Aaj Ka Mausam 25 August 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 अगस्त 2026 के लिए देशव्यापी मौसम का ताजा बुलेटिन और चेतावनी जारी कर दी है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने नए कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) और सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से देश के 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान कई तटीय और मैदानी क्षेत्रों में 40 से लेकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज तूफानी हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में घने काले बादलों का डेरा रहेगा और लगातार भारी बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में भी मध्यम से भारी बारिश और आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है।
Aaj Ka Mausam 25 August 2026: दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम, दिनभर छाए रहेंगे बादल, आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों—नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद—में 25 अगस्त को आमतौर पर आसमान पूरी तरह बादलों से घिरा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर और शाम के समय राजधानी के अधिकांश इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण बारिश से पहले और बाद में उमस भरा माहौल रहेगा। अचानक तेज बारिश के चलते प्रमुख चौराहों और अंडरपासों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे सुबह और शाम के पीक आवर्स में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और छाता साथ रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का मिजाज: पूर्वी यूपी और बिहार के कई जिलों में तूफानी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मौसम में 25 अगस्त को बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों—वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया और देवरिया—में भारी से बहुत भारी बारिश होने का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजधानी लखनऊ, कानपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज होगी। बादलों की सक्रियता से किसानों को धान की फसल के लिए आवश्यक पानी मिलने से राहत मिलेगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है।
पड़ोसी राज्य बिहार में मानसून अत्यंत सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने बिहार के लखीसराय, मधुबनी, भागलपुर, किशनगंज, पूर्णिया, बेगूसराय, वैशाली, जहानाबाद, सीवान, दरभंगा और बक्सर समेत एक दर्जन से अधिक जिलों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वज्रपात के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों को खुले खेतों में न जाने और पक्के मकानों में शरण लेने का कड़ा परामर्श जारी किया है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा खतरा
बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी चक्र का सबसे जोरदार असर मध्य भारत और पूर्वी तटीय राज्यों पर पड़ने वाला है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों तक व्यापक और भीषण मानसूनी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक जिलों में नदियां उफान पर आ सकती हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को बाढ़ नियंत्रण इकाइयों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य भागों में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जबलपुर, सागर, रीवा, मंडला, डिंडोरी और शहडोल संभागों में भारी वर्षा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। लगातार बारिश के चलते नर्मदा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा निचले बांधों के गेट खोले जाने की संभावना है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता: असम और मेघालय में रेड अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिससे तटीय गांवों में कटाव और जलप्लावन का जोखिम बना हुआ है।
पश्चिम बंगाल के गांगेय मैदानी क्षेत्रों और उप-हिमालयी जिलों (दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी) के साथ-साथ सिक्किम में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
पश्चिमी व दक्षिणी राज्यों की स्थिति: कोंकण-गोवा में झमाझम, तटीय इलाकों में तेज हवाएं
पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र का कोंकण क्षेत्र और गोवा मूसलाधार बारिश की चपेट में रहेगा। मुंबई, ठाणे और पालघर में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने से लोकल ट्रेन और सड़क यातायात की रफ्तार धीमी हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ इलाकों में भी मध्यम बारिश का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी जिलों (जयपुर, भरतपुर, कोटा) में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क और गर्म रहेगा। गुजरात क्षेत्र में भी हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं।
दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक के तटीय व आंतरिक इलाकों, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मानसूनी बादल बरसेंगे। दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के पास समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों को 25 अगस्त को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने का जोखिम: पर्यटकों के लिए एडवाइजरी
उत्तरी पर्वतीय राज्यों—उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर—में मानसूनी बारिश पहाड़ों पर आफत बन सकती है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और बिलासपुर जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। शिमला में तापमान 26 डिग्री और रात में 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में भारी बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन (Landslide) और बोल्डर गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDRF) ने चारधाम यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को उफनते नदी-नालों के करीब न जाने और अनावश्यक रूप से रात में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा न करने की सख्त सलाह दी गई है।
Aaj Ka Mausam 25 August 2026: नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी सावधानियां एवं सुरक्षा उपाय
मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित इमारतों में रहें। बिजली कड़कने के दौरान किसी भी बड़े पेड़, बिजली के खंभे या टिन शेड के नीचे खड़े होने से बचें। अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें और यात्रा शुरू करने से पहले रियल-टाइम वेदर व ट्रैफिक अपडेट्स की जांच अवश्य करें।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे खड़ी फसलों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि खेतों में अतिरिक्त पानी जमा होकर जड़ों को सड़ा न सके। तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए केला, पपीता और गन्ने जैसी फसलों को सहारा दें। मौसमी फ्लू, डेंगू और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ व उबला हुआ पानी पीने और मच्छरों से बचाव के उपाय करने का भी परामर्श दिया गया है। 25 अगस्त को देश का एक बड़ा हिस्सा मानसूनी वर्षा से भीगा रहेगा, अतः सावधानी और पूर्व-तैयारी ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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