Nari Shakti Vandan Adhiniyam: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि महिला आरक्षण लागू करने में सरकार की मदद करें। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए।

इस अपील के साथ उन्होंने सप्तधारा का भी आह्वान किया और पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र किया। स्वतंत्रता दिवस के इस भाषण में महिलाओं के सशक्तिकरण को विशेष जगह दी गई।

महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से सीधे राजनीतिक दलों को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण लागू करने में सरकार की सहायता करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। यह अपील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बावजूद उसके क्रियान्वयन के लिए व्यापक सहमति की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए सभी दलों से सहयोग मांगा। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा गया।

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: सप्तधारा का आह्वान और युवा शक्ति

प्रधानमंत्री ने शक्ति की सप्तधारा का जिक्र करते हुए कहा कि अगले पांच से सात वर्षों में वह हासिल किया जाएगा जो पिछले पांच से सात दशकों में नहीं हो सका। मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, प्रौद्योगिकी, गति-शक्ति, रक्षा, ग्रीन-ब्लू इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को इन सात धाराओं के रूप में बताया। युवाओं की क्षमता का राष्ट्र निर्माण में पूरा उपयोग करने पर जोर दिया गया। महिलाओं के सशक्तिकरण को भी इन धाराओं के साथ जोड़कर देखा गया। देश को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प दोहराया गया।

ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को समय की मांग बताया। 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है। इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की बात कही गई। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया। मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल अभियानों से हर भारतीय के जुड़ने की बात कही गई। ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय हित से जोड़ा गया।

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने बताया कि 12 साल पहले सिर्फ 70 शहरों में पाइप गैस लाइन थी जो अब 700 शहरों तक पहुंच गई है। 1.75 करोड़ घर पाइप गैस से जुड़े हैं। रक्षा उत्पादन चार गुना, खादी उत्पादन पांच गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सात गुना और मोबाइल उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। डिजिटल लेनदेन सौ गुना बढ़े हैं। नल-जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन, शौचालय और आवास की गति कई गुना तेज हुई है। ये आंकड़े विकास की नई रफ्तार को दर्शाते हैं।

बड़े सपने और विकसित भारत 2047

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा। बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि वे सोच का दायरा बढ़ाते हैं। 2047 तक देश को विकसित बनाने का लक्ष्य 140 करोड़ नागरिकों की ताकत से प्रेरित है। कभी Fragile Five में गिने जाने वाले भारत को दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाने का जिक्र किया। 25 करोड़ लोगों के गरीबी रेखा से बाहर निकलने को नागरिकों के संकल्प का परिणाम बताया। बड़े संकल्पों से ही क्षमता नई ऊंचाई तक पहुंचती है।

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: बाढ़ पीड़ितों को भरोसा और अन्य संदेश

प्रधानमंत्री ने हालिया बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वंदे मातरम की धुन पर हर दिल के धड़कने और हर घर में तिरंगे की बात कही। भाषण में देश की एकता और सामूहिक प्रयास पर जोर दिया गया। महिलाओं सहित सभी वर्गों के योगदान को सराहा गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से महिला आरक्षण लागू करने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने महिलाओं को उनका हक दिलाने पर जोर दिया। सप्तधारा, ऊर्जा सुरक्षा, पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी विस्तार से रखा। युवा शक्ति और नागरिकों के संकल्प को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। पूरा देश इन संदेशों को आत्मसात कर आगे बढ़ने की दिशा में काम करेगा। महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय प्राथमिकता देने का यह आह्वान महत्वपूर्ण साबित होगा।

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