Aaj Ka Mausam 8 August 2026
Aaj Ka Mausam 8 August 2026: 8 अगस्त 2026 को शनिवार का दिन दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के साथ शुरू हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के उत्तर, पूर्व, मध्य, पश्चिम और प्रायद्वीपीय भागों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान और तेज हवाओं का अनुमान जताया गया है। ओडिशा में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है जबकि पूर्वी राजस्थान भी भारी वर्षा के केंद्र में रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक समेत कई राज्यों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

Aaj Ka Mausam 8 August 2026: उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता और दिल्ली-एनसीआर का मौसम

उत्तर भारत में 8 अगस्त को मानसून सक्रिय बना रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और शनिवार को भी यही सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान सामान्य से कुछ कम रहने का अनुमान है क्योंकि बादल छाए रहेंगे और बारिश का असर पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक वर्षा की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। जम्मू-कश्मीर में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। उत्तर प्रदेश के पूर्वी भागों में काफी जगहों पर वर्षा होने का अनुमान है। मेरठ, नोएडा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। समग्र रूप से उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

पूर्वी भारत में भारी वर्षा का फोकस, ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत 8 अगस्त को मानसून का सबसे सक्रिय क्षेत्र बना रहेगा। ओडिशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा है। पश्चिम बंगाल के गंगा और उप-हिमालयी क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा होने का अनुमान है। कोलकाता और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। झारखंड और बिहार में भी कई जगहों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। बिहार के गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, दरभंगा समेत कई जिलों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है। पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में पहले से ही मानसूनी बारिश का असर दिख रहा है और शनिवार को और तीव्रता बढ़ सकती है। कृषि कार्यों और परिवहन व्यवस्था पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

मध्य भारत और छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां

मध्य भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी वर्षा होने का अनुमान है जबकि पश्चिमी भागों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा हो सकती है जिससे कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे फसलों की सुरक्षा के उपाय करें और खेतों में जल निकासी का प्रबंध रखें। शहरों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है इसलिए समय से पहले निकलने की सलाह दी जाती है। तापमान में गिरावट आने से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस होगा लेकिन नमी बढ़ने से असुविधा भी हो सकती है।

पश्चिमी भारत में राजस्थान और महाराष्ट्र का मौसम

पश्चिमी भारत में पूर्वी राजस्थान भारी वर्षा के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। यहां कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में भी मध्यम वर्षा हो सकती है। कोंकण और गोवा में भारी वर्षा का अनुमान है जबकि मध्य महाराष्ट्र में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। मुंबई और आसपास के तटीय क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। गुजरात में कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण समुद्री लहरें ऊंची उठ सकती हैं इसलिए मछुारों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा रही है। पश्चिमी घाट क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है इसलिए पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

दक्षिणी भारत में केरल, कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों का मौसम

दक्षिणी प्रायद्वीप में भी मानसून सक्रिय रहेगा। केरल में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। तटीय इलाकों में समुद्री लहरें ऊंची उठने की संभावना है। कृषि और बागवानी पर बारिश का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है लेकिन अत्यधिक वर्षा से फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी है। शहरों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।

देशभर में तापमान और सामान्य प्रभाव

8 अगस्त को देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ कम रहने की संभावना है क्योंकि बादल छाए रहेंगे और बारिश का असर पड़ेगा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य के आसपास या थोड़ा अधिक रह सकता है क्योंकि नमी अधिक होगी। दिल्ली में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है जबकि न्यूनतम 26 से 28 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में भी तापमान सामान्य से कम रहेगा। बारिश के कारण कई इलाकों में सापेक्ष आर्द्रता बढ़ जाएगी जिससे मौसम उमस भरा महसूस होगा। बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं इसलिए खुले मैदानों में खड़े रहने से बचना चाहिए।

Aaj Ka Mausam 8 August 2026: नागरिकों के लिए आवश्यक सावधानियां

मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में बाढ़ या जलभराव का खतरा बना रहेगा। बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखने की सलाह दी जाती है। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें क्योंकि सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें। मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है। कृषि कार्यों में लगे किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखें।
8 अगस्त 2026 को उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के 20 से अधिक राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जहां ओडिशा और पूर्वी राजस्थान में अत्यंत भारी वर्षा तथा दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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