Abhinandan Varthaman: ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान के भारतीय वायुसेना छोड़ने की खबर सामने आई है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से मामले के जानकार बताते हैं कि उन्होंने 31 मार्च को आईएएफ को अलविदा कह दिया। इसके बाद गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 से जुड़ने की बात कही गई है। वायुसेना ने इसका ऐलान नहीं किया। वर्धमान की तरफ से भी आधिकारिक बयान नहीं आया।

फ्लाई91 के प्रवक्ता ने कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी निजी मामला बताते हुए टिप्पणी से इनकार किया। एयरलाइन में उनकी भूमिका का और ब्योरा तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका। 2019 के बालाकोट प्रकरण और वीर चक्र के बाद उनका नाम फिर चर्चा में है।

Abhinandan Varthaman: आईएएफ छोड़ने की खबर किस आधार पर आई

रिपोर्ट में नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों का हवाला दिया गया है। कहा गया है कि वर्धमान 31 मार्च को सेवा छोड़ चुके हैं। निजी एयरलाइन से जुड़ाव की बात इसी सूत्र से निकली। आधिकारिक पत्र या प्रेस विज्ञप्ति का उल्लेख नहीं है। इसलिए मामला पुष्टि की प्रतीक्षा में है।

फ्लाई91 से जुड़ाव पर कंपनी ने क्या कहा

फ्लाई91 के प्रवक्ता ने विस्तार से कुछ नहीं बताया। कर्मचारियों का निजी विवरण सार्वजनिक न करने की बात कही गई। भूमिका, पद या उड़ान कार्यक्रम की जानकारी नहीं मिली। कंपनी की चुप्पी को न तो पुष्टि मानिए न खंडन। फिलहाल केवल रिपोर्टेड दावा है।

Abhinandan Varthaman: फ्लाई91 किस तरह की एयरलाइन है

गोवा स्थित फ्लाई91 ने मार्च 2024 में परिचालन शुरू किया था। बेड़े में फिलहाल छह एटीआर 72-600 विमान बताए गए हैं। दो परिचालन केंद्र गोवा और हैदराबाद में हैं। क्षेत्रीय उड़ानों वाली यह कंपनी संजय घोडावत ग्रुप से जुड़ी स्टार एयर से अलग इकाई है। वर्धमान की नियुक्ति का आधिकारिक ब्यौरा इसमें नहीं जोड़ा गया।

2019 में बालाकोट के बाद क्या हुआ था

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे। 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 ने बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र पर हमला किया। नागरिक क्षति न होने का दावा अभियान के ब्यौरे में रहा। इसके बाद हवाई मुठभेड़ हुई।

एफ16 गिराने और बंदी बनाए जाने का प्रसंग

तब विंग कमांडर वर्धमान मिग 21 बाइसन उड़ा रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पाकिस्तानी एफ16 को निशाना बनाया। बाद में उनका विमान भी चपेट में आया। वे पाकिस्तानी क्षेत्र में पहुंच गए और पकड़ लिए गए। करीब 60 घंटे बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें भारत लौटा दिया। चाय वाले दृश्य के साथ वह घटना चर्चा में रही।

Abhinandan Varthaman: वीर चक्र और सेवा का सम्मान

वर्ष 2021 में उन्हें वीर चक्र दिया गया। यह युद्धकाल का तीसरा सर्वोच्च वीरता सम्मान माना जाता है। प्रशस्ति पत्र में हवाई मुठभेड़ के दौरान कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण का उल्लेख था। बाद में पदोन्नति कर ग्रुप कैप्टन बनाए जाने की खबरें भी पहले आ चुकी हैं। सेवा छोड़ने की बात इन पुराने अध्यायों के बाद आई है।

आधिकारिक मौन क्यों मायने रखता है

वायुसेना सेवानिवृत्ति या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का ब्योरा आमतौर पर खुद जारी करती है। इस बार ऐसा ऐलान नहीं हुआ। पायलट ने भी सार्वजनिक पत्र नहीं दिया। निजी एयरलाइन कर्मचारी नीति का हवाला देकर चुप रही। ऐसी स्थिति में नाम की चर्चा तेज होती है, दस्तावेज पीछे रह जाते हैं।

निजी उड़ान और सैन्य पायलट का फर्क

सैन्य लड़ाकू पायलट और नागरिक एटीआर उड़ान दो अलग दुनिया हैं। रूपांतरण प्रशिक्षण, लाइसेंस और नागरिक नियम अलग होते हैं। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि वर्धमान कमांडर बनेंगे या किस रूट पर उड़ेंगे। अनुमान लगाना सही नहीं। उपलब्ध तथ्य केवल जुड़ाव की खबर तक हैं।

Abhinandan Varthaman: जनता की याद में क्या बचा है

पुलवामा के बाद का जवाब, बालाकोट और कैद से वापसी उनकी सार्वजनिक पहचान बना चुके हैं। वीर चक्र उसी पहचान का हिस्सा है। सेवा से बाहर जाने की खबर भावनात्मक चर्चा पैदा करती है। फिर भी नियुक्ति की पुष्टि कंपनी या वायुसेना के बयान से ही होगी। फिलहाल दोनों तरफ औपचारिक शब्द नहीं आए।

अभिनंदन वर्धमान के आईएएफ छोड़कर फ्लाई91 से जुड़ने की खबर सूत्रों पर टिकी है। तारीख 31 मार्च बताई गई है। वायुसेना और पायलट ने ऐलान नहीं किया। एयरलाइन ने निजी जानकारी बताकर जवाब नहीं दिया।

2019 की मुठभेड़, 60 घंटे की कैद और 2021 का वीर चक्र उनकी पुरानी गाथा हैं। नई नौकरी का पद और उड़ान कार्यक्रम अभी खुला नहीं। आधिकारिक पुष्टि आने तक यही सीमा है। आगे की बात कंपनी या रक्षा प्रवक्ता के बयान पर निर्भर करेगी।

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