Surendra Koli: देश के सबसे चर्चित और सनसनीखेज मामलों में शुमार निठारी कांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, मगर इस बार वजह कोई नया खुलासा नहीं बल्कि इस मामले से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की मौत है। हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में सुरेंद्र कोली का शव बरामद हुआ है, और शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसने फांसी लगाकर अपनी जान दी। कोली का शव उत्तरी हरिद्वार के सप्त सरोवर क्षेत्र में लालमाता मंदिर के सामने स्थित एक चाय की दुकान में मिला, जहां वह पिछले कुछ समय से खोखा किराए पर लेकर अपना कारोबार चला रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। गौरतलब है कि सुरेंद्र कोली वही शख्स है, जिसे 2006 में नोएडा के निठारी गांव में हुए बहुचर्चित सीरियल मर्डर केस में आरोपी बनाया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साल 2025 में उसे सभी मामलों में बरी कर दिया था।
Surendra Koli: चाय की दुकान में मिला सुरेंद्र कोली का शव
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शहर कोतवाली क्षेत्र की सप्त ऋषि पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि सप्त सरोवर रोड पर स्थित एक चाय की दुकान में कोई व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई और घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के मंगरुखाल गांव निवासी सुरेंद्र कोली के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत उसके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में मातम का माहौल है।
हरिद्वार में चाय का ठेला लगाकर गुजर-बसर कर रहा था कोली
जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और वहां एक चाय की दुकान चलाकर अपनी जीविका चला रहा था। निठारी कांड से बरी होने के बाद वह सुर्खियों से दूर सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके चलते मौत की असली वजह को लेकर फिलहाल स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ पाई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मौत के सही कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस टीम
इस मामले को लेकर शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मृतक की शिनाख्त सुरेंद्र कोली के तौर पर हुई है, जो निठारी हत्याकांड में आरोपी के रूप में चर्चित रहा था। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों से भी पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि घटना से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आखिर बीते कुछ दिनों में कोली की मानसिक स्थिति कैसी थी और क्या उसने किसी से इस बारे में कोई बातचीत की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में सभी मामलों में किया था बरी
सुरेंद्र कोली का नाम पहली बार साल 2006 में सामने आए निठारी हत्याकांड से जुड़ा था, जब उस पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के दौरान उसे कुछ मामलों में दोषी भी ठहराया गया था, लेकिन बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसे बरी कर दिया। इसके बाद जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उसके खिलाफ चल रहे 12 मामलों में बरी किए जाने के फैसले को सही ठहराया। इसके कुछ महीनों बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी लंबित मामले में भी उसकी दोषसिद्धि को खारिज करते हुए उसे पूरी तरह बरी करने का आदेश दिया था। अदालत ने उस वक्त उसे तत्काल रिहा करने का भी निर्देश दिया था, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ गया था।
क्या था बहुचर्चित निठारी कांड
निठारी कांड साल 2005 से 2006 के बीच नोएडा के निठारी गांव में सामने आया एक सनसनीखेज सीरियल मर्डर केस था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उस दौर में निठारी गांव से कई बच्चे और युवतियां अचानक लापता होने लगे थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। बाद में मोनिंदर सिंह पंढेर की सेक्टर-31 स्थित कोठी के पीछे बने नाले से कई नर कंकाल और हड्डियां बरामद हुईं, जिसने पूरे मामले को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया। इसी मामले में पंढेर के घर पर नौकर के तौर पर काम करने वाला सुरेंद्र कोली भी मुख्य आरोपी बनाया गया था। वर्षों तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंततः उसे सभी मामलों में बरी कर दिया।
Surendra Koli: संदिग्ध मौत के बाद जांच पर टिकीं निगाहें
हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की खबर सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटा हुआ है। घटनास्थल से मिले सुरागों, आसपास के लोगों के बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर उसकी मौत के पीछे असली वजह क्या रही। चूंकि यह मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा है जो वर्षों तक देश के सबसे विवादास्पद आपराधिक मामलों में से एक का हिस्सा रहा, इसलिए पुलिस भी इस जांच को बेहद संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ा रही है।
निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत ने एक बार फिर इस बहुचर्चित मामले को चर्चा में ला दिया है। सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहे कोली की चाय की दुकान में संदिग्ध हालात में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सुसाइड नोट न मिलने से मामला और उलझा हुआ नजर आ रहा है, और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आखिर इस मौत के पीछे की सच्चाई क्या है।
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