Amazon Ads Study: नई दिल्ली। अमेजन ऐड्स के एक नए अध्ययन में सामने आया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई भारतीय छोटे और मझोले व्यवसायों के लिए विज्ञापन को आसान बना रही है। तीन सौ भारतीय एसएमबी मार्केटिंग निर्णयकर्ताओं के सर्वे में 87 प्रतिशत ने कहा कि एआई पावर्ड विज्ञापन टूल्स ने उन्हें पहले पहुंच से बाहर लगने वाले अवसर उपलब्ध कराए।

इनमें स्ट्रीमिंग टीवी और अन्य वीडियो विज्ञापन शामिल हैं। 75 प्रतिशत ने बताया कि एआई सक्षम विज्ञापन ने बिजनेस ग्रोथ में मदद की। 68 प्रतिशत का मानना है कि एआई ने उन्हें विज्ञापन में ज्यादा क्रिएटिव बनाया। 92 प्रतिशत का विश्वास है कि भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए एआई महत्वपूर्ण रहेगा। यह अध्ययन दिखाता है कि लागत और जटिलता की बाधाएं कम हो रही हैं।

Amazon Ads Study: अध्ययन के प्रमुख आंकड़े

अध्ययन के अनुसार 88 प्रतिशत एसएमबी एआई का इस्तेमाल विज्ञापन एसेट्स बनाने के लिए करने को तैयार हैं। 85 प्रतिशत स्ट्रीमिंग ऐड्स तैयार करने के लिए एआई का सहारा लेना चाहते हैं। 59 प्रतिशत ने कहा कि एआई ने नए देशों में विस्तार में मदद की। 58 प्रतिशत ने बताया कि इससे नए प्रोडक्ट कैटेगरी लॉन्च करने में सहूलियत मिली। केवल दो प्रतिशत ने कहा कि विज्ञापन फैसले पूरी तरह बिना मानवीय समीक्षा के स्वचालित हैं।

विज्ञापन को आसान बना रहा एआई

पारंपरिक रूप से छोटे व्यवसायों के लिए विज्ञापन महंगा और जटिल रहा है। संसाधनों की कमी भी बड़ी चुनौती थी। अमेजन ऐड्स के शोध के मुताबिक एआई इन बाधाओं को कम कर रहा है। भारत में एआई पावर्ड टूल्स इस्तेमाल करने वाले विज्ञापनदाताओं की संख्या में साल भर में 77 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एसएमबी ने 2026 की पहली तिमाही में पिछले साल की तुलना में 62 प्रतिशत ज्यादा ऐड क्रिएटिव्स बनाए।

Amazon Ads Study: स्ट्रीमिंग टीवी अब एसएमबी की पहुंच में

तीन साल पहले 56 प्रतिशत एसएमबी स्ट्रीमिंग टीवी को व्यवहार्य चैनल मानते थे। जिनके लिए यह पहुंच से बाहर था उनके लिए लागत और जटिलता मुख्य वजहें थीं। अब रुचि रखने वाले एसएमबी में 62 प्रतिशत का मानना है कि इससे नए दर्शक मिल सकते हैं। 59 प्रतिशत ब्रांड अवेयरनेस बढ़ाने की बात करते हैं। 48 प्रतिशत विश्वसनीयता सुधारने का फायदा देखते हैं। अमेजन ऐड्स इंडिया के डायरेक्टर कपिल शर्मा ने कहा कि एआई टूल्स स्ट्रीमिंग टीवी जैसे चैनल खोल रहे हैं जो पहले बड़े ब्रांड्स तक सीमित लगते थे।

अंतरराष्ट्रीय विस्तार में मदद

सीमा पार अभियान पहले भाषा और रणनीति के कारण जटिल थे। अब 56 प्रतिशत उत्तरदाता जो तीन साल पहले इन्हें पहुंच से बाहर मानते थे वे इन्हें ज्यादा सुलभ बताते हैं। अमेजन का सेलर असिस्टेंट एआई के जरिए प्रोडक्ट सुझाव बाजार मांग और देश विशेष नियमों की जानकारी दे रहा है। इससे प्रयोग की लागत घटी है और नए बाजार जल्दी टेस्ट किए जा सकते हैं।

Amazon Ads Study: क्रिएटिव प्रक्रिया में बदलाव

एआई सिर्फ कॉपी या इमेज बनाने तक सीमित नहीं रह गया। 68 प्रतिशत एसएमबी कहते हैं कि इससे वे ज्यादा क्रिएटिव बने। 65 प्रतिशत के अनुसार कैंपेन ऑप्टिमाइजेशन तेज हुआ। 62 प्रतिशत का अनुभव है कि ग्राहक जल्दी मिलते हैं और बजट सुरक्षित रहता है। 55 प्रतिशत मानते हैं कि बड़े बजट वाले ब्रांड्स से मुकाबला आसान हुआ। छोटे टीम्स के साथ बेहतर नतीजे मिल रहे हैं।

मानवीय फैसला अभी भी जरूरी

एसएमबी एआई को पूरी तरह नियंत्रण नहीं सौंप रहे। 40 प्रतिशत मामलों में फैसला बिजनेस ओनर लेते हैं। 32 प्रतिशत में एआई टूल्स के साथ मानवीय समीक्षा होती है। 19 प्रतिशत में मार्केटिंग लीड फैसला करते हैं। पूरी तरह स्वचालित प्रक्रिया बहुत कम है। एआई निष्पादन तेज करता है और फैसले बेहतर बनाता है लेकिन रणनीति मानव के हाथ में रहती है।

Amazon Ads Study: भविष्य की संभावनाएं

92 प्रतिशत एसएमबी का मानना है कि एआई भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण होगा। 64 प्रतिशत कंटेंट जनरेशन के लिए एआई इस्तेमाल करना चाहते हैं। 58 प्रतिशत रणनीतिक योजना और 53 प्रतिशत प्रतिद्वंद्वी विश्लेषण में इसकी भूमिका देखते हैं। क्लोसिया ब्रांड के संस्थापक विशाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि एआई टूल्स से स्टेटिक प्रोडक्ट लिस्टिंग को जल्दी वीडियो ऐड में बदला। स्मार्ट स्ट्रीमिंग टीवी कैंपेन में 80 प्रतिशत नए ग्राहक मिले और सर्च ऐड्स के साथ खरीद तीन गुना बढ़ी।

अमेजन ऐड्स के इस अध्ययन से साफ है कि एआई भारतीय एसएमबी के लिए विज्ञापन की दुनिया खोल रहा है। लागत जटिलता और संसाधनों की बाधाएं कम हो रही हैं। स्ट्रीमिंग टीवी और अंतरराष्ट्रीय बाजार अब ज्यादा सुलभ हैं। क्रिएटिव और ऑप्टिमाइजेशन में तेजी आई है। फिर भी मानवीय निगरानी बरकरार है। 92 प्रतिशत का भरोसा भविष्य में एआई की भूमिका को मजबूत करता है। यह मॉडल एआई समर्थित विज्ञापन का है जहां गति और पहुंच बढ़े लेकिन रणनीति मानव के नियंत्रण में रहे। छोटे व्यवसायों के लिए यह प्रतिस्पर्धा का नया मौका है।

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