परिचय

माता लक्ष्मी धन, समृद्धि एवं ऐश्वर्य की देवी हैं। शुक्रवार, दीपावली एवं हर शुभ अवसर पर उनकी पूजा घर में सुख-समृद्धि लाती है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

शुक्रवार की संध्या तथा दीपावली की रात्रि प्रदोष काल लक्ष्मी पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा
  • कमल का फूल
  • चांदी का सिक्का
  • कौड़ियां
  • हल्दी-कुमकुम
  • खील-बताशे (दीपावली हेतु)
  • गंगाजल
  • रोली/कुमकुम
  • अक्षत (साबुत चावल)
  • धूपबत्ती व अगरबत्ती
  • घी का दीपक
  • कपूर
  • नारियल
  • फल एवं मिठाई
  • पान का पत्ता व सुपारी
  • लाल/पीला वस्त्र

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. पूजा स्थान को स्वच्छ करके चौकी सजाएं।
  2. लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
  3. जल से स्नान कराकर वस्त्र व आभूषण अर्पित करें।
  4. कमल पुष्प व कमलगट्टे अर्पित करें।
  5. धूप-दीप दिखाकर मंत्र जाप करें।
  6. आरती करके प्रसाद वितरित करें, तिजोरी/बहीखाते की भी पूजा करें।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

लाभ एवं महत्व

धन-समृद्धि में वृद्धि, व्यापार में उन्नति तथा घर में सुख-शांति आती है।

सावधानियां

पूजा के दौरान घर में अंधेरा न रखें, दीपक की लौ बुझने न दें।

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