संक्षेप में: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व, यानी गुरु नानक जयंती, 2026 में मंगलवार, 24 नवंबर को मनाया जाएगा। यह कार्तिक पूर्णिमा के दिन पड़ता है और इस बार गुरु नानक देव जी की 557वीं जयंती है। इसे गुरपुरब भी कहा जाता है। जानिए इस पर्व का इतिहास, परंपराएं और गुरु नानक देव जी की मुख्य शिक्षाएं।
गुरु नानक जयंती 2026 कब है
द्रिक पंचांग के अनुसार गुरु नानक जयंती 2026 मंगलवार, 24 नवंबर को है। नई दिल्ली के लिए पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर रात 11:42 बजे से शुरू होकर 24 नवंबर रात 8:23 बजे तक रहेगी। सिख परंपरा में यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर मनाया जाता है, इसलिए हर साल अंग्रेजी कैलेंडर में इसकी तारीख बदलती है। गुरुद्वारों के कार्यक्रम का समय स्थानीय गुरुद्वारा कमेटी तय करती है।
गुरु नानक देव जी का जीवन
गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में राय भोई की तलवंडी में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। बचपन से ही उनका मन आध्यात्मिक चिंतन में लगता था। उन्होंने भारत और आसपास के कई इलाकों की लंबी यात्राएं कीं, जिन्हें उदासियां कहा जाता है। इन यात्राओं में उन्होंने अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों से संवाद किया। जीवन के अंतिम वर्ष उन्होंने करतारपुर में बिताए, जहां उन्होंने खेती करते हुए संगत को उपदेश दिए। 1539 में वे ज्योति-जोत समाए।
गुरु नानक देव जी की मुख्य शिक्षाएं
- इक ओंकार: ईश्वर एक है और वह हर जगह मौजूद है।
- नाम जपना: ईश्वर का स्मरण करना।
- किरत करनी: ईमानदारी से मेहनत करके कमाई करना।
- वंड छकना: अपनी कमाई जरूरतमंदों के साथ बांटना।
उन्होंने जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव का विरोध किया और बराबरी का संदेश दिया। उनकी वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज है। लंगर की परंपरा भी उन्होंने ही शुरू की, जिसमें सब लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं।
गुरपुरब कैसे मनाया जाता है
- प्रभात फेरी: पर्व से कुछ दिन पहले सुबह-सुबह संगत शबद कीर्तन करते हुए फेरी निकालती है।
- अखंड पाठ: गुरुद्वारों में पर्व से पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब का 48 घंटे का लगातार पाठ होता है।
- नगर कीर्तन: पर्व से एक दिन पहले पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला जाता है, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी सजाई जाती है।
- कीर्तन, कथा और लंगर: पर्व के दिन गुरुद्वारों में कीर्तन दरबार, कथा और लंगर होता है। शाम को दीप जलाए जाते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ाव
गुरु नानक जयंती के दिन ही कार्तिक पूर्णिमा और वाराणसी में देव दीपावली भी है। इसी महीने देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह जैसे पर्व भी आते हैं, जिनकी जानकारी हमारे देवउठनी एकादशी 2026 लेख में है। त्योहारों के पूरे कैलेंडर के लिए दिवाली 2026 कैलेंडर भी देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गुरु नानक जयंती 2026 कब है?
गुरु नानक जयंती 2026 मंगलवार, 24 नवंबर को है। यह गुरु नानक देव जी की 557वीं जयंती है।
गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व क्यों कहते हैं?
सिख परंपरा में गुरु के जन्म को प्रकाश, यानी ज्ञान के उजाले का आगमन माना जाता है, इसलिए इसे प्रकाश पर्व या गुरपुरब कहते हैं।
गुरु नानक देव जी का जन्म कहां हुआ था?
राय भोई की तलवंडी में, जो अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब कहलाता है।
स्रोत: द्रिक पंचांग: गुरु नानक जयंती 2026, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC)।





