Offbeat Border Destinations in India: भारत की सीमाएं सात देशों से लगती हैं। इन सीमाओं के किनारे बसे कई गांव शहरों से दूर हैं लेकिन अपनी खूबसूरती, संस्कृति और भूगोल के कारण खास हैं। यहां की जिंदगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब बीतती है। प्रकृति के साथ स्थानीय परंपराएं भी इन जगहों को अलग बनाती हैं। वाघा के अलावा भारत में ऐसे कई गांव हैं जो पर्यटकों की बकेट लिस्ट में जगह बनाने लायक हैं। इनमें से पांच गांव खास तौर पर चर्चा में हैं।

माना गांव हिमालय की गोद में

उत्तराखंड में बद्रीनाथ के पास 3200 मीटर से ऊंचाई पर माना गांव बसा है। यह भारत-चीन सीमा के नजदीक है। सरकार ने 2022 में इसे अंतिम गांव की जगह पहला गांव का नाम दिया ताकि पर्यटन बढ़े। यहां भोटिया समुदाय रहता है। गांव पौराणिक कहानियों से जुड़ा है। व्यास गुफा और गणेश गुफा प्रमुख आकर्षण हैं। सरस्वती नदी यहीं से निकलती मानी जाती है। महाभारत से जुड़े भीम पुल के अलावा हिमालयी नजारे और ट्रेकिंग रूट यहां पर्यटकों को खींचते हैं।

Offbeat Border Destinations in India: चितकुल किन्नौर का आखिरी गांव

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में चितकुल पुराने भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग पर आखिरी बसा गांव है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां और बास्पा नदी इसे बेहद सुंदर बनाती हैं। यहां पारंपरिक किन्नौरी शैली के लकड़ी के घर देखने को मिलते हैं। बास्पा घाटी के दृश्य, सेब के बाग और ऊंचाई वाले ट्रेकिंग रास्ते प्रकृति प्रेमियों को भाते हैं। शांत माहौल और पहाड़ी संस्कृति यहां की पहचान है।

किबिथू जहां सबसे पहले उगता है सूरज

अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में किबिथू भारत के सबसे पूर्वी आबाद गांवों में गिना जाता है। यहां सूर्योदय देश में सबसे पहले देखने को मिलता है। यह जगह चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब है। सूर्योदय के व्यूपॉइंट, लोहित नदी की घाटी और मिश्मी जनजाति की संस्कृति यहां की खासियत हैं। 1962 के भारत-चीन युद्ध में भी इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व रहा। पहाड़ी नजारे पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

Offbeat Border Destinations in India: नदाबेत गुजरात की नई सीमा पर्यटन जगह

गुजरात के बनासकांठा जिले में नदाबेत सीमा पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है। यहां बीएसएफ की रिट्रीट सेरेमनी देखी जा सकती है जो वाघा से मिलती-जुलती है। रेगिस्तानी इलाका, सीमा दर्शन पर्यटन परिसर और सैन्य इतिहास से जुड़े प्रदर्शन यहां मुख्य आकर्षण हैं। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास की जिंदगी को करीब से समझने का मौका मिलता है।

दावकी साफ पानी और सीमा का संगम

मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक दावकी गांव उमंगोत नदी के क्रिस्टल क्लियर पानी के लिए मशहूर है। यहां नाव की सवारी करना सबसे बड़ा आकर्षण है। सीमा का व्यूपॉइंट भी देखा जा सकता है। पास के श्नोंगपडेंग को घूमा जा सकता है। खासी संस्कृति का अनुभव भी यहां संभव है। साफ पानी वाली नदी और सीमावर्ती माहौल इसे अलग बनाते हैं।

Offbeat Border Destinations in India: इन गांवों की खासियत क्या है?

ये पांचों गांव भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं। कहीं ऊंचे हिमालय हैं तो कहीं रेगिस्तान और साफ पानी वाली नदियां। स्थानीय समुदायों की परंपराएं और सीमा के करीब बसे होने की चुनौतियां इन जगहों को खास बनाती हैं। ऑफबीट यात्रा पसंद करने वाले पर्यटक इन गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। प्रकृति के साथ इतिहास और संस्कृति का मेल यहां अनुभव करने लायक है।

भारत के सीमा क्षेत्रों में बसे माना, चितकुल, किबिथू, नदाबेत और दावकी जैसे गांव साधारण पर्यटन स्थलों से अलग अनुभव देते हैं। हिमालय की ऊंचाई से लेकर रेगिस्तान और नदी किनारे तक यहां अलग-अलग नजारे मिलते हैं। पौराणिक स्थल, जनजातीय जीवन, सूर्योदय के दृश्य और सीमा समारोह इन जगहों को आकर्षक बनाते हैं। ये गांव न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य दिखाते हैं बल्कि सीमा पर रहने वाले लोगों की जिजीविषा भी सामने लाते हैं। जो यात्री भीड़ से दूर अनोखा अनुभव चाहते हैं उनके लिए ये पांच गांव जरूर घूमने लायक हैं।

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