Aaj Ka Mausam 27 August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अगस्त 2026, गुरुवार के लिए देशव्यापी मौसम का ताजा बुलेटिन जारी किया है। मॉनसून ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) के सक्रिय होने के कारण उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में आसमान में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
Aaj Ka Mausam 27 August 2026: यूपी-एमपी सीमा पर बना चक्रवाती दबाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे सटे पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के वायुमंडल में एक सुस्पष्ट चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मॉनसून ट्रफ लाइन जम्मू से शुरू होकर दक्षिण उत्तर प्रदेश और मध्य भारत होते हुए बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी तक विस्तृत है।
इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त मानसूनी हवाएं मैदानी व मध्यवर्ती राज्यों की ओर बढ़ रही हैं। इसी कारण गंगा के मैदानी भागों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 48 से 72 घंटों तक भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, उमस से मिलेगी राहत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में गुरुवार को दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के दौरान कुछ हिस्सों में बहुत हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश या बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी दिशा से 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। वातावरण में उच्च आर्द्रता (नमी) के बावजूद रुक-रुक कर होने वाली बौछारें मौसम को खुशनुमा बनाए रखेंगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों—गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और राजधानी लखनऊ में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार के पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और सीमावर्ती तराई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों को आकाशीय बिजली (वज्रपात) के खतरे को देखते हुए बारिश के दौरान पक्के मकानों में शरण लेने और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। नदियों के बढ़ते जलस्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है।
मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ का हाल
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी संभागों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। रीवा, सतना, पन्ना, सीधी और जबलपुर संभाग के जिलों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। छत्तीसगढ़ और झारखंड के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
ओडिशा के तटीय और आंतरिक जिलों में मॉनसून सक्रिय रहेगा, जहां कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट है। तटीय ओडिशा और पश्चिम बंगाल से सटे समुद्री इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्य और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले तीन दिनों तक व्यापक मानसूनी बारिश का दौर चलेगा। असम और मेघालय के संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट से मध्यम बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा के आसार हैं। पश्चिमी भारत में पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश संभव है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
Aaj Ka Mausam 27 August 2026: आम जनता और किसानों के लिए जरूरी परामर्श
शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या से बचने के लिए यात्रा से पूर्व स्थानीय ट्रैफिक व मौसम बुलेटिन देखने की सलाह दी गई है। किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखने और भारी बारिश के दौरान कीटनाशक या उर्वरकों का छिड़काव स्थगित करने का सुझाव दिया गया है। आंधी-तूफान के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
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