Bihar Flood: बिहार में नदियों का जलस्तर लगातार चढ़ा है और बाढ़ का दबाव 13 जिलों तक फैल गया है। गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना में गंगा, सोन और पुनपुन ने चेतावनी रेखा पार कर ली है। गांधी घाट पर गंगा खतरे से 127 सेंटीमीटर ऊपर है। दीघा घाट पर 61 सेंटीमीटर ऊपर है।
श्रीपालपुर में पुनपुन करीब 2.01 मीटर ऊपर बह रही है और पानी घरों तक पहुंच गया है। इंद्रपुरी बराज से सोन में 5.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के दियारा में पानी फैल रहा है। फंसे लोगों के लिए 12 सरकारी नावें तैनात हैं। आपदा प्रबंधन विभाग नुकसान की सूची और राहत अनुदान की तैयारी कर रहा है।
Bihar Flood: पटना में गंगा सोन और पुनपुन की स्थिति
गांधी घाट और दीघा घाट दोनों जगह गंगा खतरे से ऊपर है। श्रीपालपुर में पुनपुन दो मीटर से अधिक ऊपर बताई गई। सोन का छोड़ा पानी दियारा इलाकों में तेजी से फैला। प्रशासन हाई अलर्ट पर है। नावों से निकासी का काम चल रहा है।
समस्तीपुर और भागलपुर में कटाव का खतरा
समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में गंगा खतरे से 1.50 मीटर ऊपर पहुंच गई। भागलपुर में राघोपुर काजीकोरैया तटबंध पर तेज कटाव हो रहा है। रेलवे टैगिंग बांध को खतरा बताया गया। बांध बचाने के लिए करीब 200 ट्रैक्टर और तीन स्टीमर बालू की बोरियां डाल रहे हैं।
Bihar Flood: रोहतास में सोन के टीलों पर फंसे लोग
नौहट्टा में सोन का जलस्तर बढ़ा। नदी के टीलों पर खेती करने वाले करीब 100 लोग फंस गए। उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश चल रही है। जलस्तर और चढ़ा तो निकासी और तेज करनी पड़ेगी। निचले खेतों में जाना बंद रखने की सलाह है।
बाढ़ से प्रभावित 13 जिले कौन से हैं
दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, समस्तीपुर और मुंगेर सूची में हैं। इन जिलों के निचले इलाकों में पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित है। घर और खेत दोनों भीग रहे हैं।
Bihar Flood: गंगा सोन पुनपुन के अन्य घाट
दीघा, गांधी घाट, हाथीदह और कहलगांव में गंगा खतरे से ऊपर है। मुंगेर में भी चेतावनी स्तर पार हो चुका है। मनेर में सोन खतरे से ऊपर बह रही है। पुनपुन का पानी श्रीपालपुर के आसपास घरों में घुस चुका है।
मकान टूटने पर कितना अनुदान
पक्का घर पूरी तरह ध्वस्त होने पर 1.20 लाख रुपये का प्रावधान है। आंशिक रूप से पक्का घर क्षति पर 6500 रुपये मिलते हैं। आंशिक कच्चे घर पर 4000 रुपये हैं। झोपड़ी पूरी तरह नष्ट होने पर 8000 रुपये दिए जाते हैं। पशु बाड़ा या शेड नष्ट होने पर 3000 रुपये का नियम है।
Bihar Flood: फसल और पेड़ पौधों का आकलन
सामान्य स्थिति में फसल नुकसान पर प्रति परिवार 7000 रुपये राहत का प्रावधान है। पानी उतरने के बाद कृषि विभाग अंतिम आकलन करेगा। उसके बाद फसलवार निर्धारित दर से भुगतान होगा। अभी सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मृत्यु और चोट पर सहायता की राशि
बाढ़ या आपदा में मृत्यु होने पर आश्रितों को 4 लाख रुपये दिए जाते हैं। एक सप्ताह या उससे अधिक अस्पताल भर्ती पर 16000 रुपये हैं। एक सप्ताह से कम भर्ती पर 5400 रुपये मिलते हैं। चालीस प्रतिशत अपंगता पर 74000 रुपये और साठ प्रतिशत पर 2.50 लाख रुपये का प्रावधान है।
Bihar Flood: कपड़े बर्तन और जरूरी सामान
घर बहने या पूरी तरह प्रभावित होने पर कपड़ों के लिए 2500 रुपये मिलते हैं। बर्तन के लिए अलग से 2500 रुपये हैं। अन्य जरूरी सामान के लिए 2000 रुपये का नियम है। यह राशि तत्काल राहत के खाते में आती है। अंतिम भुगतान सर्वे पर टिका है।
बिहार में आठ नदियां खतरे से ऊपर हैं और 13 जिले पानी की चपेट में हैं। पटना में गंगा 127 सेंटीमीटर तक ऊपर चढ़ी, पुनपुन दो मीटर से अधिक ऊपर है। सोन से 5.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
भागलपुर के तटबंध पर कटाव और रोहतास में फंसे किसानों की निकासी चल रही है। घर फसल पशु और जान के नुकसान पर निर्धारित अनुदान का ढांचा जारी है। निचले इलाकों को सतर्क रहने को कहा गया है। जलस्तर और राहत सूची के अगले अपडेट पर सबकी नजर रहेगी।
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