Jewar Toll Local Relief: यमुना एक्सप्रेसवे शुरू होने के करीब 14 साल से जेवर आसपास के लोग टोल माफी मांग रहे थे। किसान, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मुद्दा उठाते रहे। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने संगठन और संचालक एजेंसियों से बात की।

अब फैसला हो गया है कि प्लाजा के पास रहने वाले पात्र लोगों को टोल से मुक्ति मिलेगी। लाभ के लिए स्थानीय होना साबित करना जरूरी है। 17 सितंबर तक निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन यानी आरसी की कॉपी जेवर टोल प्लाजा कार्यालय में जमा करनी होगी।

जांच के बाद रजिस्ट्रेशन होगा। प्रक्रिया पूरी होने पर छूट लागू होगी। विधायक ने इसे किसानों के योगदान का सम्मान बताया और पात्र लोगों से समय पर कागजात देने की अपील की। कितने गांव कवर होंगे, सूची इस खबर में नहीं दी गई।

Jewar Toll Local Relief: मांग कितने समय से चल रही थी

एक्सप्रेसवे खुलने के साथ ही आसपास के निवासी रोजमर्रा की आवाजाही पर टैक्स से राहत चाहते थे। चौदह वर्ष तक मांग थमी नहीं। विधायक स्तर पर एजेंसियों से बातचीत के बाद फैसला आया। पुरानी फाइलें इस रिपोर्ट में नहीं खोली गईं।

छूट किसे मिलेगी

लाभ प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए बताया गया। किसान और ग्रामीण शब्द बार बार आए। बाहर के यात्री या बिना प्रमाण वाले वाहन स्वतः छूट में नहीं आते। पात्रता दस्तावेज से तय होगी। सत्यापन के बाद नाम दर्ज होगा।

Jewar Toll Local Relief: 17 सितंबर तक क्या जमा करना है

निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और वाहन आरसी की कॉपी प्लाजा कार्यालय में देनी है। तीनों का सेट अधूरा रहा तो रजिस्ट्रेशन अटक सकता है। तारीख पार होने पर क्या होगा, खबर में नहीं लिखा। इसलिए समय से पहुंचें।

रजिस्ट्रेशन के बाद छूट कैसे लगेगी

दस्तावेज जांच के बाद ग्राहक का पंजीकरण होगा। प्रक्रिया पूरी होने पर स्थानीय लोगों को टोल से मुक्ति बताई गई। कार्ड, फास्टैग लिंक या गेट पर पहचान का तकनीकी तरीका विस्तार से नहीं आया। कार्यालय निर्देश पर अमल करें।

Jewar Toll Local Relief: विधायक ने क्या कहा

धीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह केवल टैक्स राहत नहीं, किसानों और स्थानीय लोगों के योगदान का सम्मान है। एक्सप्रेसवे और क्षेत्र का विकास उनके त्याग से जुड़ा। उन्होंने पात्र लोगों से 17 सितंबर तक प्रमाण जमा कर रजिस्ट्रेशन कराने को कहा।

कार्यालय में जाते समय क्या रखें

फोटोकॉपी साफ हों, मूल साथ रखना पड़े तो पूछ लें। गाड़ी जिस नाम पर है वही आरसी ले जाएं। निवास पता जेवर क्षेत्र से मेल खाना चाहिए। भीड़ बचाने के लिए सुबह जल्दी जाना ठीक रह सकता है, समय सारिणी प्लाजा पर पूछें।

किन सवालों का जवाब अभी नहीं मिला

कितने परिवार या कितने वाहन छूट में आएंगे, आंकड़ा नहीं दिया गया। एक परिवार की कई गाड़ियों का नियम स्पष्ट नहीं। किराएदार और मूल निवासी में फर्क लिखा नहीं। संचालक एजेंसी का आधिकारिक परिपत्र आने पर ये बिंदु खुलेंगे।

Jewar Toll Local Relief: एक्सप्रेसवे और स्थानीय आवाजाही

जेवर एयरपोर्ट और आसपास के विकास से यातायात बढ़ा है। रोज बाजार, खेत और अस्पताल जाने वालों के लिए टोल बोझ बनता था। छूट उसी रोजमर्रा को हल्का करने का कदम बताया गया। लंबी दूरी के वाहन अलग श्रेणी में रहेंगे।

जेवर टोल प्लाजा पर 14 साल की मांग के बाद स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को टैक्स राहत का फैसला हुआ है। 17 सितंबर तक निवास प्रमाण, आधार और आरसी प्लाजा कार्यालय में जमा कर रजिस्ट्रेशन कराना है। जांच बाद छूट मिलेगी।

विधायक धीरेंद्र सिंह ने इसे योगदान का सम्मान कहा और समय पर कागजात देने को कहा। गांव सूची और तकनीकी व्यवस्था का पूरा ब्योरा बाद में आ सकता है। पात्र लोग तारीख चूकने से बचें। कार्यालय के निर्देश ही अंतिम प्रक्रिया तय करेंगे।

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