PMAY-ग्रामीण आधिकारिक पोर्टल, PMAY-शहरी 2.0 पोर्टल, ग्रामीण विकास मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय। स्थिति अक्टूबर 2026 तक की।





