Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा समेत कई नदियों के उफान से राज्य के 11 जिलों में 19.57 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो गए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर यानी एचएफएल के निशान को पार कर चुका है। हाथीदह में भी पुराना रिकॉर्ड टूटने की आशंका जताई गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार प्रभावित आबादी पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल के इलाकों में फैली है।

प्रशासन ने नदी किनारे बसे निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर निगरानी तेज कर दी है। एनडीआरएफ की 10 और एसडीआरएफ की 27 टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और पांच हजार करोड़ रुपये की सहायता मांगने की बात कही है।

Bihar Flood: गांधी घाट पर गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर गया है। इस रिकॉर्ड टूटने के बाद प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी के अनुसार गांधी घाट से नीचे की ओर बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फील्ड स्टाफ को नियमित निगरानी का निर्देश दिया गया है। स्थिति अगले कुछ दिनों तक गंभीर बनी रह सकती है।

हाथीदह में भी रिकॉर्ड टूटने का खतरा

अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक हाथीदह और उसके बाद के निचले इलाकों में जलस्तर चिंताजनक रह सकता है। हाथीदह में गंगा का स्तर पिछले एचएफएल को भी पार करने की आशंका है। बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। तटबंधों की नियमित जांच चल रही है।

Bihar Flood: 11 जिलों में फैला प्रभाव

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल समेत 11 जिलों में बाढ़ और जलभराव है। विभाग के आंकड़ों में 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों का जिक्र है। जल संसाधन विभाग ने 70 प्रखंडों और 368 पंचायतों का आंकड़ा भी दिया है। दोनों विभाग प्रभावित क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं।

गंडक, कोसी और सोन का दबाव

6 सितंबर तक वाल्मीकिनगर बैराज पर गंडक का डिस्चार्ज 1,29,000 क्यूसेक दर्ज हुआ, जो फिलहाल स्थिर बताया गया है। बीरपुर बैराज पर कोसी का डिस्चार्ज 1,73,255 क्यूसेक रहा। इंद्रपुरी बैराज पर सोन का डिस्चार्ज 2,27,717 क्यूसेक था, हालांकि इसमें कमी का रुझान देखा गया। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

Bihar Flood: राहत कार्यों में जुटी टीमें

आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात हैं। एसडीआरएफ की 27 टीमें भी बचाव कार्य में लगी हैं। जलमग्न इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए 1,345 नावें चलाई जा रही हैं। संवेदनशील स्थानों और तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। मशीनरी को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सामुदायिक रसोई और राहत सामग्री

आपदा विभाग के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में 110 सामुदायिक रसोई चल रही हैं। अब तक 1.98 लाख लोगों को इन रसोइयों से भोजन मिल चुका है। एक राहत शिविर भी बनाया गया है जहां 326 लोग रह रहे हैं। वहां रहने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। राहत वितरण का काम जारी है।

Bihar Flood: पॉलीथीन और राशन का वितरण

बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच अब तक करीब 55,500 पॉलीथीन शीट बांटी जा चुकी हैं। सूखे राशन के 10,400 पैकेट भी वितरित किए गए हैं। विस्थापित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश जारी है। विभाग का कहना है कि जरूरत के अनुसार राहत बढ़ाई जाएगी। मौसम खराब रहने पर मांग और बढ़ सकती है।

आगे दो दिन बारिश का अनुमान

राज्य में 1 जून से 6 सितंबर के बीच औसत 590.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बिहार मौसम विज्ञान सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। इससे नदियों का दबाव बना रह सकता है। निचले इलाकों में सतर्कता बरकरार रखनी होगी।

तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय आपदा की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने पांच हजार करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता मांगी है। राहत कार्यों के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। उन्होंने दावा किया कि राज्य का बड़ा हिस्सा प्रभावित है।

Bihar Flood: पीएम से बिहार दौरे की अपील

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल बिहार आने और जमीनी स्थिति देखने को कहा। उन्होंने बुनियादी ढांचे और जान-माल के भारी नुकसान का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चुनाव का समय होता तो दौरा जरूर होता। यह उनका राजनीतिक बयान है। सरकार की ओर से इस मांग पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया स्रोत में नहीं दी गई है।

बिहार में गंगा के गांधी घाट पर रिकॉर्ड तोड़ जलस्तर ने बाढ़ संकट को और गंभीर बना दिया है। 11 जिलों में 19.57 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। हाथीदह समेत निचले इलाकों में अगले तीन दिन जलस्तर ऊंचा रह सकता है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमें, नावें, सामुदायिक रसोई और राहत सामग्री के जरिए बचाव चल रहा है।

गंडक, कोसी और सोन समेत कई नदियां दबाव में हैं। तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष सहायता की मांग की है। आगे की बारिश स्थिति तय करेगी। निचले इलाकों के लोगों को प्रशासनिक अलर्ट का पालन करना जरूरी है।

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