Delhi Jurassic Park: राष्ट्रीय राजधानी में बच्चों और सप्ताहांत पर परिवार संग ज्ञानवर्धक व रोमांचक पर्यटन की तलाश कर रहे लोगों के लिए एक नया और अनूठा गंतव्य खुल गया है। दिल्ली के प्रगति मैदान के समीप भैरों मार्ग पर स्थित नेशनल साइंस सेंटर (राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र) में एक अत्याधुनिक ‘प्रागैतिहासिक गैलरी’ (Prehistoric Life Gallery) की शुरुआत की गई है, जिसे दिल्ली-एनसीआर का पहला ‘जुरासिक पार्क’ कहा जा रहा है। 26 अगस्त से आम जनता के लिए खोली गई इस दीर्घा में पृथ्वी से करोड़ों वर्ष पूर्व विलुप्त हो चुके विशालकाय डायनासोरों की विभिन्न प्रजातियों के सजीव आदमकद मॉडल स्थापित किए गए हैं, जो बच्चों और बड़ों को सीधे मेसोजोइक युग के रोमांचकारी सफर पर ले जाते हैं।
इस नए आकर्षण की सबसे बड़ी विशेषता इसका अत्यंत किफायती प्रवेश शुल्क है। मात्र 100 रुपये के सामान्य प्रवेश टिकट में दर्शक न केवल डायनासोरों की इस काल्पनिक दुनिया का दीदार कर सकते हैं, बल्कि उसी टिकट से विज्ञान केंद्र की 10 अन्य विज्ञान दीर्घाओं का भी भ्रमण कर सकते हैं। इसके अलावा पांच वर्ष से कम उम्र के नन्हें बच्चों के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। भारत मंडपम और सुप्रीम कोर्ट के नजदीक स्थित इस केंद्र तक पहुंचना सार्वजनिक व निजी परिवहन दोनों ही माध्यमों से अत्यंत सुगम है।
Delhi Jurassic Park: दिल्ली के जुरासिक पार्क का मुख्य आकर्षण
नेशनल साइंस सेंटर की इस प्रागैतिहासिक गैलरी को हॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म जुरासिक पार्क की थीम पर वैज्ञानिक बारीकियों के साथ तैयार किया गया है। यहां केवल स्थिर मूर्तियां नहीं लगाई गई हैं, बल्कि डायनासोरों की शारीरिक बनावट, उनकी त्वचा की बनावट और उनके प्राकृतिक आवास को अत्यंत सजीव रूप में दर्शाया गया है। टी-रेक्स (Tyrannosaurus Rex), ट्राइसेराटोप्स और लंबी गर्दन वाले शाकाहारी ब्राचियोसॉरस जैसे विशालकाय जीवों के मॉडलों के समीप विशेष सेंसर और हाई-डेफिनिशन साउंड सिस्टम लगाए गए हैं।
जैसे ही दर्शक इन मॉडलों के निकट पहुंचते हैं, बैकग्राउंड में गूंजने वाली उनकी भारी गर्जना और प्रागैतिहासिक जंगलों की आवाजें एक विस्मयकारी और रोमांचक माहौल का निर्माण करती हैं। यह दीर्घा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पृथ्वी पर जीवन के क्रमिक विकास, डायनासोरों के विभिन्न कालखंडों (ट्रियासिक, जुरासिक और क्रिटेशियस) और अंततः उनके विलुप्त होने के कारणों पर भी प्रामाणिक वैज्ञानिक जानकारी रोचक दृश्य-श्रव्य माध्यमों से दी गई है।
किफायती टिकट दरें और विशेष शो का विवरण
दिल्ली-एनसीआर में किसी भी बड़े मनोरंजन पार्क या थीम पार्क के टिकट आमतौर पर काफी महंगे होते हैं, किंतु राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में यह अनुभव नाममात्र के खर्च पर उपलब्ध कराया गया है। सामान्य आगंतुकों के लिए प्रवेश टिकट की दर मात्र ₹100 निर्धारित की गई है। छोटे बच्चों के बौद्धिक विकास और आउटिंग को ध्यान में रखते हुए 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों का प्रवेश पूरी तरह निशुल्क है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह वीकेंड का सबसे किफायती पिकनिक स्पॉट बन गया है।
दर्शकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 100 रुपये का यह मूल टिकट सामान्य दीर्घाओं और डायनासोर गैलरी में प्रवेश के लिए मान्य है। यदि कोई दर्शक केंद्र के भीतर आयोजित होने वाले विशेष वैज्ञानिक कार्यक्रमों—जैसे 3D साइंस शो, तारामंडल (प्लेनेटेरियम) शो अथवा विज्ञान प्रदर्शन (साइंस डेमोंस्ट्रेशन लेक्चर्स)—का आनंद लेना चाहता है, तो उनके लिए काउंटर से अलग से मामूली अतिरिक्त शुल्क का टिकट लेना होता है।
समय सारणी: सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक, सोमवार को साप्ताहिक अवकाश
प्रागैतिहासिक गैलरी का भ्रमण करने की योजना बना रहे आगंतुकों के लिए केंद्र के परिचालन समय का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। नेशनल साइंस सेंटर प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे खुलता है और शाम 6:00 बजे बंद होता है। हालांकि, मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित टिकट काउंटर शाम 5:00 बजे ही बंद कर दिया जाता है, जिसके बाद किसी भी नए दर्शक को प्रवेश टिकट जारी नहीं किया जाता।
इसके अतिरिक्त, साप्ताहिक रखरखाव और तकनीकी जांच के चलते यह पूरा परिसर प्रत्येक सोमवार को दर्शकों के लिए बंद रहता है। अतः वीकेंड या छुट्टियों के दिनों में दोपहर बाद आने वाले परिवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे शाम 4:00 से 4:30 बजे से पूर्व ही केंद्र पहुंच जाएं ताकि टिकट खिड़की बंद होने से पहले वे प्रवेश प्राप्त कर सकें और सभी दीर्घाओं को तसल्ली से देखने के लिए उनके पास कम से कम दो से तीन घंटे का पर्याप्त समय रहे।
निकटतम मेट्रो स्टेशन और सार्वजनिक परिवहन से पहुंचने का मार्ग
भैरों मार्ग पर स्थित यह केंद्र दिल्ली के मध्य भाग में होने के कारण मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़ा हुआ है। दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर स्थित ‘सुप्रीम कोर्ट’ (पूर्व में प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन) और ‘इंद्रप्रस्थ’ मेट्रो स्टेशन इसके सबसे नजदीकी स्टेशन हैं। दोनों ही स्टेशनों से नेशनल साइंस सेंटर की दूरी लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर के दायरे में है।
मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते ही ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा की प्रचुर सुविधा उपलब्ध रहती है, जो यात्रियों को सीधे विज्ञान केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचा देते हैं। इसके अतिरिक्त रिंग रोड और मथुरा रोड से गुजरने वाली दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसें भैरों रोड और प्रगति मैदान बस स्टॉप पर रुकती हैं, जहां से पैदल चलकर भी कुछ ही मिनटों में पहुंचा जा सकता है।
निजी वाहन से जाने वालों के लिए पार्किंग व्यवस्था
यदि आप अपने निजी वाहन जैसे कार या दोपहिया से परिवार सहित आ रहे हैं, तो केंद्र परिसर के निकट व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है। चार पहिया वाहनों (कार) के लिए निर्धारित पार्किंग शुल्क ₹40 लिया जाता है।
सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार के दिनों में भारी संख्या में पारिवारिक पर्यटकों और स्कूली बच्चों के आने के कारण दोपहर के समय पार्किंग स्थल पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में आगंतुकों को समय से थोड़ा पूर्व पहुंचने अथवा भारत मंडपम के आसपास निर्धारित सार्वजनिक पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की पूर्व तैयारी रखनी चाहिए।
एक ही टिकट में देखें विज्ञान केंद्र की 10 अन्य गैलरी
नेशनल साइंस सेंटर की यह यात्रा केवल डायनासोर दीर्घा तक सीमित नहीं रहती। 100 रुपये के मुख्य प्रवेश टिकट के साथ आगंतुकों को केंद्र की तीन मंजिलों में फैली अन्य 10 समृद्ध वैज्ञानिक दीर्घाओं को देखने का पूरा अधिकार मिलता है।
इनमें ‘मानव शरीर विज्ञान’ (Human Biology), ‘प्राचीन भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विरासत’ (Heritage Gallery), ‘सूचना एवं संचार क्रांति’, ‘उभरती हुई प्रौद्योगिकियां’, ‘परमाणु ऊर्जा’ और बच्चों के लिए विशेष ‘फन साइंस गैलरी’ सम्मिलित हैं। फन साइंस गैलरी में बच्चे खेल-खेल में भौतिकी, प्रकाश, ध्वनि और चुंबकत्व के बुनियादी सिद्धांतों को खुद हैंडल करके सीख सकते हैं, जिससे यह पूरा भ्रमण एक आदर्श शैक्षणिक यात्रा में परिवर्तित हो जाता है।
Delhi Jurassic Park: निष्कर्ष
भैरों मार्ग स्थित नेशनल साइंस सेंटर की नई प्रागैतिहासिक गैलरी दिल्ली-एनसीआर के मनोरंजन और ज्ञान-विज्ञान परिदृश्य में एक अत्यंत सकारात्मक और आवश्यक जुड़ाव है। मात्र 100 रुपये के मामूली खर्च में जुरासिक पार्क का सजीव और विस्मयकारी अनुभव मिलना राजधानी के बच्चों और परिवारों के लिए एक बेहतरीन उपहार है। यदि आप भी इस सप्ताहांत अपने बच्चों को मोबाइल स्क्रीन की आभासी दुनिया से बाहर निकालकर किसी रोमांचक और ज्ञानवर्धक अनुभव से रूबरू कराना चाहते हैं, तो समय सारणी और सोमवार के अवकाश का ध्यान रखते हुए नेशनल साइंस सेंटर की इस डायनासोर दुनिया का रुख अवश्य करें।
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