Delhi Lakshmi Yojana: रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले दिल्ली सरकार ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दे दिया है। दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत बुधवार को पहली किस्त जारी कर दी गई। लाखों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लौट आई जो पिछले कुछ हफ्तों से इस दिन का इंतजार कर रही थीं। मगर सवाल यह है कि पैसा असल में खाते में कब आएगा, और इस बार सरकार ने किस्त देने के तरीके में जो बदलाव किया है, वह कितना अलग है। यही वह हिस्सा है जो इस खबर को खास बना देता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में लक्ष्मी योजना की पहली किस्त ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि असली रकम महिलाओं के खाते में 1 सितंबर को ही पहुंच पाएगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से शुरू की गई है और इसके तहत हर महीने 2,500 रुपये देने का प्रावधान रखा गया है।
Delhi Lakshmi Yojana: सीएम रेखा गुप्ता ने तालकटोरा में सौंपे मंजूरी पत्र
इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार अपने घोषणापत्र में किए गए वादे को पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना को 1 अगस्त से लागू किया गया था और उसी दिन से महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने की योजना शुरू हुई थी। बुधवार के कार्यक्रम में पहले 2,500 लाभार्थियों को मंजूरी पत्र सौंपे गए।
सीएम ने यह भी कहा कि इन महिलाओं के बैंक खाते और CBDC वॉलेट खुलने के बाद ही 1 सितंबर को उनके खातों में पैसा जमा किया जाएगा। यानी मंजूरी पत्र मिलना और खाते में पैसा आना, यह दोनों अलग-अलग चरण हैं। जानकार बताते हैं कि यह प्रक्रिया इसलिए रखी गई है ताकि हर लाभार्थी का सत्यापन ठीक से हो सके और गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। देखने पर लगता है कि सरकार इस बार हर कदम को सावधानी से आगे बढ़ा रही है।
हर महीने 2500 रुपये, मगर पूरा पैसा नकद नहीं मिलेगा
यहीं पर एक दिलचस्प ट्विस्ट सामने आता है, जिसे शायद बहुत कम लोग जानते होंगे। योजना के तहत मिलने वाले 2,500 रुपये पूरी तरह से नकद के रूप में हाथ में नहीं आएंगे। इसमें से 1,500 रुपये सीधे लाभार्थी के खाते में फिक्स डिपॉजिट यानी FD कर दिए जाएंगे, जबकि बाकी बचे 1,000 रुपये डिजिटल करेंसी यानी CBDC के रूप में मिलेंगे। खास बात यह है कि यह 1,000 रुपये सिर्फ डिजिटल खर्च के लिए ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत 1 अगस्त से हुई थी, और अब तक इसके लिए 6 लाख से ज्यादा महिलाएं रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं। इतनी बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन खुद बताता है कि दिल्ली की महिलाओं के बीच इस योजना को लेकर कितनी उत्सुकता है। मामला कुछ इस तरह से आगे बढ़ा है कि अब हर कोई अपने आवेदन का स्टेटस जानने को बेताब है।
एप्लीकेशन स्टेटस चेक करने का आसान तरीका
जो महिलाएं अपने आवेदन की स्थिति जानना चाहती हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। सबसे पहले दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल dly.delhi.gov.in पर जाना होगा। वहां होमपेज पर दिख रहे Track Application विकल्प पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा, जहां रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि और स्क्रीन पर दिखाई दे रहा कैप्चा भरना होगा। यह जानकारी भरने के बाद Sign In बटन दबाते ही आवेदन का पूरा स्टेटस स्क्रीन पर दिख जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया दो से तीन मिनट से ज्यादा वक्त नहीं लेती, इसलिए महिलाएं घर बैठे ही अपना स्टेटस जान सकती हैं।
Delhi Lakshmi Yojana: किन्हें मिलेगा फायदा और कौन रह जाएंगी बाहर
पात्रता की बात करें तो योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए, और वह अपने परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य होनी जरूरी है। परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा महिला का दिल्ली में रजिस्टर्ड वोटर होना जरूरी है, और उसके पति या माता-पिता में से किसी एक का आवेदन की तारीख तक कम से कम दस साल से दिल्ली का निवासी होना भी अनिवार्य शर्त है। पिछले बारह महीनों में परिवार की बिजली खपत 2,400 यूनिट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ कुछ महिलाएं इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी। जिन महिलाओं को सरकारी पेंशन या किसी तरह की नियमित वित्तीय सहायता मिल रही है, वे पात्र नहीं मानी जाएंगी। इसी तरह आयकरदाता, GST भरने वाली, सरकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी इस योजना का फायदा नहीं ले पाएंगी। अगर महिला या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम चार पहिया वाहन दर्ज है, तो भी पात्रता प्रभावित होगी। जिन महिलाओं के तीन से ज्यादा बच्चे हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, वे भी योजना की शर्तों के मुताबिक इसका लाभ नहीं उठा सकेंगी।
पुरानी सरकार के दौर पर नजर डालें तो अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली AAP सरकार ने भी कुछ इसी तरह की महिला सम्मान योजना शुरू की थी। उस योजना के तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने का प्रावधान था। बजट 2024-25 की घोषणा के वक्त तत्कालीन AAP सरकार ने इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट भी तय किया था। यानी दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक मदद देने की सियासत नई नहीं है, बस योजनाओं के नाम और शर्तें बदलती रही हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो दिल्ली लक्ष्मी योजना की पहली किस्त का ऐलान त्योहारी सीजन में महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। भले ही असली रकम 1 सितंबर को खाते में आएगी, लेकिन मंजूरी पत्र मिलने के साथ ही लाखों महिलाओं के मन में उम्मीद जग गई है। अब देखना यह है कि आने वाले महीनों में बाकी बची लाभार्थियों के खाते कब तक खुलते हैं और उन्हें कब से यह राशि मिलनी शुरू होती है। फिलहाल जिन महिलाओं ने आवेदन किया है, उन्हें अपना स्टेटस पोर्टल पर जरूर चेक करते रहना चाहिए, क्योंकि आगे की प्रक्रिया को लेकर अभी और जानकारी आनी बाकी है।
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